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पीजीआई का आदेश खारिज, तीसरे प्रोफेसर को मिलेगा आई सेंटर का चार्ज
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चंडीगढ़। पीजीआई आई सेंटर के एचओडी का चार्ज फिलहाल तीसरे सीनियर प्रोफेसर को देने के आदेश जारी हुए हैं। हाईकोर्ट ने कहा है कि जिन दो प्रोफेसरों में वरिष्ठता को लेकर केस चल रहा है उन्हें तब तक चार्ज न दिया जाए जब तक इस प्रकरण पर निर्णय न हो जाए।
आई सेंटर के एचओडी प्रो. डोगरा 30 जून को रिटायर हो गए। उसके बाद इस पद के लिए दो वरिष्ठ प्रोफेसर सुरेंद्र सिंह पांडव व डॉ. अरुण के. जैन ने इस पद के लिए दावा किया था, लेकिन दोनों की वरिष्ठता का मामला नहीं सुलझ पाया। दोनों ने ही अपने को वरिष्ठ माना। इसी बीच इस प्रकरण को लेकर डॉ. अरुण के. जैन हाईकोर्ट चले गए। केस पर सुनवाई शुरू हो गई। इसी कार्यकाल के दौरान पीजीआई ने वरिष्ठता सूची निकाली और उनकी सूची में मुताबिक प्रो. पांडव वरिष्ठ मिले। पीजीआई ने प्रो. पांडव को आई सेंटर का एचओडी बना दिया। इसके बाद डॉ. जैन ने यह प्रकरण कोर्ट में उठाया तो इस पर सुनवाई हुई। हाईकोर्ट ने कहा कि इस प्रकरण पर सुनवाई चल रही है। इसलिए प्रो. पांडव को पद न दिया जाए। इस पद का संचालन पीजीआई खुद करे या फिर किसी वरिष्ठ प्रोफेसर को चार्ज दे दें। साथ ही हाईकोर्ट ने कैट को निर्देश दिए हैं कि चार सप्ताह में इस मामले का निपटारा करे।
इनसेट--
प्रो. जगत राम बन सकते हैं एचओडी
आई सेंटर के एचओडी का चार्ज पहले पीजीआई निदेशक प्रो. जगत राम के पास था, लेकिन निदेशक बनने के बाद उन्होंने पद छोड़ दिया था। वह सीनियर मोस्ट हैं। ऐसे में मामले को शांत करने के लिए प्रो. जगत राम इस पद पर काबिज हो सकते हैं। इस पद पर उनका लंबा अनुभव भी रहा है।
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आई सेंटर के एचओडी प्रो. डोगरा 30 जून को रिटायर हो गए। उसके बाद इस पद के लिए दो वरिष्ठ प्रोफेसर सुरेंद्र सिंह पांडव व डॉ. अरुण के. जैन ने इस पद के लिए दावा किया था, लेकिन दोनों की वरिष्ठता का मामला नहीं सुलझ पाया। दोनों ने ही अपने को वरिष्ठ माना। इसी बीच इस प्रकरण को लेकर डॉ. अरुण के. जैन हाईकोर्ट चले गए। केस पर सुनवाई शुरू हो गई। इसी कार्यकाल के दौरान पीजीआई ने वरिष्ठता सूची निकाली और उनकी सूची में मुताबिक प्रो. पांडव वरिष्ठ मिले। पीजीआई ने प्रो. पांडव को आई सेंटर का एचओडी बना दिया। इसके बाद डॉ. जैन ने यह प्रकरण कोर्ट में उठाया तो इस पर सुनवाई हुई। हाईकोर्ट ने कहा कि इस प्रकरण पर सुनवाई चल रही है। इसलिए प्रो. पांडव को पद न दिया जाए। इस पद का संचालन पीजीआई खुद करे या फिर किसी वरिष्ठ प्रोफेसर को चार्ज दे दें। साथ ही हाईकोर्ट ने कैट को निर्देश दिए हैं कि चार सप्ताह में इस मामले का निपटारा करे।
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प्रो. जगत राम बन सकते हैं एचओडी
आई सेंटर के एचओडी का चार्ज पहले पीजीआई निदेशक प्रो. जगत राम के पास था, लेकिन निदेशक बनने के बाद उन्होंने पद छोड़ दिया था। वह सीनियर मोस्ट हैं। ऐसे में मामले को शांत करने के लिए प्रो. जगत राम इस पद पर काबिज हो सकते हैं। इस पद पर उनका लंबा अनुभव भी रहा है।
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