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पीजीआई पेपर लीक मामले में आरोपी को भगोड़ा घोषित करने की मांग
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चंडीगढ़। पीजीआई में एमडी/एमएस एंट्रेंस एग्जाम में नकल करने के मामले में अभियोजन पक्ष ने जिला अदालत में बुधवार को एक याचिका दायर की है। याचिका में आरोपी तिरुणागिरि शांति को भगोड़ा घोषित करने की मांग की गई है। उन्होंने याचिका में उल्लेख किया कि कोर्ट ने आरोपी को गैर जमानती वारंट भी जारी किए थे, जो वापस आ गए क्योंकि आरोपी को अपना पता बदलने की आदत है ताकि वह कोर्ट से बच सके। इसलिए उसे भगोड़ा घोषित किया जाए।
मामला 12 नवंबर 2012 है। जब पीजीआई का एंट्रेंस एग्जाम होना था। इस केस में कुल 32 आरोपी हैं। चार आरोपी कोर्ट द्वारा भगोड़ा घोषित किए जा चुके हैं। आंध्र प्रदेश के डॉ. गुरिवी रेड्डी ने पूरे घोटाले की योजना बनाई थी। उसने पेपर में कैंडिडेट्स को नकल करवाने के लिए 30 से 40 लाख रुपये की रिश्वत ली थी। पेपर से एक रात पहले ही सीबीआई को इसकी जानकारी मिल गई थी। पेपर के लिए डमी कैंडिडेट्स तैयार किए थे। अपने कपड़ों में लगे बटन-होल कैमरा के जरिए यह कैंडिडेट्स पेपर को लीक करने वाले थे। सेक्टर-35 के एक होटल में डॉ. गुरिवी रेड्डी ने कमरा ले रखा था। उसी कमरे में कंट्रोल रूम बनाया गया था। जैसे ही पेपर लीक होना था, वैसे ही वह पेपर कंट्रोल रूम के जरिए अलग-अलग जगहों पर बैठे सब्जेक्ट एक्सपर्ट के पास जाना था जो आगे कैंडिडेट्स को नकल करवाते। ऐसा होने से पहले ही सीबीआई ने मामले का पर्दाफाश कर दिया था।
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मामला 12 नवंबर 2012 है। जब पीजीआई का एंट्रेंस एग्जाम होना था। इस केस में कुल 32 आरोपी हैं। चार आरोपी कोर्ट द्वारा भगोड़ा घोषित किए जा चुके हैं। आंध्र प्रदेश के डॉ. गुरिवी रेड्डी ने पूरे घोटाले की योजना बनाई थी। उसने पेपर में कैंडिडेट्स को नकल करवाने के लिए 30 से 40 लाख रुपये की रिश्वत ली थी। पेपर से एक रात पहले ही सीबीआई को इसकी जानकारी मिल गई थी। पेपर के लिए डमी कैंडिडेट्स तैयार किए थे। अपने कपड़ों में लगे बटन-होल कैमरा के जरिए यह कैंडिडेट्स पेपर को लीक करने वाले थे। सेक्टर-35 के एक होटल में डॉ. गुरिवी रेड्डी ने कमरा ले रखा था। उसी कमरे में कंट्रोल रूम बनाया गया था। जैसे ही पेपर लीक होना था, वैसे ही वह पेपर कंट्रोल रूम के जरिए अलग-अलग जगहों पर बैठे सब्जेक्ट एक्सपर्ट के पास जाना था जो आगे कैंडिडेट्स को नकल करवाते। ऐसा होने से पहले ही सीबीआई ने मामले का पर्दाफाश कर दिया था।
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