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Hindi News ›   Chandigarh ›   PGI: Four hours, 40 rooms and 900 feet outrage

जानिए, कैसे फेल हुआ पीजीआई का नया सैंपल क्लेक्शन सिस्टम

Wed, 05 Feb 2014 09:48 AM IST
आशीष वर्मा / अमर उजाला, चंडीगढ़
आशीष वर्मा / अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Wed, 05 Feb 2014 09:48 AM IST
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PGI: Four hours, 40 rooms and 900 feet outrage
भीड़ व लाइन से मरीज को छुटकारा दिलाने में पीजीआई की नई योजना भी नकामयाब साबित हो रही है। न्यू ओपीडी के ग्राउंड फ्लोर पर वेटिंग हाल व नए काउंटर बनाकर मरीजों को भीड़ से निजात दिलाना था।
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मरीजों को सुकून तो मिला नहीं उल्टा उन्हें परेशानी झेलनी पड़ी। नया वेटिंग हाल 40 बाई 50 फुट का है। मंगलवार को चार घंटे में 900 मरीज सैंपल देने आए थे। वेटिंग हाल पूरी तरह से ठसाठस भर गया। लाइनें घनी आबादी में बदल गईं।
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भीड़ इतनी थी कि सिक्योरिटी  गार्ड को उन्हें संभालने में पसीना छूट गया। कई मरीज ऐसे थे, जो सैंपल तो देने सुबह आए थे, लेकिन उनका नंबर दोपहर बाद तक नहीं आया।
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एक मरीज की सूचना पर जब अमर उजाला की टीम मौके पर पहुंची तो हालात काफी खराब थे। वहां जाकर पता चला कि पीजीआई ने अपनी योजना आधे-अधूरे तरीके से शुरू की है।

पीजीआई की ओर से अब तक वेटिंग हाल में न तो टोकन सिस्टम शुरू किया गया है और न ही माइक। दूसरी तरफ मरीजों की संख्या की मुताबिक ,वेटिंग हाल भी छोटा पड़ गया है।

क्या थी पूरी योजना
पीजीआई की योजना के मुताबिक जो भी सैंपल देने मरीज आते हैं, उनके लिए टोकन सिस्टम शुरू किया जाना था। सैंपल देने के लिए मरीजों को पहले रजिस्ट्रेशन और रुपये जमा करवाना पड़ते थे।

इसके बाद उन्हें टोकन मिलता था, जिसमें उनका नंबर लिखा होता। नंबर मिलने के बाद उन्हें वेटिंग हाल में बैठना होता। उस नंबर को काउंटर से माइक के माध्यम से पुकारे जाने की व्यवस्था थी। इससे मरीजों को कोई दिक्कत नहीं आती और सभी बहुत ही आराम अपने सैंपल देते।

कर्मचारियों की संख्या कम, वेटिंग हाल भी छोटा
एक दिन में कम से कम 800 मरीज अपने सैंपल देने आते हैं। इनके लिए पीजीआई की ओर से मात्र चार कर्मचारियों को नियुक्त किया गया है। चार कर्मचारियों के सहारे इतने मरीजों की जिम्मेदारी है।


एक-एक कर्मचारी को तीन अलग-अलग प्रकार के सैंपल लेने की जिम्मेदारी दी गई थी। दूसरी तरफ कर्मचारियों को देखते हुए वेटिंग हाल भी छोटा पड़ गया है। सीटे भी कम पड़ गई है।
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