टिक-टॉक वीडियो जान पर पड़ा भारी, बिजली के खंभे पर चढ़ा, करंट से मौत, दो घंटे लटका रहा शव
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मतलौडा में आईटीआई के पीछे रेलवे के बिजली के खंभे पर टिक-टॉक वीडियो बनाने चढ़ा युवक हाईवोल्टेज तार की चपेट में आ गया। हादसे के बाद दोस्त छोड़कर भाग गए। दो घंटे तक डेड बॉडी तार पर ही लटकी रही। युवक के पिता की पहले मौत हो चुकी है। बड़ा भाई जेल में है।
अब छोटा भाई ही मां का सहारा था। राहगीरों की सूचना पर मौके पर पहुंची जीआरपी ने लाइन कटवाकर शव को खंभे से उतारकर सिविल अस्पताल में भिजवाया, पुलिस ने मृतक के मोबाइल को अपने कब्जे में ले लिया है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
गांव धर्मगढ़ निवासी 25 वर्षीय विकास उर्फ विक्की अपने दोस्तों के साथ मतलौडा में आईटीआई के पीछे करीब 4 बजे अपने तीन दोस्तों के साथ टिक-टॉक पर वीडियो बना रहा था। विकास रेलवे लाइन के नजदीक रेलवे की बिजली सप्लाई वाले खंभे पर चढ़ गया। अच्छा वीडियो बनाने के चक्कर में वह और ऊंचाई पर चढ़ गया।
हाई वोल्टेज की लाइन ने उसे करीब पांच फीट की दूरी से अपनी ओर खींच लिया। जिसके कारण वह झुलस गया। दोस्त हादसे के बाद फरार हो गए। किसी राहगीर ने मामले की जानकारी मतलौडा पुलिस को दी।
मतलौडा पुलिस ने मामले की जानकारी जीआरपी को दी। जीआरपी के एसआई हवा सिंह ने रेलवे के उच्च अधिकारियों को मामले की जानकारी देकर सप्लाई बंद करवाई और शव को पानीपत के सामान्य अस्पताल में ले गए। पुलिस ने विकास के मोबाइल को अपने कब्जे में ले लिया।
मृतक विकास के पिता और चाचा का पहले देहांत हो गया था। वहीं, एक बड़ा भाई ट्रक ड्राइवर था जो जेल में है। वह अपनी माता के साथ ही गांव में रहता था। उसके चचेरे भाई भूपेंद्र ने बताया कि विकास 12वीं के बाद सेना में भर्ती की तैयारी कर रहा था।
लाइन को बंद करने के बाद भी रहता है 11 हजार वोल्ट करंट
जीआरपी के एसएसई सूरज मीणा ने बताया कि इस इलेक्ट्रिक लाइन में 25 हजार वोल्ट करंट होता है। इस लाइन के बंद करने के बाद भी इसमें 11 हजार वोल्ट करंट होता है। इस लाइन को अर्थ करने के बाद करंट पूरी तरह से समाप्त होता है। यह लाइन रिमोट से दिल्ली से बंद होती है। लाइन बंद करने के बाद करीब 6 बजे शव को नीचे उतारा गया। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल ले गए।
चर्चाएं ये भी
चर्चाएं ये भी हैं कि विकास ने अपने दोस्तों के साथ पहले शराब पी थी। इसके बाद तीनों की बिजली के खंभे पर चढ़कर टिक-टॉक वीडियो बनाने की शर्त लगी थी। इसी के प्रयास में विकास की करंट की चपेट में आने से मौत हुई है।
पानीपत में दो साल में पांच युवा चढ़े टिक-टॉक के चाह में मौत के मुंह में समाए
पानीपत में दो साल में पांच युवा टिक-टॉक वीडियो बनाने के चक्कर में मौत के मुंह में समाए। पिछले साल शहर के तीन युवा पेप्सी पुल के पास टिक-टॉक वीडियो बना रहे थे। तीनों सुपर फास्ट ट्रेन के सामने से गुजरने का दृश्य अपने मोबाइल में कैद करने का प्रयास कर रहे थे। तीनों की ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई थी। इसके अलावा जनवरी माह में एक युवक ने टिक-टॉक वीडियो बनाने के लिए अपने प्राइवेट पार्ट में कंप्रेशर की पाइप डाल ली थी। इसमें उसकी भी मौत हो गई थी।
टिक-टॉक वीडियो बनाने के प्रयास में अपनी जिंदगी को दांव पर लगाना गलत है। युवाओं को अपने परिवार की ओर देखना चाहिए। न तो ऐसा किसी को करने दें और न ही खुद करें। जीवन अनमोल है। इसको सही दिशा में लेकर जाएं। - सतीश वत्स, डीएसपी हेडक्वार्टर