चंडीगढ़ में मोदी रैली का कार्यक्रम पहुंचा हाईकोर्ट, याचिका दायर
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चंडीगढ़ आगमन पर 11 सितंबर को होने जा रहा कार्यक्रम पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में पहुंच गया है। इसे मोदी की रैली बताते हुए कार्यक्रम पर प्रशासन को सरकारी खर्च करने से रोकने की मांग को लेकर जनहित याचिका दायर की गई है। इस याचिका पर एक-दो दिन में सुनवाई होने की संभावना है।
मोहाली निवासी रिटायर्ड कैप्टन सीएस सिद्धू ने याचिका में कहा है कि कैमरून ने कहा था कि अपनी मिनिस्टीरियल पे नहीं लेने का उनका फैसला वन नेशन कायम करने का हिस्सा है ताकि वित्तीय घाटे को दूर किया जा सके और कठोर परिश्रम करने वालों को फायदा हो सके।
प्रशासन में प्रधानमंत्री की रैली का खर्च वहन करने का प्रस्ताव है, लेकिन वर्ष 2015-16 के लिए यूटी को मिले प्लान्ड और नॉन प्लान्ड बजट में इस खर्च का कोई प्रावधान ही नहीं है।
कैप्टन सिद्धू का कहना है कि एक ओर मोदी की रैली पर प्रशासन आम लोगों का पैसा खर्च कर रहा है और दूसरी ओर वित्तीय स्थिति सुधारने के लिए प्रापर्टी टैक्स लगा रहा है। यह पहली बार है कि किसी रैली का खर्च प्रशासन उठा रहा हो।
वॉट्स ऐप पर भी प्रशासन तक भेजा मैसेज
याचिका में कहा गया कि कर्नल कुलबीर सिंह ने प्रशासनिक अथॉरिटी सलाहकार विजय देव को वॉट्स ऐप पर मैसेज भेज कर कहा था कि प्रशासन राजनीतिक संस्थान बन रहा है।
प्रधानमंत्री के दौरे पर प्रशासन रैली करेगा और भाजपा भीड़ जुटाएगी। ऐसा मैंने अपनी जिंदगी में कभी नहीं सुना। आप भी कह चुके हैं कि चंडीगढ़ वासियों केपरिश्रम के पैसे से यूटी स्मार्ट सिटी बनने जा रहा है।