फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   patna sahib jathedar support to gurmeet ram rahim

गुरमीत राम रहीम को जत्थेदार का समर्थन, पर बोल गए बड़ी बात

Sat, 03 Oct 2015 12:35 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, अमृतसर
ब्यूरो/अमर उजाला, अमृतसर Updated Sat, 03 Oct 2015 12:35 PM IST
विज्ञापन
patna sahib jathedar support to gurmeet ram rahim

डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को पटना साहिब तख्त के जत्थेदार ने समर्थन तो दिया लेकिन एक बड़ी बात भी बोल गए। जत्थेदार ज्ञानी इकबाल सिंह ने कहा कि सिख कौम के संत समाज में व्यापारियों का एक ग्रुप है। अलग-अलग बयान साबित करते है कि संत समाज खुद भी एकजुट नहीं है।

विज्ञापन


पांच जत्थेदारों के खिलाफ बोलकर कुछ तथाकथित संत विदेशों से भारी भरकम डोनेशन लेते है। अगर संत समाज के ये लोग तख्तों के जत्थेदारों के खिलाफ बोलने बंद कर दें तो विदेशी फंड भी बंद हो जाएगा।
विज्ञापन


ज्ञानी इकबाल सिंह मीडिया के साथ बातचीत कर रहे थे। ज्ञानी इकबाल सिंह ने कहा कि संत राम रहीम के संबध में जो भी फैसला लिया गया है, वह बिल्कुल सही है। राम रहीम सिंह गैर सिख है। इस लिए उन्हें श्री अकाल तख्त साहिब पर तलब नहीं किया जा सकता।

विज्ञापन
विज्ञापन

तख्त पर बैठने वाला गलत फैसला नहीं ले सकता

patna sahib jathedar support to gurmeet ram rahim

इकबाल सिंह ने कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब सर्वोच्च है। इस लिए इस तख्त पर बैठे जत्थेदार भी सिख कौम के सर्वोच्च हैं। उन्होंने जो भी फैसला लेना होता है वह सिख कौम की बेहतरी के लिए ही लेना होता है।

फैसला समय पर और सिख कौम के पक्ष में न लेने का मतलब होता है कि सिख कौम के भविष्य के साथ अन्याय। परंतु कोई भी जत्थेदार इस पद पर बैठ कर कभी भी गलत फैसला नहीं ले सकता है। इसलिए श्री अकाल तख्त साहिब से जो भी आदेश जारी होते है वह पंथक होते है।

जत्‍थेदारों पर बोलने से पहले सोच लेना चा‌हिए

patna sahib jathedar support to gurmeet ram rahim

इकबाल सिंह ने कहा कि दिल्ली गुरुद्वारा कमेटी के पूर्व अध्यक्ष परमजीत सिंह सरना ने सिर्फ और सिर्फ जत्थेदारों के खिलाफ गलत बोलने की कसम खाई हुई है।

जत्थेदारों पर बोलने से पहले सरना को चाहिए कि वह अपने अतीत को याद कर ले। अगर जत्थेदारों ने मुंह खोला तो कई नेताओं की बोलती बंद हो जाएगी।


उन्होंने कहा कि सरना यह भी स्पष्ट करे कि उनका बेटा चार लाख रुपये लेकर कहां गया था। राम रहीम ने जब वर्ष 2007 में माफी नामा भेजा था तो उस वक्त उसके माफीनामे पर राम रहीम के हस्ताक्षर नही थे। इस बार जो माफी नामा भेजा गया है उस पर उसके हस्ताक्षर भी है और माफी नामा भारी भाषा में सीडी भी भेजी है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed