चंडीगढ़: कोरोना का खौफ न चालान का डर... वीकेंड पर मस्ती में डूबा शहर
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प्रशासन की ओर से चंडीगढ़ में वीकेंड कर्फ्यू लगाने की बात कई दिनों से कही जा रही है। तर्क है कि शनिवार और रविवार को छुट्टी होने की वजह से लोग बड़ी संख्या में पब्लिक प्लेस पर पहुंच जाते हैं। इस दौरान कई लोग मास्क और सोशल डिस्टेंस के नियमों का उल्लंघन करते हैं। पुलिस व प्रशासन के अधिकारी सख्ती बरत रहे हैं और धड़ाधड़ चालान काटे जा रहे हैं, मगर लोग हैं कि मानते नहीं। जिन जगहों से लगातार शिकायतें आ रहीं थीं, रविवार को उन पब्लिक प्लेस पर रविवार को अमर उजाला के चार संवाददाता पहुंचे और वास्तविक हाल देखा। इस दौरान एक बात साफ नजर आई कि लोग कोरोना से बेफिक्र हैं। उन्हें न तो खुद की चिंता है और न ही दूसरे लोगों की। पेश है नवदीप मिश्रा, अभिषेक वाजपेयी, नीरज कुमार और संजीव पंगोत्रा रिपोर्ट।
दोपहर 12.30 बजे, एलांते मॉल की पार्किंग फुल
एलांते मॉल की पार्किंग में खड़ी कारों की संख्या से अंदाजा लगाया जा सकता है कि मॉल के अंदर कितने लोग होंगे। लोग संडे को फुल इंज्वाय कर रहे हैं। इनमें से किसी को भी कोरोना का कोई डर नहीं है। लोगों को शायद यह भी नहीं पता कि बंद जगहों पर कोरोना का खतरा सबसे ज्यादा है। पार्किंग से निकलते लोगों को देखकर लग रहा है कि वह फैमिली के साथ मॉल का भ्रमण करने आए हैं। इनमें बच्चे, युवा और व्यस्क सब शामिल हैं। सीनियर सिटीजन भी दिख रहे हैं, लेकिन मॉल के अंदर नहीं।
लोगों ने मास्क पहन रखा है, लेकिन सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं हो रहा है। यह स्थिति तब है, जब दो दिन पहले मॉल का एक कर्मचारी कोरोना पॉजिटिव पाया गया था। हालांकि प्रोटोकॉल के तहत मॉल को सैनिटाइज व स्टोर को 48 घंटे के लिए सील कर दिया गया लेकिन लोगों को इससे कोई लेना-देना नहीं। उन्हें तो बस घूमने और शॉपिंग से मतलब है। बाहर रेहड़ी लगाने वालों ने मास्क तो पहने हैं, लेकिन ग्लव्ज गायब हैं। लोग उनसे सामान खरीद रहे हैं।
वैज्ञानिक भी चेता चुके हैं कि लोगों को उन जगहों पर जाने से बचना चाहिए, जहां भीड़ और लोगों की संख्या ज्यादा है। लोगों के ज्यादा होने से कोरोना का खतरा बढ़ता है क्योंकि 80 फीसदी कोरोना के वह मरीज हैं, जिनमें कोई लक्षण नहीं है। मॉल में एंट्री के वक्त लोगों के हाथों को सैनिटाइज करने के साथ तापमान चेक किया जा रहा है और मोबाइल पर अरोग्य सेतु एप भी देखा जा रहा है। अंदर सुरक्षाकर्मी भी खड़े हैं, जो लोगों को सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने के प्रति जागरूक कर रहे हैं लेकिन लोग कहां मानने वाले हैं।
समय शाम 5 बजे, सुखना लेक पर बिना मास्क के सेल्फी
चंडीगढ़ प्रशासन के अधिकारियों के अलावा सिविल सोसाइटी की ओर से बार-बार लोगों से अपील की जा रही है कि सुखना लेक पर आएं तो सीमित संख्या में आएं और कोरोना से बचाव के लिए बनाए गए नियम-कानून का पालन करें लेकिन इस अपील का लोगों पर कोई असर नहीं है। लोग भारी संख्या में सुखना लेक पर जुट रहे हैं। ऐसा लग रहा है कि कुछ हुआ ही नहीं है।
