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वारदातें सुलझाने में फेल तो बना दी एसआईटी

Mon, 05 Oct 2015 04:33 PM IST
पवन तिवारी/अमरउजाला, चंडीगढ़
पवन तिवारी/अमरउजाला, चंडीगढ़ Updated Mon, 05 Oct 2015 04:33 PM IST
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police SIT formed for unsolved big crime case

यूटी पुलिस वारदातें सुलझाने में जहां फेल साबित हो रही हैं, वहीं अपनी नाकामी छुपाने के लिए एसआईटी गठित करके महज खानापूर्ति कर रही है। क्यों कि यूटी पुलिस ने नौ बड़े केस सुलझाने के लिए एसआईटी को टीम को जांच सौंपी थी।

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लेकिन आज तक एक भी केस का खुलासा नहीं हो पाया है। इससे भी ज्यादा चौंकाने वाली बात यह है कि एसआईटी टीम की अभी तक जांच पुलिस की प्राथमिक जांच पर ही अटकी हुई है।
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बता दे कि जुलाई 2015 में एसएसपी डॉ. सुखचैन सिंह गिल ने पुलिस विभाग पर दाग बने ऐसे नौ मामलों की लिस्ट तैयार करके  एक एसआईटी टीम का गठन किया था। क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर चिरंजीलाल के नेतृत्व में गठित एसआईटी को तीन महीने से ज्यादा हो गए हैं, लेकिन किसी भी केस की जांच नतीजे तक नहीं पहुंच पहुंची है। हां पुलिस अधिकारियों के पास रटा-रटाया जवाब है कि मामलों की जांच जारी है।
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ये केस आज तक पुलिस जांच में अटके
केस-1: अगस्त 2014 में दिनदहाड़े सेक्टर-22 ज्वैलरी शॉप में सेल्समैन को गोली मारकर युवक गहने लूटकर भाग गया था। पूरी वारदात सीसीटीवी में कैद हुई थी। इसमें लुटेरे का चेहरा भी साफ दिखाई दे रहा था। लेकिन, आज तक वारदात का खुलासा नहीं हो पाया।

केस-2: जुलाई 2014 हरियाणा के अवर सचिव ईश्वर सिंह को सुबह 6 बजे सेक्टर-43 के बस स्टैंड से कार अपहरण कर कार लेकर फरार हो गये थे वो बदमाश भी आज तक पुलिस की पकड़ से बाहर है।

केस-3
मार्च 2015 में  सेक्टर 48 में इसी साल मार्च बीटेक के छात्र से उसकी होंडा सिटी कार एडवोकेट सोसाइटी के पास से छीनकर ले गये थे पर उसका भी आज तक कुछ पता नही लग पाया ।
केस-4
मार्च 2015 एक निजी स्कूल के डायरेक्टर करन सिंह को बंदूक की नोंक पर सेक्टर 49 से अपहरण कर उनकी एसयूवी कार छीनकर जीरकपुर छोड़ कर फरार हो गये थे ।
केस-5
जुलाई 2010 में सेक्टर 38 वेस्ट छात्रा नेहा अहलावत की खून से सना शव मिला था वो र्भी आज पांच साल बीत जाने केबाद आज  तक अनसुलझा है।
केस-6
अगस्त 2009 में सेक्टर 42 में बैंक ऑफिसर की पत्नी संतोष कुमारी की हत्या  हुई थी।
केस-7
मई 2009 में शॉम फैशन मॉल केमालिक अमरजीत खुराना  की सेक्टर 35 में उनके घर केबाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
केस-8
इस साल जून एक को सेक्टर 8 स्कोर डिस्कों के बाहर नौ राउंड गोली चला कर लड़की समेत तीन को घायल कर चार लड़केभाग गये थे । हालांकि इस मामले में एक आरोपी को दबोचने केबाद भी तीन आरोपी फरार है।
केस-9
नेशनल शूटर सुखमनप्रीत सिंह सिद्धु की हत्या के मामले में भी पुलिस ने दूसरे दिन ही एसआईटी का गठन कर दिया था परंतु  दो हफ्ते का समय बीतने के बाद भी पुलिस खाली हाथ ही है।

चंडीगढ़ पुलिस इनमें से कुछ केसों में सुराग देने वाले को पचास हजार से लेकर पांच लाख तक नगद इनाम की घोषणा की है। इसके बावजूद पुलिस के हाथ इस वारदातों से जुड़े कोई सुराग नही लग पाए। अभी तक एसआईटी की जांच की बात करे तो पुलिस हवा में तीर चलाती नजर आ रही है।


डा. सुखचैन सिंह गिल एसएसपी ने बताया कि गठित एसआईटी मामलों की जांच में दोबारा से जुटी है। पुराने मामलों के हर प्वाइंट पर जांच में थोड़ा समय लगता है। लेकिन, हम जल्द ही मामलों को सुलझा लेंगे।

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