कोरोना वायरस: पीएम मोदी ने पंजाब मॉडल को सराहा, सभी राज्यों को अपनाने की सलाह दी
- कैप्टन से पीएम की वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिये हुई बातचीत
- पंजाब के माइक्रो कंट्रोल और घर-घर निगरानी मॉडल को सराहा
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कोविड से निपटने में पंजाब की माइक्रो कंट्रोल (सूक्ष्म नियंत्रण) विधि और घर-घर सर्वेक्षण नीति की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को सराहना की। उन्होंने सभी राज्यों को यह मॉडल अपनाने को कहा है। इसी मॉडल से पंजाब को महामारी को रोकने में बड़ी सफलता हासिल हुई है। सभी राज्यों में कोविड की स्थिति और इसे रोकने के लिए अपनाई जा रही नीति की समीक्षा करने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री ने मंगलवार को पंजाब समेत कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों से वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए बैठक की।
इसी दौरान मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह अपने राज्य में कोरोना से निपटने के मॉडल का जिक्र किया। इसके अलावा कैप्टन ने प्रधानमंत्री को एक ग्रुप बनाने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि इस ग्रुप में कुछ मुख्यमंत्री शामिल किए जाएं जो देशभर में अर्थव्यवस्था और सरकारों पर कोविड के विनाशकारी प्रभावों संबंधी विचार-विमर्श करते हुए केंद्र और राज्यों के बीच तालमेल स्थापित करें।
केंद्र को राज्यों के साथ मिलकर काम करना चाहिए: कैप्टन
प्रधानमंत्री के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस में पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने अपील की कि कोरोना महामारी और लॉकडाउन से हुई परेशानी को दूर करने के लिए केंद्र को राज्यों के साथ मिलकर काम करना चाहिए। कैप्टन ने याद दिलाया कि जब अप्रैल महीने के शुरू में उन्होंने कहा था कि कोविड सितंबर महीने तक चलेगा तो कुछ लोगों ने इसे डर फैलाने की वजह बताया था।
उन्होंने जोर देते हुए कहा कि अब जब विशेषज्ञ चेतावनी दे रहे हैं कि यह सितंबर महीने के बाद भी जारी रह सकता है तो यह और भी महत्व रखता है कि हम कोविड के साथ रहना सीखें और इसके साथ बढ़िया ढंग से निपटें। उन्होंने इस कारण केंद्र और राज्य सरकारों के आपसी सहयोग के साथ काम करने की जरूरत पर जोर दिया। प्रधानमंत्री की वीडियो कॉन्फ्रेंस में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और स्वास्थ्य मंत्री डा. हर्षवर्धन भी शामिल रहे।
केंद्र को भेजा मांग पत्र याद दिलाया
पंजाब के वित्तीय संकट को घटाने के लिए जरूरी कदमों का आह्वान करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार को एक विस्तृत मांग पत्र पहले ही भेजा जा चुका है, जिसमें कोविड के प्रभावों की सूची और वित्तीय एवं गैर-वित्तीय सहायता की मांग की गई है। उन्होंने जून महीने के शुरू में जीएसटी के 2800 करोड़ रुपये की राशि जारी करने के लिए प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि विभिन्न स्रोतों से आय वसूली में करीब 25000 से 30000 करोड़ की कमी होने के कारण पंजाब में संकट और गहरा होने की संभावना है।