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गजब: वाहन हादसों को बाप-बेटे ने बनाया धंधा, शक होने पर बीमा कंपनी पहुंची हाईकोर्ट,  सभी मामलों का ब्यौरा तलब

Mon, 12 Feb 2024 11:21 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Mon, 12 Feb 2024 11:21 PM IST
सार

एक्सीडेंट की स्थिति में मुआवजे के लिए दुर्घटना के लिए जिम्मेदार वाहन की जानकारी देना अनिवार्य होता है। जिन मामलों में एक्सीडेंट के लिए जिम्मेदार वाहन के बारे में एफआईआर में जानकारी नहीं होती और अज्ञात वाहन से हादसा दर्ज किया जाता है उनमें पिता-पुत्र पीड़ित पक्ष से मिलीभगत कर खुद को बतौर आरोपी पेश करते है और अपने वाहन को हादसे का जिम्मेदार बता देते हैं।

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Petition filed in highcourt against father and son of making vehicle accidents business
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट - फोटो : File Photo

विस्तार

अज्ञात वाहन से हादसों के मामले में पीड़ित पक्ष से संपर्क कर अपने वाहन की दुर्घटना में भूमिका व खुद को ड्राइवर बताकर बीमा कंपनी को चपत लगाने वालों का मामला हाईकोर्ट पहुंचा है। 
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वाहन हादसों को व्यापार बनाने का पिता-पुत्र पर आरोप लगाते हुए दाखिल याचिका पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने इन पर दर्ज सभी एक्सीडेंट से जुड़े मामलों का ब्योरा सौंपने का हरियाणा व पंजाब सरकार को आदेश दिया है।
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हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करते हुए बीमा कंपनी ने एडवोकेट संजीव कोदान के जरिये बताया कि अंबाला में हुए मोटर वाहन हादसे के लिए बीमा कंपनी से मुआवजे का दावा किया गया था। इस दावे में जिन लोगों को एक्सीडेंट करने वाले वाहन का ड्राइवर व मालिक बताया जा रहा है वह पहले भी कई वाहन दुर्घटनाओं के मामलों में शामिल हैं। 
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बीमा कंपनी ने बताया कि एक्सीडेंट की स्थिति में मुआवजे के लिए दुर्घटना के लिए जिम्मेदार वाहन की जानकारी देना अनिवार्य होता है। जिन मामलों में एक्सीडेंट के लिए जिम्मेदार वाहन के बारे में एफआईआर में जानकारी दर्ज नहीं होती और अज्ञात वाहन से हादसा दर्ज किया जाता है उन मामलों में पिता-पुत्र पीड़ित पक्ष से मिलीभगत कर खुद को आरोपी के तौर पर पेश कर देते है और अपने वाहन को हादसे का जिम्मेदार बता देते हैं। ऐसे में मुआवजे से जुड़ी याचिका में वे अपने वाहन की संलिप्तता स्वीकार कर लेते हैं और अदालतें मुआवजा राशि जारी कर देती हैं। इन हादसों के लिए जब आपराधिक कार्रवाई ट्रायल कोर्ट में चलती है तो पीड़ित पक्ष इन्हें बचाने के लिए बयान देने सामने नहीं आते हैं। 


बीमा कंपनी ने अंबाला निवासी राहुल व सुरिंदर सिंह के खिलाफ दर्ज कुछ मामलों का ब्योरा कोर्ट के समक्ष पेश करते हुए अपनी दलीलें रखी। हाईकोर्ट ने इन पर गौर करने के बाद कहा कि यह बेहद गंभीर मामला है और इसकी गहन जांच जरूरी है। हाईकोर्ट ने हरियाणा व पंजाब सरकार को आदेश दिया है कि राहुल व उसके पिता सुरेंद्र के खिलाफ दर्ज मोटर वाहन हादसों से जुड़े सभी मामलों का ब्योरा अगली सुनवाई पर सौंपे। इसके साथ ही दोनों पिता पुत्र को नोटिस जारी करते हुए जवाब दाखिल करने का भी आदेश दिया है।
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