{"_id":"5751d4644f1c1b7d2810c938","slug":"petition-dismissed-of-subhash-chandra-s-nomination-for-rajya-sabha-challenging","type":"story","status":"publish","title_hn":"सुभाष चंद्रा के राज्यसभा नामांकन को चुनौती देने वाली याचिका खारिज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सुभाष चंद्रा के राज्यसभा नामांकन को चुनौती देने वाली याचिका खारिज
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sun, 05 Jun 2016 06:17 PM IST
विज्ञापन
सुभाष चंद्रा
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हरियाणा से राज्यसभा की दौड़ में शामिल भाजपा समर्थित प्रत्याशी सुभाष चंद्रा का नामांकन रद किए जाने की मांग संबंधी याचिका खारिज। हरियाणा से राज्यसभा की दौड़ में शामिल भाजपा समर्थित प्रत्याशी सुभाष चंद्रा का नामांकन रद किए जाने की मांग संबंधी याचिका शुक्रवार को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने खारिज कर दी।
लाडवा निवासी कांग्रेस नेता पवन कुमार गर्ग ने सुभाष चंद्रा के खिलाफ जारी मामलों का हवाला देते हुए याचिका दायर कर उनके राज्यसभा के लिए नामांकन पर उंगली उठाई थी। जस्टिस एसएस सारों और जस्टिस गुरमीत राम की खंडपीठ ने यचिकाकर्ता को कोई राहत न देते हुए सुनवाई से इंकार कर दिया। जस्टिस एसएस सारों ने कहा कि ऐसे मामलों में याची को अगर बहुत जल्दी है तो वह चुनाव आयोग के सामने अपना पक्ष रख सकता है।
याचिकाकर्ता पवन कुमार गर्ग ने कहा था कि हरियाणा से राज्यसभा की सीटों को भरने की प्रक्रिया जारी है, जिसके लिए चुनाव 11 जून को होगा। उन्होंने याचिका में कहा कि इस पद के लिए निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में सुभाष चंद्रा ने मंगलवार को नामांकन दाखिल किया था, जबकि सुभाष चंद्रा के खिलाफ एक एफआईआर दर्ज है और उस मामले की जांच भी चल रही है।
विज्ञापन
याचिका में कहा गया कि ऐसे हालात में सुभाष चंद्रा का नामांकन रद किया जाना चाहिए। याचिकाकर्ता के वकील ने इस मामले पर शुक्रवार को ही सुनवाई करने का आग्रह किया। इस पर बेंच ने कहा कि ऐसे मामलों में याची को अगर जल्दी है तो वह चुनाव आयोग के सामने अपना पक्ष रखे। हाईकोर्ट ने याची को तत्काल राहत देने से इंकार कर दिया।
विज्ञापन
लाडवा निवासी कांग्रेस नेता पवन कुमार गर्ग ने सुभाष चंद्रा के खिलाफ जारी मामलों का हवाला देते हुए याचिका दायर कर उनके राज्यसभा के लिए नामांकन पर उंगली उठाई थी। जस्टिस एसएस सारों और जस्टिस गुरमीत राम की खंडपीठ ने यचिकाकर्ता को कोई राहत न देते हुए सुनवाई से इंकार कर दिया। जस्टिस एसएस सारों ने कहा कि ऐसे मामलों में याची को अगर बहुत जल्दी है तो वह चुनाव आयोग के सामने अपना पक्ष रख सकता है।
विज्ञापन
याचिकाकर्ता पवन कुमार गर्ग ने कहा था कि हरियाणा से राज्यसभा की सीटों को भरने की प्रक्रिया जारी है, जिसके लिए चुनाव 11 जून को होगा। उन्होंने याचिका में कहा कि इस पद के लिए निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में सुभाष चंद्रा ने मंगलवार को नामांकन दाखिल किया था, जबकि सुभाष चंद्रा के खिलाफ एक एफआईआर दर्ज है और उस मामले की जांच भी चल रही है।
विज्ञापन
याचिका में कहा गया कि ऐसे हालात में सुभाष चंद्रा का नामांकन रद किया जाना चाहिए। याचिकाकर्ता के वकील ने इस मामले पर शुक्रवार को ही सुनवाई करने का आग्रह किया। इस पर बेंच ने कहा कि ऐसे मामलों में याची को अगर जल्दी है तो वह चुनाव आयोग के सामने अपना पक्ष रखे। हाईकोर्ट ने याची को तत्काल राहत देने से इंकार कर दिया।