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पेंशन की टेंशन, धूप में धक्के और मारमारी, बुजुर्ग बेहोश
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Wed, 09 Mar 2016 09:49 AM IST
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पेंशन, पेंशनर
- फोटो : अमर उजाला
सीनियर सिटीजन और दिव्यांगों को पेंशन की बेहतरीन सुविधा उपलब्ध कराने के चंडीगढ़ प्रशासन के दावे धरे के धरे रहे गए। मंगलवार को सेक्टर-23 स्थित बाल भवन में पेंशन लेने पहुंचे 500 से अधिक लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। गर्मी से बेहाल कई बुजुर्ग तो बेहोश हो गए तो कई दिव्यांग बच्चों की हालत खराब हो गई, लेकिन पेंशन विभाग के अधिकारी इससे बेखबर रहे। पेंशन पाने के लिए लोग 4 से 5 घंटे तक धूप में बेहाल होते रहे, लेकिन उनकी सुनने वाला कोई नहीं था।
शहर के विभिन्न सेक्टर और कॉलोनी से पेंशन की आस में पहुंचे लोगों को मायूस होकर लौटना पड़ा। बाल भवन में सुबह 9 बजे से ही पेंशन लेने के लिए लोगों की लाइनें लगनी शुरू हो गईं, लेकिन पेंशन के लिए जारी किए गए एटीएम कार्ड ही चालू नहीं हो सके। बुड़ैल से पहुंचे 93 वर्षीय मंगत सिंह ने बताया कि वह कई दिन से पेंशन के लिए चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही। एक हादसे में 60 फीसदी जल चुके श्याम देव सेक्टर-52 निवासी हैं।
देव ने बताया कि कॉलोनी में आग लगने से उनका एक हाथ पूरी तरह जल गया, लेकिन डेढ़ साल से कागज पूरे होने पर भी पेंशन नहीं दी जा रही। सेक्टर-35 डी के मकान नंबर 3562 निवासी 70 वर्षीय मणी सिंह ने 3 मार्च से पेंशन के लिए चक्कर लगा रहे हैं। उन्होंने बताया कि पेंशन के लिए एटीएम कार्ड बन चुका है, लेकिन सिग्नेचर मशीन में नहीं मिल पा रहे।
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सेक्टर-47 निवासी 70 वर्षीय निर्मला देवी भी पेंशन के लिए दर दर की ठोकरें खा रही हैं। सेक्टर-25 कॉलोनी निवासी रेशमा ने बताया कि पहले उसे सेक्टर-15 संपर्क सेंटर और फिर बाल भवन जाने के लिए कह दिया, लेकिन यहां पर कोई सुनवाई नहीं हो रही।
अगले महीने तक सिस्टम पूरी तरह दुरुस्त होगा
बुजुर्गों को पेंशन लेने में आ रही दिक्कतों की मुझे जानकारी मिल गई है। मैंने आज ही संबंधित बैंक अधिकारियों को तुरंत सिस्टम को दुरुस्त करने के आदेश दिए हैं। भविष्य में पेंशनधारकों को बाल भवन के हाल में बिठाया जाएगा। हाल में 100 कुर्सियां और पानी की व्यवस्था भी होगी। अगले महीने तक पेंशन वितरण सिस्टम को पूरी तरह दुरुस्त कर दिया जाएगा।
- निशु सिंगल, डायरेक्टर, सोशल वेलफेयर डिपार्टमेंट, यूटी
शहर में कुल 20 हजार पेंशनधारक, 3100 को एटीएम कार्ड जारी
चंडीगढ़ में कुल 20 हजार पेंशनधारक हैं। जिसमें 10 हजार 300 बुजुर्ग, 6400 विधवा और 3300 दिव्यांग और अन्य पेंशन धारक हैं। पेंशनधारकों को शहर के विभिन्न संपर्क सेंटर और बाल भवन में पेंशन बांटी जाती है। बैंक के कर्मचारी ही यहां आकर पेंशन बांटने का काम करते हैं। करीब 3100 पेंशनधारकों को एटीएम कार्ड जारी भी किया जा चुका है। यूटी प्रशासन ने 15 मार्च तक सभी पेंशनधारकों को एटीएम कार्ड देने का लक्ष्य तय किया गया है।
अप्रैल से पेंशन होगी डबल
