{"_id":"2f08d69d27d2c3a3d1a048c3225a7f94","slug":"pending-bill-detail-will-be-show-on-electricity-meter-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"अब मीटर पर दिखाई देगी पेंडिंग बिल की डिटेल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अब मीटर पर दिखाई देगी पेंडिंग बिल की डिटेल
ब्यूरो/अमर उजाला, पानीपत
Updated Tue, 26 May 2015 01:34 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शहर में ओवर लोडिंग और बिजली चोरी रोकने के लिए निगम ने स्मार्ट मीटर प्रोजेक्ट शुरू किया है। इसके तहत निगम शहर के डिजिटल मीटरों की जगह पर स्मार्ट मीटर लगाएगा। जो जीपीएस सिस्टम से सीधे सब डिविजन के मेन फ्रेम कंप्यूटर से जुडे़ होंगे।
विज्ञापन
इस प्रोजेक्ट के पूरा होने पर निगम को मीटर रीडिंग और इंडेक्सिंग के नाम लाखों खर्च नहीं करने पड़ेंगे। हालांकि निगम यह मीटर 10 किलोवाट से ज्यादा लोड वाले कनेक्शनों पर ही लगाएगा। शहर में ओवर लोडिंग के चलते सिस्टम में खराबी से होने वाले करोड़ों के नुकसान को कम करने के लिए निगम ने स्मार्ट मीटर प्रोजेक्ट की शुरुआत की है।
विज्ञापन
इन मीटरों की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इस में उपभोक्ता का बकाया बिल और वास्तविक लोड की डिटेल मीटर से ही मिल जाएगी। इसे निगम अधिकारी अपने कार्यालय में बैठे बैठे ही ऑन स्क्रीन पर देख सकेंगे। निगम के इस प्रोजेक्ट से जहां चोरी के मामलों में कमी आएगी। वहीं, निगम का हर वर्ष इंडेक्सिंग के नाम पर होने वाला खर्च भी कम होगा। इससे शहर के बिजली तंत्र को भी मजबूती मिलेगी।
विज्ञापन
निगम ने इस प्रोजेक्ट में सफलता अर्जित करने के लिए सर्कल के सभी सब डिविजनों को इंटरनेट से जोड़ दिया है और मेन फ्रेम कंप्यूटरों की इंस्टालेशन भी शुरू कर दी है। निगम ने स्मार्ट मीटरों की खरीद फरोख्त के लिए इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनियों से टेंडर भी मांगे हैं।
एपी फीडरों पर नही लगेंगे मीटर
बिजली निगम एग्रीकल्चर फीडर के कनेक्शनों को छोड़कर अन्य सभी कैटेगरी के दस किलोवाट से अधिक क्षमता के कनेक्शनों पर स्मार्ट मीटर लगाएगा। इसका भुगतान भी स्वयं निगम ही करेगा। यदि किसी उपभोक्ता का मीटर खराब पाया गया तो उसे स्मार्ट मीटर के पैसे जमा कराने होंगे। निगम ने इस प्रोजेक्ट को जुलाई तक पूरा करने का लक्ष्य रखा है।
ओवर लोडिंग से सिस्टम में खराबी आ जाती है। इससे बार-बार बिजली कट लगते हैं। स्मार्ट मीटरों से निगम के पास फीडर का एक्चुअल लोड पता लग जाएगा। निगम फिर उसी हिसाब से लोड की एडजस्टमेंट करेगा ।
सतपाल मलिक, कार्यकारी अभियंता सिटी डिविजन