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Ludhiana News: पुलिस ने 'मृतक' पर दर्ज किया धोखाधड़ी का मामला, पिता बोला- हो चुकी है मौत
Wed, 17 Aug 2022 09:41 AM IST
ajay kumar
संवाद न्यूज एजेंसी, लुधियाना (पंजाब)
संवाद न्यूज एजेंसी, लुधियाना (पंजाब)
Published by: ajay kumar
Updated Wed, 17 Aug 2022 09:41 AM IST
सार
थाना प्रभारी कुलवंत सिंह ने कहा कि फिलहाल मृतक के पिता शुभ दर्शन कुमार ने फोन पर दक्ष पाहवा को बताया कि उसका बेटा मर चुका है। मगर दीपक की मौत के संबंध में कोई दस्तावेज अथवा मृत्यु प्रमाण पत्र सामने नहीं आया है। उसका पता भी गलत है। हो सकता है कि वो जिंदा ही हो।
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विस्तार
पुलिस के करनामों की हमेशा चर्चा होती है। अब एक और अजीब कारनामा किया है पंजाब की लुधियाना पुलिस ने। यहां एक कंपनी के साथ धोखाधड़ी के मामले में थाना फोकल प्वाइंट पुलिस ने मरे व्यक्ति के खिलाफ ही कई धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। एक फैक्टरी में लाखों रुपये का उलट फेर करने के साथ-साथ कंपनी के दस्तावेज गायब होने का मामला प्रकाश में आया था। इसी मामले में पुलिस ने केस दर्ज किया है।
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फैक्टरी मालिक माडल टाऊन निवासी दक्ष पाहवा ने इसकी शिकायत पुलिस के आलाधिकारियों के पास की। पुलिस ने मामले की जांच के बाद आरोप सही मिलने पर ताजपुर रोड भामियां खुर्द रामदास नगर निवासी दीपक कुमार के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि दीपक पुलिस के रिकार्ड में मृत नहीं है। अगर परिवार वाले कोई दस्तावेज पेश करेंगे तो माना जाएगा कि वह मर चुका है।
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दक्ष पाहवा की शिकायत के मुताबिक फोकल प्वाइंट फेस-2 में उनकी नार्थन इंटरप्राइजेस प्राइवेट लिमिटेड के नाम से फर्म है। आरोपी दीपक उनकी फैक्टरी में चीफ अकाउंटेंट के तौर पर काम करता था। एक फरवरी से उसने बिना सूचना फैक्ट्री में आना बंद कर दिया। जब उसके मोबाइल पर फोन किया गया तो उसके पिता ने बताया कि 31 जनवरी की रात दीपक को हार्ट अटैक आया था। उसे डीएमसी में भर्ती कराया गया, जहां उसकी कोरोना रिपोर्ट भी पॉजिटिव आई। कुछ समय बाद उसकी मौत हो गई। इस बात का पता चलने के बाद जब उन्होंने फैक्ट्री के दस्तावेज तलाशना शुरू किया तो पता चला कि आरोपी ने जीएसटी का पासवर्ड, ई-मेल आईडी और मेल आईडी का एड्रेस बदल दिया था। जीएसटी के साथ रजिस्टर्ड नंबर को हटाकर उसने अपना मोबाइल नंबर अटैच कर दिया था। रिकॉर्ड चेक करने पर पता चला कि कैश वाउचर, जनरल वाउचर, जीएसटी, पीएफ, ईएसआई के चालान भी गायब थे।
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आरोपी ने 19 जनवरी के दिन पंजाब नेशनल बैंक में चेक लगाकर 5.87 लाख रुपये भी निकलवाए थे। आरोपी ने कंपनी में अपना जो आधार कार्ड दिया था, उस पर लिखा पता भी गलत निकला। ऐसा करके उसने उनके साथ धोखाधड़ी की है। मामले की जांच कर रहे अधिकारियों ने आरोप सही मिलने के बाद केस दर्ज करने की सिफारिश की। डीए लीगल की राय लेने के बाद पुलिस ने केस दर्ज कर लिया।
थाना प्रभारी कुलवंत सिंह ने कहा कि फिलहाल मृतक के पिता शुभ दर्शन कुमार ने फोन पर दक्ष पाहवा को बताया कि उसका बेटा मर चुका है। मगर दीपक की मौत के संबंध में कोई दस्तावेज अथवा मृत्यु प्रमाण पत्र सामने नहीं आया है। उसका पता भी गलत है। हो सकता है कि वो जिंदा ही हो। उसके पिता से पूछताछ की जाएगी। इसके बाद ही सच्चाई सामने आएगी।