अप्रैल से बुढ़ापा, विधवा और उसके दो बच्चों को पेंशन 500 की बजाए 1 हजार रुपये मिलेगी। प्रशासन ने पेंशन को बढ़ाकर सीधा दोगुना कर दिया है। इसके अलावा पेंशन के लिए पारिवारिक वार्षिक आय की शर्त को भी 12 हजार से बढ़ाकर डेढ़ लाख कर दिया है। नई इनकम स्लैब से काफी नए लोग भी अब पेंशन का लाभ ले सकेंगे। दिव्यांग और बेसहारा बच्चों की पेंशन भी रिवाइज की जा रही है। यह पेंशन हरियाणा की तर्ज पर बढ़ाई जानी है। अभी दिव्यांग और बेसहारा बच्चों को 500 रुपये प्रतिमाह पेंशन मिलती है। जबकि हरियाणा में 2100 रुपये पेंशन मिलती है।
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शहर के विभिन्न सेक्टर और कॉलोनी से पेंशन की आस में पहुंचे लोगों को मायूस होकर लौटना पड़ा। बाल भवन में सुबह 9 बजे से ही पेंशन लेने के लिए लोगों की लाइनें लगनी शुरू हो गईं, लेकिन पेंशन के लिए जारी किए गए एटीएम कार्ड ही चालू नहीं हो सके। बुड़ैल से पहुंचे 93 वर्षीय मंगत सिंह ने बताया कि वह कई दिन से पेंशन के लिए चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही। एक हादसे में 60 फीसदी जल चुके श्याम देव सेक्टर-52 निवासी हैं।
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देव ने बताया कि कॉलोनी में आग लगने से उनका एक हाथ पूरी तरह जल गया, लेकिन डेढ़ साल से कागज पूरे होने पर भी पेंशन नहीं दी जा रही। सेक्टर-35 डी के मकान नंबर 3562 निवासी 70 वर्षीय मणी सिंह ने 3 मार्च से पेंशन के लिए चक्कर लगा रहे हैं। उन्होंने बताया कि पेंशन के लिए एटीएम कार्ड बन चुका है, लेकिन सिग्नेचर मशीन में नहीं मिल पा रहे।
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सेक्टर-47 निवासी 70 वर्षीय निर्मला देवी भी पेंशन के लिए दर दर की ठोकरें खा रही हैं। सेक्टर-25 कॉलोनी निवासी रेशमा ने बताया कि पहले उसे सेक्टर-15 संपर्क सेंटर और फिर बाल भवन जाने के लिए कह दिया, लेकिन यहां पर कोई सुनवाई नहीं हो रही।
अगले महीने तक सिस्टम पूरी तरह दुरुस्त होगा
बुजुर्गों को पेंशन लेने में आ रही दिक्कतों की मुझे जानकारी मिल गई है। मैंने आज ही संबंधित बैंक अधिकारियों को तुरंत सिस्टम को दुरुस्त करने के आदेश दिए हैं। भविष्य में पेंशनधारकों को बाल भवन के हाल में बिठाया जाएगा। हाल में 100 कुर्सियां और पानी की व्यवस्था भी होगी। अगले महीने तक पेंशन वितरण सिस्टम को पूरी तरह दुरुस्त कर दिया जाएगा।
- निशु सिंगल, डायरेक्टर, सोशल वेलफेयर डिपार्टमेंट, यूटी
शहर में कुल 20 हजार पेंशनधारक, 3100 को एटीएम कार्ड जारी
चंडीगढ़ में कुल 20 हजार पेंशनधारक हैं। जिसमें 10 हजार 300 बुजुर्ग, 6400 विधवा और 3300 दिव्यांग और अन्य पेंशन धारक हैं। पेंशनधारकों को शहर के विभिन्न संपर्क सेंटर और बाल भवन में पेंशन बांटी जाती है। बैंक के कर्मचारी ही यहां आकर पेंशन बांटने का काम करते हैं। करीब 3100 पेंशनधारकों को एटीएम कार्ड जारी भी किया जा चुका है। यूटी प्रशासन ने 15 मार्च तक सभी पेंशनधारकों को एटीएम कार्ड देने का लक्ष्य तय किया गया है।
अप्रैल से पेंशन होगी डबल
अप्रैल से बुढ़ापा, विधवा और उसके दो बच्चों को पेंशन 500 की बजाए 1 हजार रुपये मिलेगी। प्रशासन ने पेंशन को बढ़ाकर सीधा दोगुना कर दिया है। इसके अलावा पेंशन के लिए पारिवारिक वार्षिक आय की शर्त को भी 12 हजार से बढ़ाकर डेढ़ लाख कर दिया है। नई इनकम स्लैब से काफी नए लोग भी अब पेंशन का लाभ ले सकेंगे। दिव्यांग और बेसहारा बच्चों की पेंशन भी रिवाइज की जा रही है। यह पेंशन हरियाणा की तर्ज पर बढ़ाई जानी है। अभी दिव्यांग और बेसहारा बच्चों को 500 रुपये प्रतिमाह पेंशन मिलती है। जबकि हरियाणा में 2100 रुपये पेंशन मिलती है।