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Hindi News ›   Chandigarh ›   Petition filed in high court on health care of Haryana

हरियाणाः केंद्र सरकार से 3 साल में मिले 1562 करोड़, पर अस्पतालों मे डाक्टर, नर्स और स्टाफ नहीं

Thu, 01 Nov 2018 09:10 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Thu, 01 Nov 2018 09:10 AM IST
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Petition filed in high court on health care of Haryana
Punjab And Haryana Highcourt - फोटो : File Photo

केंद्र सरकार ने पिछले तीन साल में हरियाणा में स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर बनाने के लिए नेशनल स्वास्थ्य मिशन के तहत 1562.14 करोड़ की ग्रांट दी है। बावजूद इसके राज्य के अस्पतालों में डाक्टर, नर्स और स्टाफ मौजूद नहीं हैं। केंद्र सरकार द्वारा ग्रांट के बारे में दी गई जानकारी को आधार बनाते हुए याची एडवोकेट प्रदीप रापड़िया ने पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में हरियाणा सरकार को इसके लिए जिम्मेदार बताया। हाईकोर्ट ने जवाब को रिकार्ड पर लेकर सुनवाई स्थगित कर दी।

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याचिका दाखिल करते हुए कैथल के गांव बालू निवासी कुछ वृद्ध, दिव्यांग व महिलाओं ने हाईकोर्ट से स्वास्थ्य सुविधाओं को उपलब्ध करवाने की अपील की थी। याचिका में बताया गया था कि गांव बालू के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में कुल 25 स्वीकृत पद हैं जिनमें से 22 खाली हैं। तहसील स्तर पर अस्पताल में डाक्टरों के 8 में से 6 पद खाली हैं और नर्स एक भी नहीं है। वहीं, जिला स्तर पर मौजूद मल्टी स्पेशियलिटी हॉस्पिटल में भी डाक्टरों के 36 पद खाली हैं।
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Petition filed in high court on health care of Haryana
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट - फोटो : File Photo

 याची ने कहा कि राज्य सरकार की जिम्मेदारी होती है कि वह राज्य के नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाए। राज्य सरकार द्वारा मौजूद बजट के साथ ही केंद्र सरकार ने पिछले तीन साल में उन्हें 1562 करोड़ की ग्रांट जारी की है फिर भी राज्य के अस्पतालों में पद रिक्त पड़े हैं। हरियाणा सरकार ने बताया कि वह इन पदों को भरने के लिए प्रस्ताव संबंधित विभाग को भेज चुके हैं। 

कुछ डाक्टरों ने नियुक्ति के बाद ज्वाइन नहीं किया है। जल्द ही स्थिति बेहतर होने का राज्य ने दावा किया। इस पर याची ने कहा कि यदि यह पद भरे ही नहीं गए हैं जो ग्रांट के रूप में मिले हुए 1562 करोड़ कहां गए। हाईकोर्ट ने हरियाणा व केंद्र सरकार के हलफनामे को रिकार्ड पर लेते हुए सुनवाई 13 नवंबर तक स्थगित कर दी।

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