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बढ़ेगा कोरोना का कहर : लोग झुंड बनाकर घरों के बाहर बैठे रहे

Fri, 27 Mar 2020 08:54 PM IST
Panchkula bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Fri, 27 Mar 2020 08:54 PM IST
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peoples sit together in park, chances of corona increasing
चंडीगढ़। कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों को रोकने के लिए कर्फ्यू लगा है। शहर के कई हिस्सों में लोगों को कर्फ्यू भी घर में नहीं रोक पा रहा है। शहर के कुछ सेक्टरों और कॉलोनियों का नजारा कमोवेश एक जैसा ही है। कर्फ्यू को मजाक समझकर लोग पुलिस के आते ही घर में भाग जाते हैं, लेकिन उनके जाते ही फिर बाहर आकर खड़े हो जाते हैं। यह खेल पिछले तीन दिन से चल रहा है। लोग अब भी नहीं समझे तो ये खेल हजारों की जिंदगी पर भारी पड़ सकता है।
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अमर उजाला टीम ने शुक्रवार को शहर के कई हिस्सों का दौरा किया और पाया कि शहरवासी अभी भी कोरोना वायरस जैसी गंभीर वैश्विक महामारी को लेकर गंभीर नहीं हैं। धनास की पुनर्वास कालोनी में लोग झुंड बनाकर घरों के बाहर बैठे रहे तो वहीं मलोया में लोग पार्क में घूमते दिखाई दिए। सेक्टर-32 में भी कुछ लोग घर के बाहर बैठे नजर आए। हल्लोमाजरा और रामदरबार में लोग गलियों में घूमते नजर आए। पुलिस के कड़े पहरे का भी इन लोगों पर असर नहीं दिखाई दे रहा है। कारण है कि पुलिस कॉलोनी के बाहर नाका लगाए हुए हैं, अंदर कोई कंट्रोल नहीं है। पुलिस की तरफ से बार-बार चेतावनी दी गई, लेकिन लोगों पर इसका असर पड़ता दिखाई नहीं दे रहा है।
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यह मजाक नहीं, बेहद गंभीर स्थिति में लगाया जाता है कर्फ्यू
कर्फ्यू बेहद गंभीर स्थिति में लगाया जाता है। कर्फ्यू के दौरान लोगों को अपने घरों से बाहर जाने की इजाजत नहीं होती। चूंकि इसमें छूट बेहद कम होती है, इसलिए कर्फ्यू के दौरान सिर्फ वही सेवाएं चालू रहती हैं, जो बेहद जरूरी हों। लोगों को हिदायत दी जाती है कि वो अपने घरों से बाहर सड़कों पर न निकलें। उल्लंघन करने वाले की गिरफ्तारी हो सकती है और जुर्माना भी लगाया जा सकता है। जब कर्फ्यू में ढील दी जाती है तभी ये सारी सेवाओं का लाभ घरों में बंद लोगों को मिलता है और वो बाहर निकल सकते हैं।
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कर्फ्यू तोड़ा तो कितनी सजा का प्रावधान
कर्फ्यू तोड़ने पर सेक्शन 188 में आरोपी को छह महीने तक की सजा का प्रावधान है। अमूमन जब दंगे होते हैं, तब ही कर्फ्यू लगाया जाता है। उस दौरान पुलिस कर्फ्यू का उल्लंघन करने वालों पर दंगा करने या करवाने, प्रॉपर्टी डैमेज या मर्डर के भी सेक्शन लगाती है। जुर्म साबित होने पर ऐसे अपराधियों को 10 साल से लेकर आजीवन कारावास तक की सजा होती है। लेकिन, अभी कोरोना की वजह से इस बीमारी को फैलने से रोकने के लिए पब्लिक पर जो कर्फ्यू लगाया गया है, उसमें भी कानून तोड़ने वाले आरोपियों को मुकदमे की पूरी प्रक्रिया से गुजरना पड़ेगा।
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