{"_id":"5deeb5228ebc3e87f939ef62","slug":"political-chandigarh-news-pkl3594561146","type":"story","status":"publish","title_hn":"कांग्रेसी पार्षद नहीं जाएंगे टूर पर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कांग्रेसी पार्षद नहीं जाएंगे टूर पर
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कोलकाता और केरल के स्टडी टूर पर नगर निगम के पार्षद जाने वाले हैं। यह टूर 21 से 26 दिसंबर तक का है। इस टूर में कांग्रेसी पार्षद नहीं जाएंगे। कांग्रेस पार्षदों का कहना है कि नगर निगम आर्थिक तंगी से जूझ रहा है। शहर में विकास के कई काम रुके पड़े हैं। ऐसे में स्टडी टूर में होने वाले खर्च को बचाकर विकास के काम में लगाया जा सकता है। इस टूर में करीब 30 लाख रुपये खर्च होने का अनुमान है।
कांग्रेसी पार्षद सतीश कैंथ का कहना है कि वे टूर पर नहीं जाएंगे। वार्ड में काम नहीं हो रहा है। स्टडी टूर के लिए एजेंडा भी तय नहीं है कि केरल और कोलकाता में जाकर क्या करेंगे। फिर ऐसे टूर का क्या मतलब है। यह शहर के लोगों का पैसा है जिन्होंने इस शहर को खड़ा किया है।
गुरबख्श रावत का कहना है कि वे भी टूर पर नहीं जाएंगी। इस पैसे से शहर का विकास हो। नगर निगम में कांग्रेस के प्रतिपक्ष के नेता देवेंदर सिंह बबला का कहना है कि तीन वर्ष पहले किए गए स्टडी टूर पर जो स्टडी निकल कर आई उसे लागू नहीं किया गया। सड़कें टूटी हैं। काफी संख्या में स्ट्रीट लाइट बंद पड़ी हैं। पार्कों की हालत खराब है। ऐसे में स्टडी टूर का कोई मतलब नहीं है। शहर के लोगों के पैसे की बर्बादी है। कांग्रेसी पार्षद रविंदर कौर गुजराल का कहना है कि विकास के काम हों। अभी स्टडी टूर पर जाने की जरूरत नहीं है। पैसे की बर्बादी को रोकना जरूरी है।
विज्ञापन
विज्ञापन
कांग्रेसी पार्षद सतीश कैंथ का कहना है कि वे टूर पर नहीं जाएंगे। वार्ड में काम नहीं हो रहा है। स्टडी टूर के लिए एजेंडा भी तय नहीं है कि केरल और कोलकाता में जाकर क्या करेंगे। फिर ऐसे टूर का क्या मतलब है। यह शहर के लोगों का पैसा है जिन्होंने इस शहर को खड़ा किया है।
विज्ञापन
गुरबख्श रावत का कहना है कि वे भी टूर पर नहीं जाएंगी। इस पैसे से शहर का विकास हो। नगर निगम में कांग्रेस के प्रतिपक्ष के नेता देवेंदर सिंह बबला का कहना है कि तीन वर्ष पहले किए गए स्टडी टूर पर जो स्टडी निकल कर आई उसे लागू नहीं किया गया। सड़कें टूटी हैं। काफी संख्या में स्ट्रीट लाइट बंद पड़ी हैं। पार्कों की हालत खराब है। ऐसे में स्टडी टूर का कोई मतलब नहीं है। शहर के लोगों के पैसे की बर्बादी है। कांग्रेसी पार्षद रविंदर कौर गुजराल का कहना है कि विकास के काम हों। अभी स्टडी टूर पर जाने की जरूरत नहीं है। पैसे की बर्बादी को रोकना जरूरी है।
विज्ञापन