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Chandigarh News: जटिल सर्जरी कर बचाई मरीज की जान, सम्मेलन में मिला सर्वश्रेष्ठ केस का पुरस्कार

Sat, 09 Sep 2023 02:12 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Sat, 09 Sep 2023 02:12 AM IST
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Patient's life saved by complex surgery, best case award in the conference
चंडीगढ़। पीजीआई के एडवांस कार्डियक सेंटर के प्रो. राजेश विजयवर्गीय को मुंबई में आयोजित इंडिया वाल्व्स-2023 में जटिल ट्रांसकैथेटर एओर्टिक वाॅल्व इम्प्लांटेशन (टीएवीआई) ऑपरेशन के बारे में दी गई प्रस्तुति के लिए सर्वश्रेष्ठ केस का पुरस्कार प्राप्त हुआ है। 1 से 3 सितंबर तक आयोजित इस सम्मेलन में परक्यूटेनियस वाॅल्व रिप्लेसमेंट थेरेपी और इसकी प्रगति के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा हुई। इसमें देशभर से 900 विशेषज्ञों ने भाग लिया। प्रो. विजयवर्गीय ने बताया कि प्रस्तुत किया गया केस गंभीर महा धमनी वाॅल्व स्टेनोसिस/गंभीर कैल्शियम जमाव के साथ रुकावट वाले 75 वर्षीय पुरुष से संबंधित था, जिसका पीजीआई के एडवांस कार्डियक सेंटर में टीएवीआई प्रक्रिया के साथ सफलतापूर्वक इलाज किया गया था। उन्होंने बताया कि टीएवीआई एक न्यूनतम इन्वेसिव ऑपरेशन है। इसमें एक डिलीवरी कैथेटर पर एक कृत्रिम महा धमनी वाॅल्व को दबाया जाता है। इसे इंप्लांटेशन के लिए ग्रोइन धमनी के माध्यम से हृदय तक पहुंचाया जाता है। वाॅल्व प्रत्यारोपण के बाद प्रक्रिया को पूरा करने के लिए डिलीवरी कैथेटर को कमर से हटा दिया जाता है।
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गंभीर स्थिति को सूझबूझ से किया नियंत्रित
प्रोफेसर विजयवर्गीय ने बताया कि प्रक्रिया के दौरान रोगी को हृदय की बायी मुख्य कोरोनरी धमनी के अचानक बंद होने का खतरा मंडरा रहा था। स्थिति बहुत गंभीर थी और तेजी से बिगड़ रही थी। तत्काल आपातकालीन कोरोनरी एंजियोप्लास्टी और अवरुद्ध बाई मुख्य कोरोनरी धमनी की स्टेंटिंग की गई। टीम की मेहनत रंग लाई और मरीज ठीक हो गया। ऑपरेशन के तीसरे दिन उन्हें छुट्टी दे दी गई और 6 महीने तक बिना किसी लक्षण के फॉलोअप किया गया।
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प्रो. विजयवर्गीय बोले- पूरी टीम के योगदान का नतीजा
सम्मेलन के दौरान विशेषज्ञों द्वारा इस मामले पर विस्तार से चर्चा की गई और रोगी के जीवन को बचाने के लिए समय पर और समन्वित टीम प्रयासों की अत्यधिक सराहना की गई। प्रो. विजयवर्गीय ने कहा कि टीम के सहयोग से यह सबकुछ हो पाया। टीम में मुख्य रूप से डॉ. बसंत कुमार, डॉ. सुंदर नेगी के साथ ही कार्डियोलॉजी और एनेस्थीसिया के रेजिडेंट डॉक्टर और तकनीकी की पूरी टीम शामिल रही।
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