अटकलों पर विराम: पवन बंसल नहीं लड़ेंगे कांग्रेस अध्यक्ष का चुनाव, बोले- बात का बतंगड़ बना रहे लोग
कांग्रेस नेता पवन बंसल अध्यक्ष पद का चुनाव नहीं लड़ेंगे। मंगलवार को उन्होंने तमाम अटकलों पर विराम लगा दिया। उन्होंने कहा कि दो फार्म प्रस्तावकों के लिए खरीदे हैं।
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लोग बस बात का बतंगड़ बना रहे हैं। मैं कांग्रेस अध्यक्ष पद का चुनाव नहीं लड़ने जा रहा। तमाम अटकलों पर विराम लगाते हुए यह बात अखिल भारतीय कांग्रेस के कोषाध्यक्ष पवन कुमार बंसल ने मंगलवार को कही। बता दें कि कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव होने जा रहा है। इसके लिए कई नेता रेस में हैं।
30 सितंबर तक नामांकन होना है। पवन कुमार बंसल ने भी दो फार्म लिए हैं। फार्म लेने के बाद राजनीतिक हलकों में यह खबर फैल गई कि वह भी अध्यक्ष पद के लिए नामांकन करेंगे। चर्चा जोर पकड़ने लगी और चंडीगढ़ में भी इसे लेकर माहौल गर्म होने लगा।
इस संबंध में जब पवन कुमार बंसल से बात की तो उन्होंने दो टूक कहा कि वह अध्यक्ष पद का चुनाव नहीं लड़ने जा रहे। दो फार्म जरूर लिए हैं लेकिन ये फार्म प्रस्तावकों के लिए हैं। एक फार्म में वह खुद प्रस्तावक होंगे जबकि दूसरे में चंडीगढ़ कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष हरमोहिंदर सिंह लक्की प्रस्तावक बनेंगे। उन्होंने कहा कि पिछले समय में चंडीगढ़ से एक प्रस्तावक रद्द हो गया था। कहा कि एक फार्म में नौ और डेलीगेट के नाम और उनके हस्ताक्षर होंगे।
चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन पर पार्किंग के दामों पर विवाद बढ़ा, बंसल बोले- यह घोर निंदनीय
चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन की नई पार्किंग के दामों पर विवाद खड़ा हो गया है। आरोप है कि वाहनों की पार्किंग के लिए लोगों को ट्रेन के टिकट से ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ रहे हैं। अब इसको लेकर पूर्व केंद्रीय रेल मंत्री पवन कुमार बंसल ने भी सवाल उठाया है। उन्होंने कहा कि पार्किंग के बढ़े दामों की वह घोर निंदा करते हैं। उन्होंने कहा कि ट्रेनों की समयबद्धता अनिश्चित होने के बावजूद पार्किंग की अवधि 30 मिनट से अधिक होने पर एक हजार रुपये का जुर्माना तय किया गया है।
पार्किंग के दाम बढ़ने के बाद रेलवे स्टेशन पर रोजाना विवाद हो रहे हैं। हालत यह है कि लोगों को मजबूरन एक हजार रुपये चुकाने पड़ रहे हैं क्योंकि जो लोग अपने दोस्तों या रिश्तेदारों को छोड़ने जाते हैं, ट्रेन लेट होने की वजह से उन्हें इंतजार करना पड़ता है। इसके बाद पार्किंग से बाहर आने में अगर 30 मिनट से ज्यादा का समय लग जाता है तो गाड़ी की पार्किंग के लिए एक हजार रुपये चुकाने पड़ते हैं।
मनीष तिवारी ने रेलमंत्री से की हस्तक्षेप की मांग
उधर, श्री आनंदपुर साहिब से कांग्रेस के सांसद मनीष तिवारी ने भी इस मामले पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। ट्विटर पर रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव को टैग करते हुए उन्होंने लिखा है कि चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन पर लोगों से बड़े स्तर पर जबरन वसूली की जा रही है। एक घंटे के लिए वाहन पार्किंग के 1000 रुपये लेना किसी पागलपन से कम नहीं है। रेलमंत्री कृपया इस मामले में हस्तक्षेप करें।
पिक एंड ड्रॉप के लिए छह मिनट तक पार्किंग फ्री
रेलवे स्टेशन पर आम लोगों के लिए पिक एंड ड्रॉप की सुविधा पार्किंग एरिया में 6 मिनट के लिए फ्री है। छह मिनट से ज्यादा होने पर 30 रुपये और छह मिनट से अगले 15 मिनट तक के लिए 50 रुपये। 15 से 30 मिनट तक के लिए 200 रुपये जबकि 30 मिनट के बाद 1000 रुपये चुकाने पड़ रहे हैं।
व्यावसायिक गाड़ियों के लिए पार्किंग के दाम
व्यावसायिक गाड़ी की एंट्री पर ही 30 रुपये दाम रखा गया है। छह मिनट से अगले 15 मिनट तक पार्किंग के 50 रुपये। इसके बाद 30 मिनट तक 200 रुपये और 30 मिनट से ज्यादा समय तक गाड़ी पार्क करने पर एक हजार रुपये चुकाने पड़ते हैं।