फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Patiala Rajpal Kaur teaching poor children for 25 years

ये हैं गणतंत्र के प्रहरी: पटियाला की राजपाल कौर गरीब बच्चों में जगा रहीं शिक्षा की अलख, 25 सालों से जारी है मुहिम

Wed, 26 Jan 2022 11:51 AM IST
ajay kumar रिंपी गुप्ता, अमर उजाला, पटियाला (पंजाब)
रिंपी गुप्ता, अमर उजाला, पटियाला (पंजाब) Published by: ajay kumar Updated Wed, 26 Jan 2022 11:51 AM IST
सार

पटियाला की राजपाल कौर पिछले 25 सालों से गरीब व जरूरतमंद बच्चों में शिक्षा की अलख जगा रहीं हैं। सैकड़ों बच्चों को शिक्षित कर अपने पैरों पर खड़ा कर चुकी हैं। वह एक फ्लाईओवर के नीचे अपनी पाठशाला चलातीं हैं। 

विज्ञापन
Patiala Rajpal Kaur teaching poor children for 25 years
राजपाल कौर और फ्लाईओवर के नीचे लगी उनकी पाठशाला। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कम उम्र में पति हरभजन सिंह की मौत हो गई। पति का सपना रिटायर होने के बाद गरीब व जरूरतमंद बच्चों में मुफ्त शिक्षा बांटने का था लेकिन पति की मौत से राजपाल कौर टूटी नहीं, बल्कि उनके सपने को अपना जुनून बना लिया। शुरुआत में 21 नंबर रेलवे फाटक के नजदीक फुटपाथ पर ही गरीब व जरूरतमंद बच्चों को पढ़ाना शुरू किया। बाद में फ्लाईओवर बनने पर इसके नीचे वह मस्ती की पाठशाला लगाने लगीं। 

विज्ञापन


आज पूरे 25 साल हो गए हैं राजपाल कौर को गरीब बच्चों में शिक्षा की अलख जगाते हुए। धूप हो, बारिश हो या फिर कड़ाके की ठंड कभी वह पाठशाला में आने से नहीं चूकीं। उनकी मदद को इस मस्ती की पाठशाला में शहर के कई प्रतिष्ठित स्कूलों से रिटायर अध्यापक बच्चों को पढ़ाने आते हैं। इस समय स्कूल में 100 से अधिक बच्चे पढ़ते हैं।
विज्ञापन


राजपाल कौर ने बताया कि शुरु में उन पर काफी लोग ताने कसते थे। कहते थे- पति के पेट्रोल पंप चलते हैं और खुद फुटपाथ पर बैठकर बच्चों को पढ़ाती हैं लेकिन मैंने इन व्यंग्य की परवाह नहीं की, क्योंकि उनके सामने लक्ष्य साफ था। धीरे-धीरे करके अपनी पाठशाला से झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वाले और अन्य गरीब वर्ग के बच्चों को जोड़ा।
विज्ञापन
विज्ञापन


उनके अभिभावकों को जागरुक करके बच्चों को सरकारी स्कूलों में भेजना शुरू किया। जबकि शाम को उनका होमवर्क कराने के लिए अपनी मस्ती की पाठशाला में पढ़ाने लगीं। जिन बच्चों को स्कूल भेजा, उनकी फीस, यूनिफार्म और किताबें व कापियां वगैरह देकर मदद की। राजपाल कौर ने बताया कि अब तक वह सैकड़ों बच्चों को शिक्षित कर चुकी हैं। इनमें से कुछ सरकारी नौकरियां कर रहे हैं तो कुछ लड़कियों ने अपना ब्यूटी पार्लर या सिलाई-कढ़ाई का काम शुरू किया है। कुछ पढ़-लिखकर अच्छे घरों में ब्याही गई हैं। 


कई संस्थाएं कर रहीं मदद
राजपाल कौर ने कहा कि उनके इस काम में अब कई संस्थाएं आर्थिक रूप से मदद कर रही हैं। वहीं सेवानिवृत्त अध्यापक मस्ती की पाठशाला में बच्चों को पढ़ाने आते हैं। उन्होंने कहा कि मस्ती के साथ-साथ बच्चों को यहां पढ़ाया जाता है, जिससे वह और दिल लगाकर शिक्षा ग्रहण करते हैं। राजपाल कौर ने कहा कि जीवन के अंतिम क्षण तक वह बच्चों को शिक्षा बांटने के पवित्र काम में जुटी रहेंगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed