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एक करोड़ फिरौती मामले में पुलिस गैंगस्टर संपत नेहरा से नहीं कर सकेगी पूछताछ
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चंडीगढ़। पंचकूला के ट्रांसपोर्टर से एक करोड़ की फिरौती मांगने के मामले में चंडीगढ़ पुलिस गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के साथी संपत नेहरा से पूछताछ नहीं कर सकेगी।
मंगलवार को दिल्ली की एक अदालत ने अपने फैसले में मकोका एक्ट का हवाला देते हुए कहा कि उसे दिल्ली से बाहर नहीं भेज सकते। दिल्ली कोर्ट के फैसले के बाद चंडीगढ़ पुलिस के इस मामले में हाथ बंध गए हैं, जबकि गैंगस्टर रविंदर उर्फ काली के प्रोडक्शन वारंट पर फैसला बुधवार को आ सकता है। चंडीगढ़ पुलिस ने दोनों गैंगस्टरों से पूछताछ करने के लिए दिल्ली कोर्ट में प्रोडक्शन वारंट लगाया था।
बता दें कि काली का प्रोडक्शन वारंट मिलने के बाद पुलिस उससे गैंग की ओर से चलाए जा रहे रंगदारी रैकेट के बारे में पूछताछ करेगी। विश्वसनीय सूत्रों के मुताबिक पुलिस कुछ केसों को लेकर भी सवाल-जवाब करेगी। बता दें कि दिल्ली पुलिस ने गैंगस्टर संपत नेहरा को मकोका एक्ट के तहत केस दर्ज कर गिरफ्तार किया था।
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बिश्नोई गैंग के गैंगस्टर जेल से चला रहे रंगदारी का खेल
जांच में सामने आया कि लॉरेंस बिश्नोई गैंग के गैंगस्टर शहर में रंगदारी का खेल जारी रखे हैं। सूत्रों के मुताबिक कुछ कारोबारियों से रंगदारी वसूलने की जानकारी पुलिस को मिली थी। इसके बाद पुलिस ने तिहाड़ जेल में बंद संपत नेहरा और रविंदर उर्फ काली शूटर से पूछताछ के लिए दिल्ली कोर्ट में प्रोडक्शन वारंट लगाया था।
8 फरवरी को दी शिकायत, अगले दिन गुर्गा गिरफ्तार
गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के करीबी गैंगस्टर गोल्डी बराड़ ने सेक्टर-32 निवासी ट्रांसपोर्टर अंग्रेज सिंह विर्क से एक करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी। बाद में 25 लाख में बात बन गई। ट्रांसपोर्टर ने संपत के गुर्गे को सात लाख रुपये दे दिए, लेकिन उन्हें फोन आते रहे। इसके बाद पीड़ित 8 फरवरी को परेशान होकर पुलिस के पास पहुंचा। मामले में सेक्टर-34 थाना पुलिस ने केस दर्ज किया है। चंडीगढ़ पुलिस के ऑपरेशन सेल ने किशनगढ़ निवासी गुर्गे मंजीत सिंह उर्फ सोनू (27) को 9 फरवरी को गिरफ्तार किया था। आरोपी से पुलिस ने तीन लाख रुपये, एक पिस्टल, चार कारतूस, 11 सिम और दो मोबाइल बरामद किए हैं। अंग्रेज सिंह का पंचकूला सेक्टर-20 में ट्रांसपोर्टर का काम है। पुलिस के अनुसार मंजीत ने अंग्रेज सिंह का नंबर तिहाड़ जेल में बंद संपत नेहरा को दिया। इसके बाद संपत ने फरार चल रहे गोल्डी बराड़ को नंबर देकर फिरौती के लिए कॉल करवाई।
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मंगलवार को दिल्ली की एक अदालत ने अपने फैसले में मकोका एक्ट का हवाला देते हुए कहा कि उसे दिल्ली से बाहर नहीं भेज सकते। दिल्ली कोर्ट के फैसले के बाद चंडीगढ़ पुलिस के इस मामले में हाथ बंध गए हैं, जबकि गैंगस्टर रविंदर उर्फ काली के प्रोडक्शन वारंट पर फैसला बुधवार को आ सकता है। चंडीगढ़ पुलिस ने दोनों गैंगस्टरों से पूछताछ करने के लिए दिल्ली कोर्ट में प्रोडक्शन वारंट लगाया था।
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बता दें कि काली का प्रोडक्शन वारंट मिलने के बाद पुलिस उससे गैंग की ओर से चलाए जा रहे रंगदारी रैकेट के बारे में पूछताछ करेगी। विश्वसनीय सूत्रों के मुताबिक पुलिस कुछ केसों को लेकर भी सवाल-जवाब करेगी। बता दें कि दिल्ली पुलिस ने गैंगस्टर संपत नेहरा को मकोका एक्ट के तहत केस दर्ज कर गिरफ्तार किया था।
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बिश्नोई गैंग के गैंगस्टर जेल से चला रहे रंगदारी का खेल
जांच में सामने आया कि लॉरेंस बिश्नोई गैंग के गैंगस्टर शहर में रंगदारी का खेल जारी रखे हैं। सूत्रों के मुताबिक कुछ कारोबारियों से रंगदारी वसूलने की जानकारी पुलिस को मिली थी। इसके बाद पुलिस ने तिहाड़ जेल में बंद संपत नेहरा और रविंदर उर्फ काली शूटर से पूछताछ के लिए दिल्ली कोर्ट में प्रोडक्शन वारंट लगाया था।
8 फरवरी को दी शिकायत, अगले दिन गुर्गा गिरफ्तार
गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के करीबी गैंगस्टर गोल्डी बराड़ ने सेक्टर-32 निवासी ट्रांसपोर्टर अंग्रेज सिंह विर्क से एक करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी। बाद में 25 लाख में बात बन गई। ट्रांसपोर्टर ने संपत के गुर्गे को सात लाख रुपये दे दिए, लेकिन उन्हें फोन आते रहे। इसके बाद पीड़ित 8 फरवरी को परेशान होकर पुलिस के पास पहुंचा। मामले में सेक्टर-34 थाना पुलिस ने केस दर्ज किया है। चंडीगढ़ पुलिस के ऑपरेशन सेल ने किशनगढ़ निवासी गुर्गे मंजीत सिंह उर्फ सोनू (27) को 9 फरवरी को गिरफ्तार किया था। आरोपी से पुलिस ने तीन लाख रुपये, एक पिस्टल, चार कारतूस, 11 सिम और दो मोबाइल बरामद किए हैं। अंग्रेज सिंह का पंचकूला सेक्टर-20 में ट्रांसपोर्टर का काम है। पुलिस के अनुसार मंजीत ने अंग्रेज सिंह का नंबर तिहाड़ जेल में बंद संपत नेहरा को दिया। इसके बाद संपत ने फरार चल रहे गोल्डी बराड़ को नंबर देकर फिरौती के लिए कॉल करवाई।