फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   pgi new reserch, every disease treatment 5 hours

शरीर के हर वायरस का पता अब पांच घंटे में

Tue, 25 Feb 2014 02:01 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Tue, 25 Feb 2014 02:01 PM IST
विज्ञापन
pgi new reserch, every disease treatment 5 hours

इंफेक्शन (संक्रमण) शरीर के किसी भी हिस्से में हो सकता है। इसकी पहचान के लिए एक्सरे, अल्ट्रासाउंड, सीटी स्कैन और बायोप्सी का इस्तेमाल किया जाता है।

विज्ञापन


इसके बावजूद कई बार इंफेक्शन की पहचान नहीं हो पाती। इसके निदान के लिए पीजीआई के न्यूक्लियर मेडिसिन ने ग्रेस्टोरेंट्रोलॉजी, माइक्रोबायोलॉजी और रेडियोडायग्नोसिस के साथ मिलकर देश की पहली नई तकनीक इजाद की है।
विज्ञापन


इससे शरीर के किसी भी हिस्से के इंफेक्शन का मात्र कुछ ही घंटों में सटीक पता लगाया जा सकेगा। इससे लगभग सभी मरीजों को फायदा होगा। एक तो उनकी रिपोर्ट चंद घंटों में पता लग सकेगी साथ ही अब मर्ज का सटीक इलाज हो सकेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


आमतौर पर घुटना ट्रांसप्लांट, हिप ट्रांसप्लांट, पेनक्रियास, आंतड़ी व हार्ट के सटीक इंफेक्शन का पता नहीं चल पाता है। कई प्रयोग किए जाते, लेकिन फिर भी कामयाबी नहीं मिलती, लेकिन अब इसका आसानी से पता चल जाएगा।

व्हाइट ब्लड सेल से पता लगेगा इंफेक्शन

pgi new reserch, every disease treatment 5 hours

पीजीआई के न्यूक्लियर मेडिसिन के एडिश्नल प्रोफेसर डा. अनीश भट्टाचार्य ने बताया कि शरीर के अंदर व्हाइट सेल होते हैं। इनका मुख्य रूप से काम शरीर में प्रवेश करने वाले इंफेक्शन से लड़ना और उन्हें रोकना होता है।

मरीज के शरीर से 40 एमएल व्हाइट ब्लड सेल निकालते हैं। उसमें रेडियोएक्टिव ग्लूकोज की कुछ बूंदे लेकर व्हाइट ब्लड सेल में मिलाकर आधे घंटे तक रखते हैं। इस मिश्रण को फिर मरीज के शरीर में डाला जाता है।

करीब दो घंटे बाद पीजीआई के पेट सेंटर में रखे पेट स्केन में ले जाते हैं। जहां-जहां इंफेक्शन की संभावना होती है, उसकी पेट स्कैन की मदद से इमेज निकालते हैं। पूरी बॉडी की भी इमेज निकाल सकते हैं।

इसमें शरीर के जिस हिस्से में इंफेक्शन होगा, वह हिस्सा चमकने लगेगा। हूबहू सीटी स्कैन की तरह। इमेज में आसानी से इंफेक्शन की जगह पता चल जाएगी।

देश की पहली तकनीक

pgi new reserch, every disease treatment 5 hours

डा. अनीश ने दावा किया है कि यह देश की पहली तकनीक है। इससे पहले इसका प्रयोग टर्की में किया गया। पीजीआई की इस तकनीक को इंटरनेशनल जनरल में जगह मिली है।

साथ ही यूरोप व यूएसए में आयोजित इंटरनेशनल कांफ्रेंस में इस तकनीक को इनोवेटिव मेडिकल रिसर्च अवार्ड से सम्मानित किया गया।

अब तक 200 मरीजों की हुई जांच
नई तकनीक के माध्यम से 200 ऐसे मरीजों के इंफेक्शन का पता लगाया गया, जो अन्य विधियों से पता नहीं लग पा रहे थे। इस विधि से 120 मरीजों के पेनक्रियास में होने वाले इंफेक्शन का पता लगाया गया। यह तकनीक तीन साल की कड़ी मेेहनत के बाद ईजाद की गई है।

मरीजों को ये होगा फायदा

pgi new reserch, every disease treatment 5 hours

1.पांच घंटे में ही रिपोर्ट मिलेगी
2. अन्य तकनीक से सस्ता है
3.इंफेक्शन की सटीक जानकारी मिलती
4. सही जानकारी मिलने पर इलाज भी जल्दी व ठीक होता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed