ढील न बरतें : आने वाला है कोरोना का चरम, 14 दिन के लिए बदलें आदत, टूट जाएगी संक्रमण की चेन
- विशेषज्ञ बोले, टीकाकरण और कोविड से बचाव के पालन करने से ही कमजोर पड़ेगा वायरस
- लोग नियमों का पालन करते हैं तो अप्रैल के आखिर में गिरावट आने लगेगी
विस्तार
चंडीगढ़ में कोरोना संक्रमण की स्थिति दिन-प्रतिदिन अनियंत्रित होती जा रही है। रोजाना आ रहे केस नया रिकॉर्ड बना रहे हैं। विशेषज्ञों की मानें तो चंडीगढ़ में कोरोना की दूसरी लहर आ चुकी है। अगले डेढ़ हफ्ते में शहर के केस चरम पर होंगे। स्थिति ज्यादा गंभीर हुई तो मरीजों को दाखिल करने के लिए अस्पतालों में बिस्तर नहीं मिलेंगे।
हालांकि, विशेषज्ञों का यह भी मानना है कि इस चरम को रोका जा सकता है। बशर्ते, शहरवासी अगले 14 दिनों के लिए अपनी आदतों में बदलाव ले आएं। पीजीआई के स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ के पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. राजेश कुमार के मुताबिक लोगों को दो बातों पर फोकस करना होगा।
पहला, कोविड से बचाव के लिए जो दिशा-निर्देश दिए गए हैं, उसे व्यक्तिगत जिम्मेदारी समझकर पालन करें। दूसरा, घर में जो भी 45 साल से ऊपर के सदस्य हैं, उनका टीकाकरण अवश्य करवाएं। दोनों खुराक लगवानी जरूरी है। दोनों काम एक साथ होने से संक्रमण की चेन टूट जाएगी। संक्रमण की चेन तोड़ने के लिए 14-15 दिनों तक कोरोना के प्रोटोकाल का पालन करना आवश्यक होता है। यदि लोग ऐसा करते हैं तो अप्रैल के आखिरी दिनों या मई की शुरुआत में कोरोना के केसों में गिरावट आने लगेगी।
उन्होंने बताया कि बीते एक हफ्ते में पंजाब के केसों में स्थिरता आ चुकी है, लेकिन चंडीगढ़ में बढ़ रहे हैं। अगले 15 दिन केस और बढ़ने की उम्मीद है। यदि लोगों ने आदतों में बदलाव नहीं किया तो केस बढ़ेंगे।
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ये पांच बातें दोहरानी होंगी
- मास्क पहनना, बात करते वक्त दूरी बनाना और बार-बार हाथ धोना।
- भीड़-भाड़ वाली जगहों पर जानें से बचें। जरूरी हो तो नियमों का पालन करें।
- घर के 45 साल से ऊपर सभी सदस्यों को कोरोना का टीका लगवाएं।
- टीके की दूसरी डोज लगवाने के बाद भी कोविड से बचाव का पालन करें।
- लक्षण दिखते ही क्वारंटीन हो जाएं और नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर संपर्क करें।
मेरे विचार से लोगों को लंबे समय तक नियमों का पालन करना होगा। साथ में टीकाकरण भी करवाना होगा। जितनी जल्दी टीकाकरण करवाएंगे, उतना इस बीमारी से बचाव होगा अन्यथा यह साल भी पिछले साल की तरह चला जाएगा। -प्रो. जगतराम, निदेशक पीजीआई