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Punjab RPG Attack: आरपीजी अटैक के पीछे पीआईओ और खालिस्तानी नेटवर्क, डीजीपी का दावा-जल्द होगा खुलासा
Thu, 15 Dec 2022 10:04 AM IST
निवेदिता वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Thu, 15 Dec 2022 10:04 AM IST
सार
डीजीपी ने कहा कि कुछ साल पहले होता था कि गैंगस्टरों या आतंकियों को विदेशों में जाकर इस संबंधी ट्रेनिंग दी जाती थी, लेकिन अब समय बदल चुका है। इंटरनेट पर सारी चीजें मौजूद हैं।
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तरनतारन आरपीजी हमला।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
तरनतारन के सरहाली थाने पर आरपीजी हमले में पाकिस्तान इंटेलिजेंस आफिस (पीआईओ) और खालिस्तानी नेटवर्क का नाम सामने आया है। हमले की साजिश वहीं रची गई और सरहद पार से ही आरपीजी आया था। जल्दी ही इसका मास्टर माइंड भी सामने आएगा। पंजाब के डीजीपी गौरव यादव ने यह जानकारी दी।
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गौरव यादव ने कहा कि जांच काफी एडवांस स्टेज पर है। मामला राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा हुआ है, इसलिए इस बारे में ज्यादा नहीं बता सकते। उन्होंने कहा कि जब से आईएसआई प्रमुख को पाकिस्तान का सेना प्रमुख बनाया गया है, तब से सीमा पर आतंकी गतिविधियों में वृद्धि हुई है।
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पंजाब के सभी थानों का होगा सिक्योरिटी ऑडिट
डीजीपी ने बताया कि तरनतारन में थाने पर हमले के बाद पुलिस अलर्ट है। पंजाब के 400 पुलिस थानों का सिक्योरिटी ऑडिट करवाया जा रहा है। जहां पर खामियां हैं, उन्हें दूर किया जा रहा है। इसमें थानों में सुरक्षा दीवारें, हाई मास्ट लाइटें, कैमरे से लेकर अन्य इंतजाम पूरे किए जा रहे हैं। थानों व पुलिस से जुड़ी इमारतों की सुरक्षा भी बढ़ाई गई है।
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रिंदा के मौत की प्रामाणिक सचना नहीं
जब उनसे पूछा गया कि पता चला है कि सीमा पार से दो तीन आरपीजी और आए हैं तो उनका जवाब था कि इस मामले में कुछ नहीं कहा जा सकता है। टीमें मामले की जांच में जुटी हुई हैं। वहीं, गैंगस्टर गोल्डी बराड़ के मामले में कहा कि वह विदेशी एजेंसियों के संपर्क में है, जबकि रिंदा की मौत वाली खबर मीडिया वाली है। कोई प्रामाणिक सूचना उनके पास नहीं है।
अब आतंकी ट्रेनिंग इंटरनेट से
मीडिया के सवाल का जवाब देते हुए डीजीपी ने कहा कि कुछ साल पहले होता था कि गैंगस्टरों या आतंकियों को विदेशों में जाकर इस संबंधी ट्रेनिंग दी जाती थी, लेकिन अब समय बदल चुका है। इंटरनेट पर सारी चीजें मौजूद हैं जिसका लोग अपने हिसाब से प्रयोग कर रहे हैं।
युवा मिस गाइड न हो, इसलिए भरती शुरू की
डीजीपी ने बताया कि बेरोजगार युवा मिस गाइड हो रहे हैं। थोड़े से पैसों के चक्कर में इस तरह के कदम उठा रहे हैं। इसे रोकने के लिए अब पंजाब पुलिस ने भरती प्रक्रिया शुरू करने का फैसला लिया है। हर साल जब युवाओं को नौकरी का मौका मिलेगा तो युवा इस तरह मिस गाइड होने से बचेंगे।