मोदी के 'मन की बात' सुन इस गांव में खुशियां
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मन की बात कार्यक्रम में पीएम नरेंद्र मोदी द्वारा प्रशंसा करने पर हरियारणा के जींद के गांव बीबीपुर में खुशियां छा गईं। सेल्फी बनाओ प्रतियोगिता से ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ मुहिम से जुड़ने पर गांव की प्रशंसा करने पर महिलाओं ने नाच गाकर पीएम का धन्यवाद किया।
गांव के लोगों का कहना है कि उनको विश्वास ही नहीं हो रहा था कि प्रधानमंत्री उनके सरपंच और गांव का नाम लेकर प्रशंसा कर रहे हैं। सरपंच सुनील जागलान का कहना है कि वे गांव वालों साथ पीएम की मन की बात कार्यक्रम को सुन रहे थे। अचानक गांव का नाम सुनते ही गांव में खुशी छा गई। अब गांव की महिलाएं पीएम नरेंद्र मोदी से मिलकर धन्यवाद देना चाहती हैं।
गांव के सरपंच सुनील जागलान ने बताया कि उनकी सेल्फी प्रतियोगिता देशभर में प्रसिद्ध होने के बाद यह संभावना प्रबल हो गई थी कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रेडियो पर मन की बात कार्यक्रम में गांव की पंचायत का जरूर जिक्र करेंगे। उन्हें इतनी उम्मीद नहीं थी कि प्रधानमंत्री इतनी देर तक ग्राम पंचायत की ‘सेल्फी बनाओ, बेटी बचाओ’ प्रतियोगिता की प्रशंसा करेंगे।
उनको उम्मीद थी कि एक या दो लाइन में ग्राम पंचायत का जिक्र कर सकते है, लेकिन पीएम ने पूरे विषय पर दिल खोलकर बात की है। इससे गांव में खुशी का माहौल है। उन्होंने कहा कि देश की आजादी के बाद नरेंद्र मोदी पहले ऐसे पीएम हैं जो रेडियो के माध्यम से ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ जैसे विषयों को उठाकर देश की जनता का दिल जीतने का काम किया है।
जिस तरह से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसको सराहा है, वैसे ही अब वे दिन दूर नहीं, जब देश का हर जिला, हर गांव ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ मुहिम से जुड़ेगा और हरियाणा प्रदेश में जो लिंगानुपात बिगड़ा हुआ है उसमें काफी सुधार होगा। मन की बात कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गांव बीबीपुर का नाम लेकर देश में बीबीपुर को अलग पहचान दे दी है।
‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान पर पंचायत का नाम
सरपंच सुनील जागलान ने कहा कि उनको उम्मीद नहीं थी कि प्रधानमंत्री उनकी इतनी प्रशंसा करेंगे और उनका नाम लेकर संबोधित करेंगे। वह पीएम की हर बार मन की बात को सुनते थे। कई दिन पहले अपने फेसबुक पर अपडेट करके लोगों से पूछा था कि पीएम की मन की बात का रेडियो पर प्रसारण कब होगा।
आज सुबह गांव में कोई पंचायत आई थी, उसी से बात करने में लगा था। पंचायत में व्यस्त होने के कारण पांच मिनट की पीएम की मन की बात को नहीं सुन पाया। जब रेडियो ऑन किया तो पीएम मन की बात कर रहे थे।
काफी देर के बाद जैसे ही पीएम ने ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान पर बोलना शुरू किया तो उसके पास मौजूद ग्रामीणों ने गौर से रेडियो को सुनना शुरू कर दिया। इसके तुरंत बाद ही पीएम नरेंद्र मोदी ने हरियाणा का जिक्र कर उनके गांव बीबीपुर की पंचायत और सरपंच सुनील जागलान नाम लेकर संबोधित करने पर खुशी छा गई।
यह थी सेल्फी बनाओ प्रतियोगिता
सरपंच सुनील जागलान ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ मुहिम में आहुति देने के लिए ग्राम पंचायत बीबीपुर की तरफ से 9 से 18 जून तक ‘सेल्फी बनाओ, बेटी बचाओ’ प्रतियोगिता का आयोजन किया। यह मुहिम इतनी प्रसिद्ध हुई विभिन्न राज्यों से 794 सेल्फी उनके पास पहुंची। 19 जून को पंचायत ने गांव में कार्यक्रम करके बेस्ट सेल्फी का चुनाव किया। इसमें ग्राम पंचायत ने दिल्ली निवासी अमर डागर, लाडवा (कुरुक्षेत्र) के अमित डागर और रोहतक रोड जींद निवासी भूप सिंह वर्मा की सेल्फी को बेस्ट सेल्फी चुना। इसके अलावा 15 लोगों की सेल्फी को सांत्वना पुरस्कार से नवाजा भी था।
महिलाओं के नाम से पहचान
गांव को महिलाओं के नाम से पहचान दिलवाने के लिए सरपंच सुनील जागलान ने गांव के मुख्य मार्ग पर एक तोरणद्वार भी बनवाया, जिस पर लिखा गया ‘बीबीपुर द विमन्स वर्ल्ड’ इसके अलावा गांव में महिलाओं के लिए पुस्तकालय, लाडो मार्ग और लाडो स्थल का निर्माण करवाया गया। गांव में लाडो सरोवर पर भी काम चल रहा है।
बेटी के जन्म पर दी टिप
सरपंच सुनील जागलान के अनुसार 24 जनवरी 2012 उनके घर में बेटी ने जन्म लिया। इस उन्होंने नर्स को 500 रुपये की टिप दी, लेकिन नर्स ने यह कहकर इसे लेने से मना कर दिया कि यदि बेटा होता तो वे ले लेती। अभी तो सिर्फ 50 रुपये ही ले सकती है, लेकिन सरपंच सुनील जागलान ने इसे अपनी खुशी बताकर नर्स को टिप दी। इसके बाद गांव में मिठाई भी बंटवाई गई, जो लोगों के लिए प्रेरणा का माध्यम बना।
पांच साल की उपलब्धियां
1. भारत की पहली पेन कार्ड धारक पंचायत।
3. लिंग अनुपात सुधारने में कदम उठाने पर राष्ट्रीय पुरस्कार जीतने वाली एकमात्र ग्राम पंचायत।
4. देश की किसी भी राज्य से एक करोड़ का पुरस्कार लेने वाली भारत की पहली पंचायत।
5. गांव में वाईफाई सुविधा उपलब्ध करवाई
6. ई-मेल के माध्यम से आरटीआई उपलब्ध करवाने की व्यवस्था की
7 . गांव की चौपाल में महिलाओं की पहली ग्राम पंचायत करवाई।