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Chandigarh News: पीजीआई में पेट स्कैन की मशीन खराब, मरीजों को मिल रही चार माह बाद की तारीख

Wed, 02 Oct 2024 06:03 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Wed, 02 Oct 2024 06:03 AM IST
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Pet scan machine in PGI broken, patients getting date after four months
चंडीगढ़। पीजीआई की तीन पेट स्कैन में से एक मशीन काफी दिनों से खराब पड़ी है। इसके चलते जांच के लिए आने वाले मरीजों की पेंडेंसी बढ़ती जा रही है। मरीजों को जनवरी तक की डेट दी जा रही है। स्थिति यह है कि मरीजों को इमरजेंसी में जांच के लिए निजी सेंटर में 20 हजार से 25000 हजार रुपये तक खर्च करने पड़ रहे हैं जबकि पीजीआई में यह जांच 11 से 12 हजार रुपये में हो जाती है।
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बता दें कि पीजीआई के न्यूक्लियर मेडिसिन विभाग में पेट स्कैन की तीनों मशीनों के संचालित होने पर प्रतिदिन 40 से 45 मरीज का स्कैन किया जाता है। इसमें ओपीडी, इमरजेंसी और वार्ड के मरीज शामिल हैं। मौजूदा समय में एक मशीन खराब होने के चलते 10 से 15 मरीज कम लाभ प्राप्त कर पा रहे हैं। इन मरीजों को आगे की तारीख दी जा रही है जबकि यह जांच बेहद गंभीर बीमारियों में मरीज की वास्तविक स्थिति जानने के लिए की जाती है। ऐसे में उन मरीजों को अगले चार से पांच महीने की तारीख मिल रही है। इससे वे स्थिति गंभीर होने के डर से दोगुने से भी ज्यादा रुपये खर्च कर बाहर से जांच करने को मजबूर हैं।
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मरम्मत के सवाल पर गोल मोल जवाब

मशीन खराब होने के संदर्भ में पीजीआई प्रवक्ता से बात करने पर उन्होंने बताया कि दो मशीन काम कर रही हैं लेकिन एक खराब है। क्योंकि इसका एक पुर्जा खराब हो गया है जिसे बाहर से मंगवाना पड़ेगा। मशीन की कब तक मरम्मत हो जाएगी यह बताने के बजाय उनका कहना है कि मरम्मत में आमतौर पर 7 से 10 दिन लगते हैं लेकिन पुर्जे बाहर से मंगवाने पड़ते हैं। मरीजों को तीसरी मशीन से जांच की सुविधा का लाभ कब मिलेगा, इसमें संशय है।
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पेट स्कैन में ऐसे होती है जांच

पॉज़िट्रॉन एमिशन टोमोग्राफी (पेट) स्कैन कैंसर, हृदय रोग और मस्तिष्क की बीमारियों के शुरुआती लक्षणों का पता लगाता है। इसमें एक सुरक्षित रेडियोधर्मी ट्रेसर का इंजेक्शन शामिल होता है, जो रोगग्रस्त कोशिकाओं का पता लगाने में मदद करता है। पॉज़िट्रॉन एमिशन टोमोग्राफी स्कैन एक इमेजिंग टेस्ट है, जो आपके अंगों और ऊतकों की काम करते समय तस्वीरें तैयार करता है। इस टेस्ट में रेडियोट्रेसर नामक एक सुरक्षित, इंजेक्टेबल रेडियोएक्टिव रसायन और पेट स्कैनर नामक एक डिवाइस का इस्तेमाल किया जाता है। स्कैनर रोगग्रस्त कोशिकाओं का पता लगाता है जो रेडियोट्रेसर की बड़ी मात्रा को अवशोषित कर लेते हैं, जो संभावित स्वास्थ्य समस्या का संकेत देता है। स्वास्थ्य सेवा प्रदाता अक्सर कैंसर के निदान और कैंसर के उपचार का आकलन करने में मदद के लिए पेट स्कैन का उपयोग करते हैं। वे स्कैन के ज़रिए कुछ हृदय और मस्तिष्क संबंधी समस्याओं का भी आकलन कर सकते हैं।



इन बीमारियों में होती है जांच

कैंसर, जिसमें स्तन कैंसर, फेफड़े का कैंसर और थायरॉयड कैंसर शामिल हैं ।

कोरोनरी धमनी रोग, दिल का दौरा या अन्य हृदय संबंधी समस्याएं।

मस्तिष्क संबंधी विकार, जैसे मस्तिष्क ट्यूमर, मिर्गी, मनोभ्रंश और अल्जाइमर रोग ।
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