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गांव में टैक्स लगाने पर पेंडू संघर्ष कमेटी ने किया विरोध
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चंडीगढ़। यूटी प्रशासन की ओर से नगर निगम में शामिल किए गए 12 ग्राम पंचायतों के सभी 13 गांवों की कामर्शियल, इंडस्ट्रियल और इंस्टीट्यूशनल जमीन और इमारतों पर प्रॉपर्टी टैक्स लगाने के आदेश दिए गए थे। इसका पेंडू संघर्ष कमेटी ने भी विरोध किया है। कमेटी के महासचिव गुरप्रीत सिंह सोमल ने कहा कि यह गांव के लोगों के साथ अन्याय है। प्रशासन ने पहले पंचायत छीनी और अब मनमाने तरीके से टैक्स लगाने का आदेश दिया है। गांव के लोग इसे स्वीकार नहीं करेंगे। प्रशासन इसे वापस ले।
गुरप्रीत सिंह सोमल ने कहा कि गांव में किसी भी प्रकार के विकास के काम नहीं किए गए हैं। गांव की हालत बदतर हो गई है। गावं की गलियां और सड़कें टूटी हुई हैं, इन्हें ठीक नहीं किया जा रहा है। गांव के लोगों पर आर्थिक बोझ डाला जा रहा है। जब पंचायतें थीं तो गांव में विकास के काम ठीक तरीके से किए जा रहे थे। पिछले साल नवंबर में 13 गांवों को नगर निगम में शामिल किया गया था। इनमें किशनगढ़, मौलीजागरां, दड़वा, रायपुर कलां, मक्खन माजरा, बहलाना, रायपुर खुर्द, धनास, सारंगपुर, खुड्डा अलीशेर, खुड्डा जस्सू, लाहौरा और कैंबवाला शामिल हैं।
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गुरप्रीत सिंह सोमल ने कहा कि गांव में किसी भी प्रकार के विकास के काम नहीं किए गए हैं। गांव की हालत बदतर हो गई है। गावं की गलियां और सड़कें टूटी हुई हैं, इन्हें ठीक नहीं किया जा रहा है। गांव के लोगों पर आर्थिक बोझ डाला जा रहा है। जब पंचायतें थीं तो गांव में विकास के काम ठीक तरीके से किए जा रहे थे। पिछले साल नवंबर में 13 गांवों को नगर निगम में शामिल किया गया था। इनमें किशनगढ़, मौलीजागरां, दड़वा, रायपुर कलां, मक्खन माजरा, बहलाना, रायपुर खुर्द, धनास, सारंगपुर, खुड्डा अलीशेर, खुड्डा जस्सू, लाहौरा और कैंबवाला शामिल हैं।
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