फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Petition against 6 MPs of Modi Govt in Highcourt

मोदी के 6 सांसदों को हाईकोर्ट में चुनौती

Wed, 02 Jul 2014 04:47 PM IST
सुरजीत सिंह सत्ती/अमर उजाला, चंडीगढ़
सुरजीत सिंह सत्ती/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Wed, 02 Jul 2014 04:47 PM IST
विज्ञापन
Petition against 6 MPs of Modi Govt in Highcourt

केंद्रीय फूड प्रोसेसिंग मंत्री हरसिमरत कौर बादल समेत पंजाब से एनडीए के सभी छह सांसदों के चुनाव को पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में अलग-अलग याचिका दायर कर उनकी सदस्यता रद्द करने की मांग की गई है।

विज्ञापन


इन सांसदों पर वोट के लिए सिख धर्म के इस्तेमाल और चुनाव अधिकारियों को चुनाव खर्च का गलत ब्योरा देने का आरोप लगाया गया है। अभी ये याचिकाएं दायर की गई हैं और बेंच के समक्ष सुनवाई के लिए आने में समय लग सकता है।

विज्ञापन

इन्होंने डाली याचिकाएं

Petition against 6 MPs of Modi Govt in Highcourt

हरसिमरत बादल के खिलाफ नवजोत सिंह ने, रणजीत सिंह ब्रहमपुरा के खिलाफ कांग्रेसी उम्मीदवार हरमिंदर सिंह गिल ने, शेर सिंह गुबाया के खिलाफ वोटर भूपिंदर सिंह ने, प्रेम सिंह चंदूमाजरा के खिलाफ एडवोकेट हरभाग सिंह ने, विनोद खन्ना के खिलाफ नीरज सल्होत्रा और विजय सांपला के खिलाफ इंदरपाल सिंह ने।

विज्ञापन में सिख धर्म के इस्तेमाल का आरोप

Petition against 6 MPs of Modi Govt in Highcourt

सभी याचिकाओं में प्रमुख रूप से आरोप लगाया गया है कि शिअद-भाजपा ने विभिन्न चैनलों पर चुनाव प्रचार के लिए जारी विज्ञापन में सिख धर्म का इस्तेमाल किया।

विज्ञापन के शीर्षक नहीं रीसां, नहीं रीसां, नहीं रीसां पंजाब दीआं में हरमंदर साहिब, गुरुग्रंथ साहिब का प्रकाश दिखाया गया है और साथ में नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल एवं शिअद अध्यक्ष सुखबीर की तस्वीरों का इस्तेमाल किया गया।

इसके अलावा ‘करे कम्म लोक भलाई दे अकाली-बीजेपी सरकार’ शीर्षक के विज्ञापनों में हरमंदर साहिब, गत्तका और सिख धर्म के प्रतीक निशान साहिब केअलावा राष्ट्रीय ध्वज का इस्तेमाल किया गया।

विज्ञापन

गलत चुनाव खर्च बताने का आरोप

Petition against 6 MPs of Modi Govt in Highcourt

आरोप लगाया गया है कि ऐसे विज्ञापनों का प्रसारण विशेषकर पीटीसी चैनल पर दिन में कई बार प्रकाशित हुआ और वह भी सात अप्रैल से 28 अप्रैल तक लगातार। इस चैनल पर एकतरफा प्रचार हुआ और कांग्रेसी उम्मीदवारों को तरजीह तक नहीं दी गई।

नरेंद्र मोदी की रैलियों में हुए खर्च को विजयी उम्मीदवारों ने अपने चुनाव खर्च में काफी कम बताया है। याचिकाओं में आरोप लगाया गया है कि शिअद-भाजपा उम्मीदवारों ने चुनाव जीतने के लिए धर्म का सहारा लिया और चुनाव खर्च के गलत शपथ पत्र देकर नियमों का उल्लंघन किया, लिहाजा इनका चुनाव रद्द किया जाए और सदस्यता खत्म की जानी चाहिए।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed