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Highcourt: केक से बच्ची की मौत मामले में दायर जनहित याचिका खारिज, HC ने कहा-अभी जांच चल रही है

Thu, 11 Apr 2024 09:01 AM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Thu, 11 Apr 2024 09:01 AM IST
सार

हाईकोर्ट ने कहा कि अभी मांगपत्र दाखिल किए हुए कुछ दिन भी नहीं हुए हैं और पंजाब पुलिस मामले की जांच कर रही है। ऐसे में अभी यह याचिका प्रीमैच्योर है और ऐसे में इसे खारिज कर दिया।
 

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PIL filed in case of girl death due to cake rejected by Highcourt
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट - फोटो : File Photo

विस्तार

पटियाला में केक खाने के बाद संदिग्ध हालात में बच्ची की मौत के मामले में दायर जनहित याचिका को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया है। याचिका में मिलावटखोरों पर कार्रवाई और फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड एक्ट का सही पालन सुनिश्चित करने का निर्देश जारी करने की मांग की गई थी।
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याचिका दाखिल करते हुए मोहाली निवासी एडवोकेट कुंवर पाहुल सिंह ने हाईकोर्ट को बताया कि 24 मार्च, 2024 को अपने जन्मदिन पर केक खाने के बाद 10 साल की बच्ची मानवी की मौत हो गई थी। बीते कुछ समय में मिलावट का खेल बहुत अधिक बढ़ गया है, लेकिन इसे रोकने के लिए सक्षम अधिकारियों द्वारा कार्रवाई नहीं की जा रही है। 2013 में सुप्रीमकोर्ट ने फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया को आदेश दिया था कि मिलावट को रोकने के लिए मंडियों का लगातार निरीक्षण किया जाए और मिलावट के धंधे पर लगाम लगाई जाए।
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2016 में एक अन्य मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्यों को फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड एक्ट का पालन सुनिश्चित करने का आदेश दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र व राज्य को आदेश दिया था कि डेयरी व अन्य प्रकार के कार्य करने वालों को चेतावनी दी जाए और बताया जाए कि ऐसा साबित होने पर उनके खिलाफ ठोस कार्रवाई होगी। इसके बावजूद मिलावट का धंधा रुक नहीं रहा है। 24 मार्च को पटियाला निवासी मानवी भी ऐसी ही एक मिलावट का शिकार हुई थी। इस मामले में सिविल सर्जन जांच का आदेश दे चुके हैं और बीते दिनों स्वास्थ्य मंत्री ने बच्ची के घर जाकर परिजनों से मुलाकात की थी और जांच का आदेश दिया था।
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याची ने कहा कि बिना मजबूत तंत्र विकसित किए मिलावट के इस कारोबार पर रोक नहीं लगाई जा सकती। नियमों का सख्ती से पालन करना सुनिश्चित करने के लिए औचक निरीक्षण होते रहने चाहिए। ऐसे में जनहित याचिका में राज्य व केंद्र सरकार को इसका पालन सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक निर्देश जारी करने की मांग की गई थी। हाईकोर्ट ने कहा कि अभी मांगपत्र दाखिल किए हुए कुछ दिन भी नहीं हुए हैं और पंजाब पुलिस मामले की जांच कर रही है। ऐसे में अभी यह याचिका प्रीमैच्योर है और ऐसे में इसे खारिज कर दिया।
 
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