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पीजीआई : हड़ताल से दूसरे दिन भी आफत, टले ऑपरेशन, कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द

Fri, 05 Apr 2024 02:33 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Fri, 05 Apr 2024 02:33 AM IST
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PGI: Trouble on second day due to strike, operation postponed, leave of employees cancelled.
चंडीगढ़। कर्मचारी यूनियन के नेताओं की गिरफ्तारी के विरोध में पीजीआई के करीब 3500 अनुबंधित कर्मचारी दूसरे दिन भी हड़ताल पर रहे। दो दिन से चल रही हड़ताल से पीजीआई की व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है। परिचारिकाएं, लिपिक, सफाईकर्मी, लिफ्ट ऑपरेटर, रसोई कर्मचारी व सुरक्षा गार्ड आदि काम पर नहीं आ रहे। इससे मरीजों और उनके तीमारदारों के साथ डॉक्टरों की मुसीबत बढ़ गई है। पीजीआई ने व्यवस्था संभालने के लिए कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दीं हैं। उधर, वीरवार देर रात पीजीआई प्रशासन और ज्वाइंट एक्शन कमेटी के बीच मांगों को लेकर समझौता हो गया। इसके बाद हड़ताल खत्म कर दी गई। अब शुक्रवार से अनुबंधित कर्मचारी ड्यूटी पर लौट आएंगे। हड़ताल खत्म होने के बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने राहत की सांस ली। भाजपा चंडीगढ़ के नेता अरुण सूद ने पीजीआई प्रशासन व कर्मचारी यूनियन की ज्वाइंट एक्शन कमेटी के बीच हुए समझौते में अहम भूमिका निभाई। उधर, पीजीआई निदेशक का पुतला फूंकने के मामले में गिरफ्तार किए गए कर्मचारी यूनियन की ज्वाइंट एक्शन कमेटी के सदस्यों को वीरवार को एसडीएम कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें दो दिन बाद जमानत मिल गई।
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वीरवार को हड़ताल के दूसरे दिन भी सुबह से एडवांस पीडियाट्रिक सेंटर, ओपीडी, भर्ती सेवाएं, खान-पान, वार्ड में मरीजों की देखभाल समेत इमरजेंसी, नेहरू अस्पताल, ट्रामा सेंटर व अन्य बिल्डिंगों में भी जन सेवाएं बुरी तरह से प्रभावित रहीं। पीजीआई में अलग-अलग विभागों में दाखिल मरीजों के बड़े ऑपरेशन भी नहीं हो सके। बायो मेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम भी प्रभावित है। वार्डों में ऑक्सीजन की सप्लाई में भी दिक्कत आ रही है। पीजीआई परिसर में जगह-जगह गंदगी के ढेर लगने से मरीजों में संक्रमण का खतरा बढ़ गया है। हालांकि बुधवार को मंगलवार की तुलना ओपीडी सहित अन्य विभागों में मरीजों की संख्या भी कम रही लेकिन जो मरीज इलाज करवाने के लिए पहुंचे थे, उन्हें अलग-अलग प्रकार से दिक्कतों का सामना करना पड़ा। डॉक्टरों को भी खुद ही मरीजों को आवाज देकर अपने कमरे में बुलाना पड़ रहा था।
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सुबह से शाम तक होती रही नारेबाजी
हड़ताल में शामिल सैकड़ों कर्मचारी वीरवार सुबह ही भार्गव ऑडिटोरियम के पास पार्क में एकत्र होना शुरू हो गए थे। इन कर्मचारियों ने पीजीआई निदेशक सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की। यह कर्मचारी सुबह से शाम तक ड्यूटी का समय खत्म होने तक यहीं पार्क में बैठकर नारेबाजी करते रहे। कर्मचारियों ने कहा कि निदेशक ने उनकी मांगों को पूरा करवाने के लिए 20 जनवरी को समझौता पत्र पर हस्ताक्षर किए थे लेकिन अब वह अपने किए वादे से मुकर रहा है। कर्मचारियों ने मांगें पूरी नहीं होने तक हड़ताल जारी रखने के लिए भी आवाज बुलंद की। पीजीआई के अुनबंधित कर्मचारी समान काम-समान वेतन समेत अन्य मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं।
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छुट्टी पर गए कर्मचारियों को बुलाने का आदेश
पीजीआई निदेशक ने डीन एकेडमिक, डीन रिसर्च, एमएस नेहरू अस्पताल, फाइनेंसियल एडवाइजर, रजिस्ट्रार सहित सभी विभागों के अध्यक्षों को पत्र जारी कर कहा है कि हड़ताल के दौरान किसी भी कर्मचारी की छुट्टी न दी जाए। जो कर्मी छुट्टी पर गए हुए हैं, उन्हें वापस बुलाया जाए। अगर कोई भी कर्मचारी इमरजेंसी में छुट्टी लेता है तो उसे इस बारे में संबंधित अधिकारियों को सूचना देनी होगी।

ज्वाइंट कमेटी के पदाधिकारियों को 2 दिन के बाद मिली जमानत
तीन दिन पहले ज्वाइंट एक्शन कमेटी की ओर से मांगों को पूरा नहीं करने की एवज में पीजीआई निदेशक का उनके कार्यालय के समक्ष पुतला जलाया जाना था। इसे लेकर पहले ही नोटिस भी जारी किया गया था लेकिन जब कमेटी के पदाधिकारी अन्य कर्मचारियों के साथ प्रदर्शन करने व पुतला जलाने के लिए पीजीआई गेट पर पहुंचे तो यहां पर पहले से तैनात पुलिस ने कमेटी के नेताओं को हिरासत में ले लिया था। पुलिस ने इन नेताओं के खिलाफ 107/151 के तहत कार्रवाई करते हुए इन्हें जेल भेज दिया। यह नेता 2 दिन तक जेल में रहे और बुधवार को इन्हें पुलिस ने एसडीएम कोर्ट में मैजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया जहां से इन्हें जमानत पर छोड़ दिया गया।

पीजीआई अधिकारी बोले- सामान्य तरीके से हो रहा मरीजों का इलाज
पीजीआई के अधिकारियों का कहना है कि हड़ताल का मरीजों के इलाज पर कोई असर नहीं पड़ रहा। हड़ताल के दूसरे दिन भी सामान्य दिनों की तरह मरीजों को इलाज मिला। अधिकारियों ने कहा कि यह हड़ताल पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश का उल्लंघन है। अदालत ने अस्पताल परिसर के भीतर हड़ताल और प्रदर्शन पर रोक लगा रखी है। बताया कि हड़ताल के दौरान, विभिन्न बाह्य रोगी विभागों में कुल 10,942 रोगियों ने इलाज के लिए रजिस्ट्रेशन करवाया जिसमें इमरजेंसी विभाग में 162 नए रोगियों ने पंजीकरण कराया। साथ ही संस्थान के विभिन्न वार्डों में 114 नये मरीज भर्ती किए गए। इसके अलावा शाम 4 बजे तक विभिन्न ऑपरेशन थिएटरों में 17 आपातकालीन सर्जरी सहित 223 सर्जिकल प्रक्रियाएं सफलतापूर्वक की गईं।



--- वर्जन ---
ज्वाइंट एक्शन कमेटी कर्मचारियों की मांगों के लिए लड़ाई लड़ रही है और यह लड़ाई आगे भी जारी रहेगी। पीजीआई में हड़ताल के चलते व्यवस्थाएं ठप हैं लेकिन अधिकारियों के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही।
- अश्वनी मुंजाल, चेयरमैन, ज्वाइंट एक्शन कमेटी
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