फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   PGI's 60 percent of the patients have to buy expensive medicine

पीजीआई के 60 प्रतिशत मरीजों को खरीदनी पड़ रही महंगी दवा

Mon, 16 Jan 2017 01:17 AM IST
आशीष वर्मा/अमर उजाला, चंडीगढ़
आशीष वर्मा/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Mon, 16 Jan 2017 01:17 AM IST
विज्ञापन
PGI's 60 percent of the patients have to buy expensive medicine
चंडीगढ़ का पीजीआई अस्पताल - फोटो : PTI
पीजीआई का मरीजों को सस्ती दवा मुहैया कराने का मकसद फिलहाल पूरा होता नहीं दिख रहा। एक रिपोर्ट के मुताबिक पीजीआई के सिर्फ 40 प्रतिशत मरीजों को ही सस्ती दवा मिल पाती है, जबकि 60 प्रतिशत मरीजों को अब भी प्राइवेट केमिस्ट शॉप से महंगी दवा खरीदनी पड़ रही है। 
विज्ञापन


पीजीआई के ही एक आला अधिकारी ने दावा किया था कि उनके एक सर्वे के मुताबिक अब भी 60 प्रतिशत मरीजों को सस्ती दवा नहीं मिल पा रही है। इसके लिए पीजीआई की फार्मेसी ही विकल्प बनेगी। उन्होंने यह भी दावा किया था कि इसीलिए उनकी कोशिश है कि फार्मेसी को 31 दिसंबर तक तैयार कर दिया जाए, लेकिन इसे तैयार होने में अभी काफी वक्त लगने वाला है।
विज्ञापन

   पीजीआई की योजना थी कि अमृत फार्मेसी खुलने के बाद जो मरीज प्राइवेट केमिस्ट शॉप से दवा खरीद रहे हैं, उनके लिए पीजीआई की फार्मेसी विकल्प होगी। पीजीआई पिछले दो साल से अपनी फार्मेसी की खोलने की तैयारी में जुटा है, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई खास काम नहीं हो पाया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

 
इमरजेंसी, पीडियाट्रिक और ओपीडी मरीजों को सस्ती दवा नहीं
पीजीआई में चार अमृत आउटलेट खोले गए हैं। इनमें दो नेहरू हास्पिटल, एक कार्डियक सेंटर और एक आई सेंटर के सामने है। इमरजेंसी, ट्रामा सेंटर, न्यू ओपीडी, पीडियाट्रिक सेंटर के मरीजों को दवा प्राइवेट केमिस्ट शॉप से ही खरीदनी पड़ती है। सबसे ज्यादा महंगी दवाएं इमरजेंसी, ट्रामा सेंटर वालों को खरीदनी पड़ती है, क्योंकि यहां के दुकानों के टेंडर सबसे महंगे उठते हैं। टेंडर महंगे होने के कारण दवाएं भी महंगी मिलती है।

पीजीआई की फार्मेसी खुले तो राहत मिलेगी

PGI's 60 percent of the patients have to buy expensive medicine
चंडीगढ़ में अमृत फार्मेसी का आउटलेट - फोटो : File Photo
पीजीआई की फार्मेसी खुले तो राहत मिलेगी
पीजीआई के एक अधिकारी ने बताया कि यदि मरीजों को सस्ती दवा देनी है तो पीजीआई को अपनी फार्मेसी खोलनी ही होगी। उनके मुताबिक अमृत में 35-40 प्रतिशत जाने वाले मरीजों में सिर्फ 10-15 प्रतिशत मरीजों को ही सस्ती दवा मिलती है। बाकी मरीजों को अमृत आउटलेट से दवा नहीं मिलती। उनके मुताबिक अमृत आउटलेट से भी कई दवाइयां महंगी मिल रही हैं।

पीजीआई फार्मेसी का क्या है स्टेटस
पीजीआई की फार्मेसी के लिए स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से 50 करोड़ रुपये की राशि मंजूर हो चुकी है। ट्रामा सेंटर के पास इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट की ओर से स्टोर बनाया जा रहा है, लेकिन यह निर्माण काफी धीमी गति से हो रहा है। इसके बनाने का प्रस्ताव साल 2015 में आया था। उसके बाद पीजीआई के अधिकारियों ने कई अस्पतालों में जाकर उनकी फार्मेसी का दौरा किया था। दौरे में पीजीआई के आला अधिकारी व डाक्टर शामिल थे।

पीजीआई के मरीज कहां से खरीदते हैं दवा
न्यू ओपीडी की केमिस्ट शॉप से, इमरजेंसी की केमिस्ट शॉप से, ट्रामा सेंटर की केमिस्ट शॉप से,  पीडियाट्रिक की केमिस्ट शॉप से, अमृत आउटलेट, गोल मार्केट, सेक्टर 11 के केमिस्ट शॉप से।

पीजीआई अपनी फार्मेसी को खोलने की तैयारी में जुटा है। हमारी भी कोशिश है कि इसका जल्दी से जल्दी निर्माण हो जाए। फार्मेसी से मरीजों को काफी सस्ती दवाएं मिल सकेंगी।
मंजू वडलवालकर, प्रवक्ता पीजीआई
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed