स्वास्थ्य का हाल: लुधियाना सिविल अस्पताल में 234 तरह की दवाएं, फिर भी मरीज बाहर से लाने पर मजबूर
सिविल अस्पताल से इलाज करवा रहे मरीजों ने बताया कि उनसे कॉटन और साफ्ट पैड जैसा जरूरी सामान भी बाहर से मंगवाया जा रहा है, जबकि ऐसी चीजें किसी छोटे से छोटे अस्पताल में भी उपलब्ध होती हैं।
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पंजाब सरकार जनता को निशुल्क व बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने का हर संभव प्रयास कर रही है लेकिन ज्यादातर मरीजों तक इन सेवाओं का लाभ नहीं पहुंच रहा है। सिविल अस्पताल लुधियाना में आने वाले मरीजों को बाहर से दवाएं न खरीदनी पड़ें, इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने करीब 234 तरह की दवाएं, इंजेक्शन और सर्जिकल सामान उपलब्ध करवाया है। इन दवाओं की लिस्ट अस्पताल में बनी डिस्पेंसरी के बाहर भी लगाई गई है।
इसके बावजूद अधिकतर मरीजों को मजबूरन बाहर से महंगी दवाएं खरीदनी पड़ रही हैं। मरीज की पर्ची पर आमतौर पर एक या दो दवाएं ऐसी लिखी जाती हैं जो कि डिस्पेंसरी में उपलब्ध नहीं होती। मजबूरी में मरीज को जेब ढीली कर बाहर से खरीदना पड़ता है। यह भी सामने आया है कि सिविल अस्पताल से डॉक्टरों की ओर से महंगी दवाओं की लिखी हुई पर्ची लगातार बाहर आती रहे, इसके लिए दवा कंपनियों के प्रतिनिधि और केमिस्ट शॉप संचालक पूरा दिन अस्पताल में मंडराते रहते हैं।
वहीं डिस्पेंसरी और ओटी स्टाफ कम पढ़े-लिखे व अंजान मरीजों को दवाएं खत्म होने का बहाना बनाकर बाहर से दवाएं लेने भेज देते हैं। सिविल अस्पताल से इलाज करवा रहे मरीजों ने बताया कि उनसे कॉटन और साफ्ट पैड जैसा जरूरी सामान भी बाहर से मंगवाया जा रहा है, जबकि ऐसी चीजें किसी छोटे से छोटे अस्पताल में भी उपलब्ध होती हैं। इससे सरकार की सभी कोशिशें बेकार साबित हो रही हैं, जबकि अस्पताल की एसएमओ और बाकी स्वास्थ्य अधिकारी सबकुछ जानते हुए भी अंजान बने हैं।
सिविल अस्पताल में दवाइयों की कमीं नहीं है। हमारे पास सभी जरूरी दवाइयां मौजूद हैं। हमारे डॉक्टर भी यही दवाइयां लिखने की कोशिश करते हैं। अगर कहीं पर कोई कमीं है तो हम उसे जल्द दूर करने की कोशिश करेंगे। - डॉ. दीपिका गोयल, एसएमओ, सिविल अस्पताल, लुधियाना।