लुधियाना: पुलिस कमिश्नर दफ्तर के बाहर व्यक्ति ने परिवार संग की आत्महत्या की कोशिश
पिछले साल लॉकडाउन की वजह से पीड़ित की दुकान बंद हो गई थी। इसके बाद उसकी दुकान किसी ने किराए पर ले ली। इस बात की जानकारी जब पीड़ित को हुई तो उसने पुलिस से शिकायत की। हालांकि कोई कार्रवाई न होने से खफा व्यक्ति ने परिवार संग आत्महत्या की कोशिश की।
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पुलिस कमिश्नर दफ्तर में सोमवार को उस समय भगदड़ मच गई, जब एक व्यक्ति ने पत्नी और दो बच्चों समेत आत्महत्या की कोशिश की। व्यक्ति ने अपने, पत्नी और दो बच्चों के ऊपर पेट्रोल छिड़क लिया था। गनीमत रही कि वहां मौजूद पत्रकारों ने किसी तरह उसे काबू किया और हाथ से माचिस छीन कर फेंक दी।
हैरानी की बात यह है कि व्यक्ति परिवार समेत पुलिस कमिश्नर दफ्तर के बाहर बैठा रहा, अपनी दास्तां सुनाता रहा और खुद पर तेल भी डाल लिया और पुलिस मुलाजिम मूकदर्शक बन देखते रहे। जब लोग आगे आए तो वहां मौजूद दो तीन पुलिस मुलाजिमों ने सीआरपीएफ कालोनी निवासी सतिंदरपाल सिंह और उसके पीड़ित परिवार पर पानी डाला। कुछ समय बाद वह उसे पुलिस कमिश्नर राकेश अग्रवाल के पास ले गए, जहां उन्हें कार्रवाई का आश्वासन देकर भेज दिया गया।
सतिंदरपाल सिंह ने बताया कि भाटिया ऑटो पार्ट्स के नाम से उसकी दुकान काली सड़क पर है। पिछले साल 22 मार्च को कोरोना महामारी के कारण लॉकडाउन लग गया तो उनकी दुकान बंद हो गई थी। कोई काम धंधा नहीं चला तो उसने कुछ और काम शुरू कर दिया। वह करीब 15 दिन बाद दुकान पर जाता था और सफाई करने के बाद वापस आ जाता था। 28 जनवरी 2021 को वह दुकान पर गया और सारे सामान की वीडियो बनाकर वापस आ गया।
28 मार्च को उन्हें भाई का फोन आया कि उसकी दुकान पर कोई पेंट करवा रहा है। पड़ोसी दुकानदार ने बताया कि दुकान किराए पर दे दी गई है। जब उसने प्रदीप से दुकान के बारे में बात की तो उसने कहा कि विक्की ने दुकान खरीद ली है।
वह अपनी पत्नी के साथ दुकान पर पहुंच गया। वहां से वह सीधे थाना बस्ती जोधेवाल पहुंचा और एसआई जसविंदर सिंह को शिकायत दी। वह अगले दिन विजय कुमार के साथ मौके पर पहुंच गए। जांच के बाद उनके बयान लिखवा दिए गए और कार्रवाई के लिए बोल दिया गया।
अगले दिन दूसरे पक्ष ने क्या कहा कुछ पता नहीं चला तो कार्रवाई रुक गई। एसीपी से बात की गई तो उन्होंने जांच के बाद थाना प्रभारी गोल्डी विर्दी को जांच के आदेश जारी कर दिए। उसके बाद कुछ अकाली नेता बीच बचाव के लिए आ गए। कोई कार्रवाई नहीं हुई तो उस पर लगातार प्रेशर डाला जाने लगा कि वह समझौता करे। वह कार्रवाई के लिए अड़ा रहा तो उसकी कोई कार्रवाई नहीं हुई। जब वह थाना प्रभारी के पास पहुंचा तो उल्टा उसे गाली देने लगे। अब उसकी पुलिस कमिश्नर से मांग है कि इस पर कार्रवाई की जाए।
क्या कहते हैं पुलिस कमिश्नर
पुलिस कमिश्नर राकेश अग्रवाल ने बताया कि पीड़ित परिवार के साथ बैठा था, उससे बात की गई है। मामले की जांच एडीसीपी वन को सौंपी गई है, जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस कमिश्नर ने बताया कि अगर इस मामले में किसी पुलिस मुलाजिम की या फिर जिन पर आरोप लगाए हैं उनकी कोई शमुलियत पाई गई तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।