शिक्षा मंत्री के कोठी के सामने बेरोजगार अध्यापकों पर लाठीचार्ज, वाटर कैनन का भी इस्तेमाल
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अपनी मांगों को लेकर शिक्षा मंत्री की कोठी के सामने प्रदर्शन करने पहुंचे बेरोजगार अध्यापकों पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया। साथ ही पानी की बौछारें भी कीं। इससे गुस्साएं बेरोजगार अध्यापक धरना लगाकर बैठ गए और शिक्षा मंत्री के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
इससे पहले प्रदर्शनकारियों ने कैप्टन अमरिंदर सिंह और शिक्षामंत्री विजयइंद्र सिंगला के पुतले उठाकर शहर में रोष मार्च निकाला। गौरतलब है कि 80 दिनों से स्थानीय जिला प्रबंधकीय कांप्लेक्स के समक्ष बीएड टेट पास बेरोजगार अध्यापक पक्का मोर्चा लगाए बैठे हैं।
यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष सुखविंदर सिंह ढिल्लवां और प्रदेश सचिव गुरजीत कौर खेड़ी ने कहा कि आज जिस क्रूरता से पुलिस प्रशासन ने बेरोजगार अध्यापकों पर लाठीचार्ज किया है यह आने वाले समय में सरकार के ताबूत पर कील साबित होगी। बेरोजगार टेट पास अध्यापक शिक्षा मंत्री की चालों में नहीं आएंगे क्योंकि बेरोजगार समझ गए हैं कि सरकार के रोजगार मेले ड्रामे साबित हो चुके हैं।
प्रदेश कमेटी सदस्य गुरदीप मानसा और युद्धजीत बठिंडा ने आरोप लगाया कि यह सरकार पंजाब के नौजवानों को किसी भी कीमत पर रोजगार नहीं देना चाहती। उनका संघर्ष जहां रोजगार के लिए लंबे समय से चल रहा है, वहीं 55 प्रतिशत की नीति रद्द करवाने के लिए और आयु सीमा 42, 47 करवाने के लिए चल रहा है। मांगों की पूर्ति के लिए जारी रहेगा।
मौके पर डीटीएफ के जिलाध्यक्ष बलवीर चंद लौंगोवाल और दाता सिंह नमोल ने लाठीचार्ज की सख्त शब्दों में आलोचना करते हुए शिक्षा मंत्री को चेतावनी दी कि जल्द ही बेरोजगार अध्यापकों को रोजगार मुहैया करवाया जाए अन्यथा संघर्ष को तेज कर दिया जाएगा। खबर लिखे जाने तक बेरोजगार अध्यापकों का शिक्षामंत्री की कोठी के सामने धरना जारी था।