अमृतसर ब्लास्टः पुलिस स्टेशन से 5 मिनट की दूरी पर है निरंकारी भवन, बड़ी लापरवाही आई सामने
आईबी और सेना अध्यक्ष बिपिन रावत की चेतावनी के बाद पूरे सूबे में हाई अलर्ट था लेकिन यह हाई अलर्ट महज कागजों तक ही सिमटा था। आतंकवादी थाने से महज पांच मिनट की दूरी पर स्थित निरंकारी भवन में घुसकर ग्रेनेड से हमलाकर फरार हो गए। हालांकि राजासांसी एक महत्वपूर्ण एरिया है क्योंकि यहां पर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट है लेकिन एक भी पुलिस मुलाजिम राजासांसी चौराहे या निरंकारी भवन के बाहर तैनात नहीं था। पुलिस रविवार की छुट्टी मनाती रही और आतंकवादी हाई अलर्ट के बीच मोटरसाइकिल पर सवार होकर पहुंचे और वारदात कर आराम से फरार हो गए।
अमृतसर बाईपास से अजनाला सेक्टर पाकिस्तान सीमा पर जाने वाले रास्ते में अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट से कुछ दूरी पर राजासांसी चौक है, जहां पर एक तरफ पुलिस का थाना बना हुआ है। चौराहे से दूसरी तरफ जाने वाले रास्ते पर गांव अदलीवाल है, जो चौराहे से महज पांच मिनट की दूरी पर है। गांव अदलीवाल में ही निरंकारी भवन है। हाई चौकसी के बाद इस संवेदनशील मार्ग पर एक भी पुलिस मुलाजिम तैनात नहीं था।
गांव अदलीवाल में निरंकारी भवन की सुरक्षा के लिए भी कोई पुलिस वाला नहीं लगाया गया था। भवन के सामने कोठी वाले मालिक करणदीप सिंह बताते हैं कि वारदात के बाद भी पुलिस काफी समय के बाद पहुंची।
गायब रही रेपिड रूरल रिस्पांस टीम...
एक जुलाई 2016 को पंजाब में रेपिड रूरल रिस्पांस टीम को मैदान में उतारा गया था। तत्कालीन डिप्टी सीएम सुखबीर बादल का दावा था कि प्रणाली के शुरू हो जाने के बाद अब सूबे के हर गांव के लोगों को 20 मिनट के भीतर पुलिस सहायता मिल जाएगी। पहले ही दिन 400 मोटरसाइकिल तथा 220 चार पहिया वाहनों को रैपिड रूरल रिस्पांस सिस्टम के तहत हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया था। इसका मुख्य उद्देश्य गांवों में जाकर लोगों की सुरक्षा करना था और इनको टॉस्क भी गांवों का दिया गया था लेकिन रविवार की घटना में यह टीम भी हाई चौकसी के दौरान नहीं दिखाई दी।
हर स्थान पर सुरक्षा मुहैया नहीं करवाई जा सकती : डीजीपी
डीजीपी सुरेश अरोड़ा का कहना है कि हर स्थान पर पुलिस पहरा नहीं दे सकती। हमारी तरफ से अलर्ट के बाद काफी चौकसी बरती जा रही थी और कई गाइडलाइन जारी की गई थी।