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अब उड़ता पंजाब नहीं 'उड़ता हरियाणा', 5 साल में देखिए कितने गुना बढ़ गए मरीज

Sun, 14 May 2017 09:22 AM IST
विनीत तोमर/अमर उजाला, रोहतक(हरियाणा)
विनीत तोमर/अमर उजाला, रोहतक(हरियाणा) Updated Sun, 14 May 2017 09:22 AM IST
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PGIMS drug addiction center patient increased five times in 5 years
नशे की लत - फोटो : डेमो फोटो
नशे के खिलाफ ढेरों अभियान चल रहे हैं, सरकार से लेकर सामाजिक संगठन तक नशे को मिटाने में जुटे हैं। धरातल पर ये अभियान कितने कारगर हैं इसकी गवाही पीजीआईएमएस के नशा मुक्ति केंद्र के आंकड़े दे रहे हैं। आंकड़े भी ऐसे जो सोचने पर मजबूर कर दें कि आखिर स्कूली शिक्षा के साथ ही युवा पीढ़ी नशे के मकड़जाल में किस कदर फंस रही है? पिछले पांच साल में नशे के कारोबार में इतना इजाफा हुआ कि मरीजों की संख्या करीब पांच गुना हो गई है। 
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 पीजीआईएमएस के नशा मुक्ति केंद्र में हर दिन करीब 20 से 25 मरीज आते हैं। इन मरीजों में सबसे अधिक संख्या शराब पीने वालों की होती है तो वहीं अफीम, स्मैक और हेराइन आदि नशीले पदार्थ का भी खूब सेवन होता है। हैरत की बात यह है कि पिछले पांच साल के आंकड़ों पर नजर डालें तो नशे के मरीजों की संख्या एक या दो गुना नहीं, बल्कि पांच गुना तक बढ़ी है।
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सबसे अधिक मरीज 15 से 30 साल की उम्र के हैं। इनमें भी अधिकतर शराब और स्मैक के होते हैं। स्याह सच्चाई यह कि नशे की गर्त में कदम रख रहे अधिकतर स्कूली छात्र है। 30 से 45 उम्र के लोगों की तादात थोड़ी कम है। केंद्र में आने वाले मरीजों में करीब 40 लोग रोहतक के बाशिंदे हैं। झज्जर के 15 से 20 फीसदी, सोनीपत के 10 से 15 फीसदी, भिवानी और जींद के करीब 10-10 फीसदी मरीज आते हैं। अन्य जिलों के मरीजों की संख्या थोड़ी कम है। 
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यह है लक्षण 

PGIMS drug addiction center patient increased five times in 5 years
drugs - फोटो : Demo Pic
यह है लक्षण 
- नशे का आदी होने पर व्यवहार में परिवर्तन होना
- परिवार के बीच न रहकर चुपचाप सबसे अलग रहना 
- बात-बात पर झूठ बोलना और रुपयों की डिमांड बढ़ जाना 
- आंखों में लालिमा बने रहना और चेहरा शांत दिखना 
- पढ़ाई में अचानक कमजोर होना 

वर्ष         मरीज 
2012        735
2013        1262
2014        1343
2015        1785
2016        1871
2017        670
नोट : यह आंकड़े पीजीआईएमएस के नशा मुक्ति केंद्र के हैं। 2017 के आंकड़े केवल जनवरी से अप्रैल माह तक के हैं।

एक्सपर्ट कमेंट : तनाव दूर करने के लिए अपना रहे नशा 

PGIMS drug addiction center patient increased five times in 5 years
drugs
एक्सपर्ट कमेंट : तनाव दूर करने के लिए अपना रहे नशा 
नशा मुक्ति केंद्र के डॉ. विनय का कहना है कि प्रतिस्पर्धा में तनाव के कारण युवा पीढ़ी नशे की तरफ बढ़ रही है। वर्तमान में नशे का सामान आसानी से उपलब्ध हो रहा है। युवाओं का मानना है कि तनाव से बचने के लिए नशा उन्हें एनर्जी देता है। परिवार के सामने खुद को बड़ा दिखाने के लिए भी कुछ युवा नशे का शिकार हो रहे हैं। दोस्तों के साथ बैठक कर युवा नशे को तेजी से अपना रहा है।

एकदम न छुड़ाए नशा 
नशा मुक्ति केंद्र की डॉ. सुनीला राठी का कहना है कि नशे के आदी व्यक्ति पर एकदम से दबाव न दें। व्यक्ति नशे का इस कदर जारी हो चुका होता है यदि एकदम से उसका नशा छुड़वाया तो मौत का कारण भी बन सकता है। इसलिए डॉक्टर की सलाह और दवाइयों के माध्यम से धीरे-धीरे नशे को छुड़वाया जाए। यदि कोई भी व्यक्ति 10 दिन तक नशे से दूर रह लें तो काफी हद तक वह इस आदत से बच सकता है। 
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