फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   pgi Chandigarh, Redcross Chandigarh, shelter will PGI, chandigarh

PGI में मरीजों के तीमारदारों को बाहर नहीं गुजारनी पड़ेगी रात

Sat, 16 Apr 2016 10:53 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो, अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Sat, 16 Apr 2016 10:53 AM IST
विज्ञापन
pgi Chandigarh, Redcross Chandigarh, shelter will PGI, chandigarh
पीजीआई चंडीगढ़
पीजीआई में मरीजों के साथ आने वाले तीमारदारों को अब बाहर पार्क में रात नहीं गुजारनी होगी। उन्हें पीजीआई में शरण मिलेगी। मरीजों और उनके तीमारदारों की बढ़ती संख्या को देखते हुए रेडक्रॉस ऐसे लोगों के लिए स्थायी सरांय बना रहा है। जिसका काम भी शुरू हो गया है। इस सरांय के बनने से सैकड़ों लोगों को फायदा होगा। 
विज्ञापन


पीजीआई में नए पुराने मरीजों की रोजाना की ओपीडी 8 हजार से अधिक है। इमरजेंसी में आने वाले मरीजों की भी कतार लगी रहती है। जिस कारण पीजीआई में सरांय और गेस्ट रूम फुल रहते हैं। मरीजों के साथ उनके तीमारदार भी आते हैं। वार्ड में एक से अधिक तीमारदार को नहीं रुकने दिया जाता। जिस कारण उन्हें बाहर ही डेरा जमाना होता है।
विज्ञापन

सर्दियों में बनाए जाने वाले रैन बसेरा भी अंशकालिक होते हैं। बाद में इन्हें हटा दिया जाता है। इसके बाद पूरा वर्ष लोगों को खुले में रात गुजारनी होती है। इसी परेशानी को देखते हुए डीसी अजीत बालाजी जोशी ने रेडक्रॉस को पीजीआई में स्थायी सरांय बनाने के आदेश दिए थे।
विज्ञापन
विज्ञापन


जिसकी ड्राइंग फाइनल होने के बाद काम शुरू हो गया है। रेडक्रॉस के अधिकारियों के मुताबिक अगले कुछ महीनों में सरांय का काम पूरा हो जाएगा। लोगों को निशुल्क इसमें रुकने की इजाजत मिलेगी। रेडक्रॉस को कई अन्य वेलफेयर के वर्क के लिए भारत सरकार से 50 लाख रुपये की ग्रांट मिली है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed