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पवन बंसल को चुनाव टिकट 'मिलेगा या नहीं'
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sat, 08 Mar 2014 09:42 AM IST
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दोपहर में मौजूदा सांसद पवन कुमार बंसल के घर पर लड्डू बंटे। कांग्रेसी नेताओं ने बंसल को टिकट मिलने पर जश्न भी मनाया।
फेसबुक पर भी कांग्रेसी नेताओं ने बंसल को टिकट मिलने की सूचना पोस्ट कर दी। उम्मीद थी कि शाम तक कांग्रेस बंसल को टिकट देने की आधिकारिक घोषणा कर देगी।
लेकिन, शाम होते होते स्थिति थोड़ी बदली और कांग्रेसी नेता भी यह कहने लगे कि बंसल को टिकट मिलने की घोषणा अब तीन-चार दिन बाद होगी। कांग्रेस के नेताओं ने भी यह बाद में माना कि उन्होंने लड्डू बांटने में जल्दीबाजी कर दी।
सूत्रों का कहना है कि बंसल को टिकट मिलना तो तय है, लेकिन उनका नाम कांग्रेस की ओर से जारी होने वाली पहली सूची में शामिल नहीं होगा। ऐसे में 10 मार्च के बाद ही उनके नाम की घोषणा होगी।
रेल घूस कांड में बंसल का नाम आने के कारण उनकी टिकट पर विवाद हो गया है। शुक्रवार को नई दिल्ली में कांग्रेस की सेंट्रल इलेक्शन कमेटी (सीईसी) की बैठक हुई।
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दोपहर लगभग दो बजे कांग्रेसी नेताओं को एसएमएस से यह सूचना मिल गई कि बंसल का नाम सीईसी ने क्लीयर कर दिया। कुछ ही देर में यह सूचना कांग्रेसियों के बीच आग की तरह फैल गई। कांग्रेस के नेताओं ने तय किया कि बंसल के घर पर एकत्र होकर जश्न मनाया जाए।
चंडीगढ़ कांग्रेस के अध्यक्ष बीबी बहल ने कहा कि सीईसी ने बंसल का नाम दोपहर में क्लीयर कर दिया था। आधिकारिक तौर पर उनके नाम की घोषणा जल्द हो जाएगी।
रविवार को नई दिल्ली में स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक में पवन कुमार बंसल का नाम क्लीयर कर उसे हाईकमान के पास भेज दिया गया था। कांग्रेस के प्रवक्ता और सांसद पीसी चाको को दिल्ली, चंडीगढ़, पंजाब और हरियाणा के उम्मीदवारों के नाम तय करने के लिए गठित स्कीनिंग कमेटी का अध्यक्ष बनाया गया था।
चाको की अध्यक्षता में हुई बैठक में बंसल के नाम को क्लीयर कर दिया गया था। स्क्रीनिंग कमेटी की सिफारिश पर शुक्रवार को सीईसी ने भी मुहर लगा दी। अब अगर बंसल को चंडीगढ़ से आधिकारिक टिकट मिल जाती है तो वह सातवीं बार लोकसभा चुनाव लड़ेंगे। पहली बार उन्होंने 1991 में चंडीगढ़ से लोकसभा चुनाव लड़ा था।
पहली बार चंडीगढ़ से बंसल के अलावा कांग्रेस के पांच और उम्मीदवारों ने अपनी दावेदारी जताई थी। इनमें कांग्रेस के जिला अध्यक्ष हरमोहिंदर सिंह लक्की ने बाद में बंसल के समर्थन में अपना नाम वापस ले लिया था।
इनके अलावा चंडीगढ़ के पूर्व डिप्टी मेयर भूपेंद्र सिंह बडहेरी, पूर्व पार्षद चंद्रमुखी शर्मा, चमन लाल शर्मा और केवल राम ने भी चंडीगढ़ से कांग्रेस की टिकट पर चुनाव लड़ने की दिलचस्पी दिखाई थी।
हालाकि बाद में चंडीगढ़ कांग्रेस चुनाव समिति की बैठक में सर्वसम्मति से बंसल के नाम पर ही सहमति बनी थी। कमेटी ने बंसल के नाम की सिफारिश के साथ स्क्रीनिंग कमेटी के पास बाकी के पांच उम्मीदवारों के नाम भी भेजे थे।
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फेसबुक पर भी कांग्रेसी नेताओं ने बंसल को टिकट मिलने की सूचना पोस्ट कर दी। उम्मीद थी कि शाम तक कांग्रेस बंसल को टिकट देने की आधिकारिक घोषणा कर देगी।
लेकिन, शाम होते होते स्थिति थोड़ी बदली और कांग्रेसी नेता भी यह कहने लगे कि बंसल को टिकट मिलने की घोषणा अब तीन-चार दिन बाद होगी। कांग्रेस के नेताओं ने भी यह बाद में माना कि उन्होंने लड्डू बांटने में जल्दीबाजी कर दी।
सूत्रों का कहना है कि बंसल को टिकट मिलना तो तय है, लेकिन उनका नाम कांग्रेस की ओर से जारी होने वाली पहली सूची में शामिल नहीं होगा। ऐसे में 10 मार्च के बाद ही उनके नाम की घोषणा होगी।
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रेल घूस कांड में बंसल का नाम आने के कारण उनकी टिकट पर विवाद हो गया है। शुक्रवार को नई दिल्ली में कांग्रेस की सेंट्रल इलेक्शन कमेटी (सीईसी) की बैठक हुई।
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दोपहर लगभग दो बजे कांग्रेसी नेताओं को एसएमएस से यह सूचना मिल गई कि बंसल का नाम सीईसी ने क्लीयर कर दिया। कुछ ही देर में यह सूचना कांग्रेसियों के बीच आग की तरह फैल गई। कांग्रेस के नेताओं ने तय किया कि बंसल के घर पर एकत्र होकर जश्न मनाया जाए।
चंडीगढ़ कांग्रेस के अध्यक्ष बीबी बहल ने कहा कि सीईसी ने बंसल का नाम दोपहर में क्लीयर कर दिया था। आधिकारिक तौर पर उनके नाम की घोषणा जल्द हो जाएगी।
रविवार को नई दिल्ली में स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक में पवन कुमार बंसल का नाम क्लीयर कर उसे हाईकमान के पास भेज दिया गया था। कांग्रेस के प्रवक्ता और सांसद पीसी चाको को दिल्ली, चंडीगढ़, पंजाब और हरियाणा के उम्मीदवारों के नाम तय करने के लिए गठित स्कीनिंग कमेटी का अध्यक्ष बनाया गया था।
चाको की अध्यक्षता में हुई बैठक में बंसल के नाम को क्लीयर कर दिया गया था। स्क्रीनिंग कमेटी की सिफारिश पर शुक्रवार को सीईसी ने भी मुहर लगा दी। अब अगर बंसल को चंडीगढ़ से आधिकारिक टिकट मिल जाती है तो वह सातवीं बार लोकसभा चुनाव लड़ेंगे। पहली बार उन्होंने 1991 में चंडीगढ़ से लोकसभा चुनाव लड़ा था।
पहली बार चंडीगढ़ से बंसल के अलावा कांग्रेस के पांच और उम्मीदवारों ने अपनी दावेदारी जताई थी। इनमें कांग्रेस के जिला अध्यक्ष हरमोहिंदर सिंह लक्की ने बाद में बंसल के समर्थन में अपना नाम वापस ले लिया था।
इनके अलावा चंडीगढ़ के पूर्व डिप्टी मेयर भूपेंद्र सिंह बडहेरी, पूर्व पार्षद चंद्रमुखी शर्मा, चमन लाल शर्मा और केवल राम ने भी चंडीगढ़ से कांग्रेस की टिकट पर चुनाव लड़ने की दिलचस्पी दिखाई थी।
हालाकि बाद में चंडीगढ़ कांग्रेस चुनाव समिति की बैठक में सर्वसम्मति से बंसल के नाम पर ही सहमति बनी थी। कमेटी ने बंसल के नाम की सिफारिश के साथ स्क्रीनिंग कमेटी के पास बाकी के पांच उम्मीदवारों के नाम भी भेजे थे।