{"_id":"58e293264f1c1b0c755b3c67","slug":"police-now-submit-there-answer-via-e-waiting-system","type":"story","status":"publish","title_hn":"हाईकोर्ट के चक्कर काटने से बचे 21 हजार पुलिस कर्मी, अब ऐसे दायर करेंगे जवाब","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हाईकोर्ट के चक्कर काटने से बचे 21 हजार पुलिस कर्मी, अब ऐसे दायर करेंगे जवाब
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Tue, 04 Apr 2017 09:23 AM IST
विज्ञापन
हरियाणा पुलिस
- फोटो : file photo
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हरियाणा के 21 हजार पुलिस कर्मी अब हाईकोर्ट के चक्कर काटते नजर नहीं आएंगे। साल भर में ये कर्मी जवाब दायर करने के लिए कोर्ट में पहुंचते थे। इनकी सुविधा के लिए महाधिवक्ता कार्यालय ने नायाब पहल की है। पंजाब-हरियाणा उच्च न्यायालय में मामलों की पेशी के दौरान पुलिस अधिकारी अपने जवाब अब ई-वेटिंग प्रणाली के माध्यम से प्रस्तुत कर पाएंगे। ई-पुनरीक्षण परियोजना के नोडल अधिकारी उप-महाधिवक्ता हिम्मत सिंह ने बताया कि सभी पुलिस अधीक्षकों के साथ बैठक कर उन्हें यूजर आईडी और पासवर्ड जारी कर दिए गए हैं।
पुलिस कर्मियों को अपने संबंधित कार्यालय से महाधिवक्ता कार्यालय को ऑनलाइन जवाब दायर करना होगा। न्यायालय में प्रस्तुत किए जाने से पूर्व विधि अधिकारी इसका पुनरीक्षण करेंगे। ई-वेटिंग प्रणाली से एक वर्ष में लगभग एक करोड़ रुपये की बचत होने की उम्मीद है। दूसरे चरण में इसे हरियाणा सिविल सचिवालय कार्यालय से जोड़ा जाएगा। ई-वेटिंग प्रणाली से न केवल समय व पैसे की बचत होगी, बल्कि पुलिस कर्मियों को भी चंडीगढ़ नहीं आना पडे़गा।
यह प्रणाली एसएमएस और ई-मेल अलर्ट के साथ भी जोड़ी जाएगी। वर्तमान में पुलिस विभाग के लगभग 40,000 मामले न्यायालय में लंबित हैं। इसके अलावा एक लाख सिविल मामले भी हैं और ऑनलाइन मोड में इन मामलों की मानीटरिंग में काफी कठिनाई आ रही थी।
विज्ञापन
विज्ञापन
पुलिस कर्मियों को अपने संबंधित कार्यालय से महाधिवक्ता कार्यालय को ऑनलाइन जवाब दायर करना होगा। न्यायालय में प्रस्तुत किए जाने से पूर्व विधि अधिकारी इसका पुनरीक्षण करेंगे। ई-वेटिंग प्रणाली से एक वर्ष में लगभग एक करोड़ रुपये की बचत होने की उम्मीद है। दूसरे चरण में इसे हरियाणा सिविल सचिवालय कार्यालय से जोड़ा जाएगा। ई-वेटिंग प्रणाली से न केवल समय व पैसे की बचत होगी, बल्कि पुलिस कर्मियों को भी चंडीगढ़ नहीं आना पडे़गा।
विज्ञापन
यह प्रणाली एसएमएस और ई-मेल अलर्ट के साथ भी जोड़ी जाएगी। वर्तमान में पुलिस विभाग के लगभग 40,000 मामले न्यायालय में लंबित हैं। इसके अलावा एक लाख सिविल मामले भी हैं और ऑनलाइन मोड में इन मामलों की मानीटरिंग में काफी कठिनाई आ रही थी।
विज्ञापन