{"_id":"5d6df1db8ebc3e0159663270","slug":"petrol-pump-owner-wrote-letter-to-governor-badnore-for-permission-to-commit-suicide","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"चंडीगढ़ः पेट्रोल पंप मालिक ने राज्यपाल से मांगी खुदकुशी करने की इजाजत, पत्र लिखकर बताई वजह","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चंडीगढ़ः पेट्रोल पंप मालिक ने राज्यपाल से मांगी खुदकुशी करने की इजाजत, पत्र लिखकर बताई वजह
Tue, 03 Sep 2019 10:30 AM IST
खुशबू गोयल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Tue, 03 Sep 2019 10:30 AM IST
विज्ञापन
फाइल फोटो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वरिष्ठ नागरिक और मोहाली में दो पेट्रोल पंप के मालिक जीएस चावला (75) ने पंजाब के राज्यपाल और यूटी प्रशासक वीपी सिंह बदनौर को पत्र लिखकर आत्महत्या की अनुमति मांगी है। चावला ने चंडीगढ़ के पेट्रोल पंपों पर कम दाम पर बिक रहे डीजल व पेट्रोल के अनुचित व्यापार को प्रकाश में लाने के लिए एक प्रेस वार्ता आयोजित की।
चावला ने चंडीगढ़ प्रशासन के खिलाफ अपनी शिकायत और आत्महत्या करने की अनुमति मांगने वाले पत्र की प्रति भारत के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, गृहमंत्री, भारत के मुख्य न्यायाधीश, पंजाब-हरियाणा उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश, पंजाब के मुख्यमंत्री, पंजाब व हरियाणा के वित्त मंत्रियों सहित केंद्र व राज्य सरकारों के अन्य महत्वपूर्ण अधिकारियों को भेजी हैं।
विज्ञापन
चावला ने चंडीगढ़ प्रशासन के खिलाफ अपनी शिकायत और आत्महत्या करने की अनुमति मांगने वाले पत्र की प्रति भारत के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, गृहमंत्री, भारत के मुख्य न्यायाधीश, पंजाब-हरियाणा उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश, पंजाब के मुख्यमंत्री, पंजाब व हरियाणा के वित्त मंत्रियों सहित केंद्र व राज्य सरकारों के अन्य महत्वपूर्ण अधिकारियों को भेजी हैं।
विज्ञापन
उन्होंने चंडीगढ़ प्रशासन और चंडीगढ़ के पेट्रोल पंप मालिकों के बीच मूल्य निर्धारण को लेकर हुए मेल जोल के दुष्प्रभावों को वीडियो और तस्वीरों के जरिये समझाया कि इसी वजह से चंडीगढ़ में पेट्रोल 5 रुपये और डीजल 3 रुपये प्रति लीटर सस्ता बिक रहा है। उनका आरोप है कि उनके तमाम प्रयासों के बावजूद चंडीगढ़ प्रशासन के अड़ियल रुख से ट्राईसिटी में ईंधन दरों में समानता नहीं आ रही है।
चंडीगढ़ प्रशासन की ओर से वैट का रिवीजन न करने की वजह से पिछले 22 माह में 80 प्रतिशत बिजनेस हाथ से निकल गया है, क्योंकि उनके पंप चंडीगढ़ से जीरो दूरी पर स्थित हैं। इसके अलावा मोहाली व पंचकूला के अन्य पंपों का भी नुकसान हुआ है।
चंडीगढ़ प्रशासन की ओर से वैट का रिवीजन न करने की वजह से पिछले 22 माह में 80 प्रतिशत बिजनेस हाथ से निकल गया है, क्योंकि उनके पंप चंडीगढ़ से जीरो दूरी पर स्थित हैं। इसके अलावा मोहाली व पंचकूला के अन्य पंपों का भी नुकसान हुआ है।