बिना मास्क पहने लोग सेल्फी ले रहे हैं। कुछ सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कर रहे हैं तो कुछ नहीं। पूरे वक्त पुलिस भी लेक पर नहीं खड़ी हो सकती। शाम पांच बजे चालान नहीं कट रहे थे, लेकिन कुछ देर बाद पता चला कि मीडिया वाले आए हैं तो पुलिस ने उन लोगों के चालान काटने शुरू कर दिए जो बिना मास्क लेक पर मस्ती कर रहे थे।
पुलिसकर्मियों का कहना था कि वह रोजाना लोगों को जागरूक कर रहे हैं। इसके बावजूद लोग नहीं मान रहे। ऐसे में चालान काटना पड़ रहा है। यह भीड़ उनके लिए भी परेशानी खड़ी कर रही है, जो सुखना पर सिर्फ एक्सरसाइज व सैर के लिए आते हैं। इन लोगों का कहना है कि सुखना पर कोई भी आ सकता है, लेकिन फैमिली के साथ आने से बचें। हर कोई चाहता है कि वीकेंड है तो सुखनाचलते हैं। इसी सोच से सुखना पर भीड़ बढ़ रही है।
समय दोपहर एक बजे, मोबाइल मार्केट में बेसमेंट की दुकानों में सोशल डिस्टेंसिंग नहीं
सेक्टर-22 की मार्केट शहर की सबसे बड़ी मोबाइल मार्केट है। यहां पर पूरी ट्राइसिटी के ग्राहक मोबाइल व उससे जुड़ी एसेसरीज खरीदने आते हैं। अनलॉक के बाद से यहां अच्छी खासी भीड़ देखी जा सकती है। कंपनियों के शोरूम में तो लोग दूरी बनाकर खरीददारी कर रहे हैं लेकिन बेसमेंट में चल रहे छोटे-छोटे केबिन वाली दुकानों में सोशल डिस्टेंसिंग का बिल्कुल भी ध्यान नहीं रखा जा रहा।
कम जगह और ज्यादा लोगों के जुटने से यहां संक्रमण का खतरा ज्यादा है। एंट्रेस पर हाथों को सैनिटाइज करने वाला युवक आपको जरूर मिल जाएगा, लेकिन जैसे ही बेसमेंट में पहुंचेंगे नजारा ही अलग दिखाई देगा। इसे देखकर डर के साथ हैरानी भी हो रही है। ग्राहक बिना सोशल डिस्टेंसिंग के एक दूसरे के साथ सटकर खरीदारी करते दिख रहे हैं।
वैज्ञानिक भी बता चुके हैं जहां जगह कम है और लंबे समय तक बातचीत करते हैं तो कोरोना का वायरस शरीर के अंदर प्रवेश कर सकता है। इन चुनौतियों के बावजूद दुकानदार सतर्कता बरतने में कोताही बरत रहे हैं। कोई रोक-टोक नहीं है। जितने चाहे, उतने लोग खड़े हो रहे हैं। यहां लोगों ने चेहरे पर मास्क भी ठीक ढंग नहीं पहन रखा है। ऐसे में इस मार्केट में कोरोना से संक्रमित होने का खतरा है।
समय शाम 5.45 बजे, बुड़ैल में दिखी सतर्कता
बुड़ैल में लोग कोविड-19 के प्रति काफी सचेत दिखे। रविवार का दिन होने के कारण सड़कों और दुकानों पर भीड़ कम नजर आई लेकिन जो भी लोग दिखे वह सभी मास्क लगाकर और सामाजिक दूरी का पालन करते नजर आए। यहां आम ग्राहक या लोग सभी मास्क में दिखे। मैकेनिक भी मास्क लगाकर ही गाड़ी ठीक कर रहे हैं।
लवली ऑटो सेंटर के मालिक अशोक कुमार ने बताया कि उनके पास जो भी ग्राहक आ रहे हैं, वह पहले ही मास्क लगाकर आ रहे हैं। जो ऐसा नहीं करते हैं, उन्हें वापस लौटा दिया जाता है। रजिंद्रा पेंट एंड हार्डवेयर स्टोर के मालिक भारत भूषण कपिला ने बताया कि बिना मास्क के किसी को एंट्री नहीं है। लोगों को भी यह बात अब समझ में आ गई है कि मास्क बहुत जरूरी है।
उनका कहना है कि अनलॉक में जब दुकानें खुलीं तब कुछ दिक्कतें आईं थीं। लोग मास्क नहीं पहनते थे लेकिन अब लोग नियमों का पालन कर रहे हैं। हालांकि कई बार शिकायतें मिली थीं कि बुड़ैल में सोशल डिस्टेंसिंग की धज्ज्यिां उड़ रहीं हैं और लोग एक दूसरे से सटकर सामान खरीदते हैं। प्रशासन की ओर से दबाव बढ़ने के बाद पुलिस ने भी गश्त तेज कर दी है और चालान धड़ाधड़ काटे जा रहे हैं।