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Chandigarh News: हॉकी में खिलाड़ी देश का नाम रोशन कर रहे, क्रिकेट में पीछे छूट रहा शहर

Thu, 28 Aug 2025 11:46 PM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Thu, 28 Aug 2025 11:46 PM IST
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Players are making the country proud in hockey, the city is lagging behind in cricket
चंडीगढ़। देशभर में हॉकी का गौरव बढ़ाने में चंडीगढ़ के खिलाड़ियों का योगदान लगातार महत्वपूर्ण रहा है। यह छोटा सा शहर कई अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी तैयार कर चुका है। जूनियर स्तर पर चंडीगढ़ की टीम ने 2021, 2022 और 2023 में राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में सिल्वर मेडल जीतकर अपनी क्षमता साबित की है। लेकिन क्रिकेट में यहां के खिलाड़ी पीछे छूट रहे हैं। अर्शदीप जैसे कुछ नाम जरूर निकले हैं लेकिन वह चंडीगढ़ की जगह पंजाब की तरफ से खेलते हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चमकने वाले सितारों का सफर अक्सर इसी शहर से शुरू होता है, इसके बावजूद लंबे समय तक उनका चंडीगढ़ से जुड़े रहना मुश्किल हो जाता है।
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हॉकी में मौजूदा समय में टीम इंडिया के डिफेंडर और ओलंपियन संजय कुमार चंडीगढ़ का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। जबकि बलजीत सिंह जो टीम इंडिया के लिए गोलकीपर की भूमिका अदा कर चुके हैं, वह भी चंडीगढ़ के खिलाड़ी रहे हैं। खिलाड़ियों की इन उपलब्धियों ने चंडीगढ़ हॉकी एसोसिएशन की प्रतिष्ठा को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत किया है।
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नौकरी पॉलिसी न होने की वजह से पंजाब और हरियाणा चले जाते खिलाड़ी

चंडीगढ़ खेल नीति में मौजूदा समय नौकरी देने का प्रावधान नहीं है। ऐसे में हॉकी समेत ज्यादातर खेलों से जुड़े खिलाड़ी चंडीगढ़ में सीखने के बाद पंजाब और हरियाणा का रुख कर लेते हैं। चंडीगढ़ हॉकी एसोसिएशन के वाइस-प्रेसिडेंट अनिल बोरा का कहना है कि चंडीगढ़ में खेलों की सुविधाएं बेहतर हैं और प्रतिभाशाली खिलाड़ी लगातार निकलते हैं। समस्या यह है कि यहां की खेल नीति खिलाड़ियों को नौकरी की गारंटी नहीं देती। यहां इनामी राशि तो हरियाणा और पंजाब के बराबर मिल जाती है, लेकिन रोजगार न मिलने की वजह से खिलाड़ी मजबूर होकर दूसरे राज्यों का रुख कर लेते हैं। यही कारण है कि कई खिलाड़ी चंडीगढ़ से निकलने के बावजूद बाद में हरियाणा या पंजाब का प्रतिनिधित्व करने लगे। उन्होंने बताया कि इसको लेकर पंजाब के राज्यपाल और चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया से बात की गई है कि यहां के खिलाड़ियों को नौकरी का प्रावधान दिया जाए।
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रणजी से एक भी खिलाड़ी टीम इंडिया तक नहीं पहुंचा

साल 2019 में चंडीगढ़ की रणजी टीम तैयार हो गई थी। लेकिन छह साल में एक भी बड़ा खिलाड़ी यहां से नहीं निकला। अर्शदीप सिंह चंडीगढ़ के रहने वाले हैं लेकिन वह रणजी में पंजाब से खेलते हैं। इसी तरह मौजूदा टेस्ट टीम में टीम इंडिया के कप्तान शुभमन गिल ने भी मोहाली से क्रिकेट खेला है। सेक्टर-16 स्टेडियम से एक समय युवराज सिंह और उससे पहले कपिल देव जैसे बड़े खिलाड़ी क्रिकेट सीखकर आगे निकले हैं। हाल ही में दिलीप ट्रॉफी का चयन हुआ तो उसमें भी चंडीगढ़ से कोई खिलाड़ी नहीं चुना गया। केवल एक खिलाड़ी को अतिरिक्त खिलाड़ी के तौर पर टीम में जगह दी गई।
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