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पठानकोट आतंकी हमले का मास्टर माइंड मसूद अजहर भगौड़ा करार, 3 अन्य भी
अमित शर्मा/अमर उजाला, मोहाली
Updated Thu, 09 Mar 2017 08:24 PM IST
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मसूद अजहर
- फोटो : social media
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पठानकोट एयरबेस पर हुए आंतकी हमले के मास्टर माइंड जैश ए मोहम्मद मौलाना मसूद अजहर समेत चार आंतकियों को अदालत ने भगौड़ा घोषित किया है। इसमें मौलाना का भाई मुफ्ती अब्द़ुल राउफ, शाहिद लतीफ व कासिफ जान शामिल है।
पठानकोट एयरबेस पर हुए आतंकी हमले के मास्टर माइंड व जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मौलाना मसूद अजहर और उसके तीन साथियों को एनआईए की विशेष अदालत ने भगोड़ा करार दे दिया है। इन आरोपियों में मसूद का भाई मुफ्ती अब्दुल राऊफ, शाहिद लतीफ व कासिफ जान शामिल हैं। यह सभी पाकिस्तान के रहने वाले हैं। मामले की अगली सुनवाई दस अप्रैल को होगी और इस दिन से केस का ट्रायल भी शुरू हो जाएगा।
इसके तहत एनआईए की टीम केस के गवाह व तथ्य अदालत में पेश करेगी। इसके अलाव पीओ घोषित किए गए लोगों पर अलग से कार्रवाई चलती रहेगी। जानकारी के मुताबिक, पठानकोट एयरबेस पर हमला करने वाले आतंकी दिसंबर 2015 में पाकिस्तान से भारत की सीमा में घुसे थे। दो जनवरी 2016 की सुबह साढ़े तीन बजे आतंकी असलहा और हथियारों से लैस होकर एयरबेस स्टेशन में दाखिल हुए थे।
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इस दौरान मुठभेड़ में दो जवान शहीद हो गए जबकि तीन अन्य घायल सिपाहियों ने अस्पताल में दम तोड़ दिया था। हमला करने आए सभी आतंकी मारे गए थे। इस मामले की जांच कर रही सरकारी एजेंसी एनआईए को कई ऐसे प्रमाण मिले थे, जिससे यह बात साफ हो गई थी कि हमला करने वाले सभी आतंकी पाकिस्तान के थे। वहीं, हमले के समय भी वह पाकिस्तान में बैठे अपने आकाओं व परिवार के संपर्क में थे।
इसके अलावा एनआईए की टीम ने आतंकियों द्वारा प्रयोग किया हुआ काफी सामान भी बरामद किया था। इसके बाद मामले की सुनवाई मोहाली की एनआईए की अदालत में शुरू हुई। अदालत में आरोपियों पर चार्ज फ्रेम हो चुके हैं। वहीं, मारे गए आतंकियों से बरामद सामान को मोहाली में हाई सिक्योरिटी वाले स्थान पर रखा गया है।
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पठानकोट एयरबेस पर हुए आतंकी हमले के मास्टर माइंड व जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मौलाना मसूद अजहर और उसके तीन साथियों को एनआईए की विशेष अदालत ने भगोड़ा करार दे दिया है। इन आरोपियों में मसूद का भाई मुफ्ती अब्दुल राऊफ, शाहिद लतीफ व कासिफ जान शामिल हैं। यह सभी पाकिस्तान के रहने वाले हैं। मामले की अगली सुनवाई दस अप्रैल को होगी और इस दिन से केस का ट्रायल भी शुरू हो जाएगा।
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इसके तहत एनआईए की टीम केस के गवाह व तथ्य अदालत में पेश करेगी। इसके अलाव पीओ घोषित किए गए लोगों पर अलग से कार्रवाई चलती रहेगी। जानकारी के मुताबिक, पठानकोट एयरबेस पर हमला करने वाले आतंकी दिसंबर 2015 में पाकिस्तान से भारत की सीमा में घुसे थे। दो जनवरी 2016 की सुबह साढ़े तीन बजे आतंकी असलहा और हथियारों से लैस होकर एयरबेस स्टेशन में दाखिल हुए थे।
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इस दौरान मुठभेड़ में दो जवान शहीद हो गए जबकि तीन अन्य घायल सिपाहियों ने अस्पताल में दम तोड़ दिया था। हमला करने आए सभी आतंकी मारे गए थे। इस मामले की जांच कर रही सरकारी एजेंसी एनआईए को कई ऐसे प्रमाण मिले थे, जिससे यह बात साफ हो गई थी कि हमला करने वाले सभी आतंकी पाकिस्तान के थे। वहीं, हमले के समय भी वह पाकिस्तान में बैठे अपने आकाओं व परिवार के संपर्क में थे।
इसके अलावा एनआईए की टीम ने आतंकियों द्वारा प्रयोग किया हुआ काफी सामान भी बरामद किया था। इसके बाद मामले की सुनवाई मोहाली की एनआईए की अदालत में शुरू हुई। अदालत में आरोपियों पर चार्ज फ्रेम हो चुके हैं। वहीं, मारे गए आतंकियों से बरामद सामान को मोहाली में हाई सिक्योरिटी वाले स्थान पर रखा गया है।
शांडिल्य की याचिका को किया डिसमिस
मसूद अजहर
आल इंडिया एंटी टेररिस्ट फ्रंट इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष वीरेश शांडिल्ड द्वारा वीरवार को इस केस की सुनवाई के ठीक शुरू में एक याचिका दायर की गई। जैसे ही जज अदालत में पहुंचे, शांडिल्य ने याचिका संबंधी प्रकाश डालना शुरू कर दिया। जज ने फाइल को देखते ही उसे डिसमिस कर दिया। साथ ही उन्हें अदालत से बाहर जाने के आदेश सुनाए।
यह हो सकते हैं केस के गवाह
एनआईए के सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, अमेरिका की खुफिया एजेंसी एफबीआई और अमेरिकी कानून मंत्रालय के अधिकारियों के नाम भी गवाहों की सूची में शामिल किए गए हैं। इसके अलावा जेल में बंद आतंकियों को भी गवाह बनाया गया है। इसके अलावा कई अन्य लोग शामिल हो सकते हैं।
सात शहीद, 37 हुए थे घायल
इस हमले में एयरबेस के अंदर सात सुरक्षाकर्मी शहीद हुए थे। जबकि करीब 37 अन्य लोग घायल हो गए थे। इसके अलावा जिस रास्ते से आतंकी आए थे। वहां से एनआईए को पाकिस्तान में बने फूड पैकेट, एनर्जी ड्रिंक की खाली बोतलें व अन्य सामान बरामद हुआ था।
यह हो सकते हैं केस के गवाह
एनआईए के सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, अमेरिका की खुफिया एजेंसी एफबीआई और अमेरिकी कानून मंत्रालय के अधिकारियों के नाम भी गवाहों की सूची में शामिल किए गए हैं। इसके अलावा जेल में बंद आतंकियों को भी गवाह बनाया गया है। इसके अलावा कई अन्य लोग शामिल हो सकते हैं।
सात शहीद, 37 हुए थे घायल
इस हमले में एयरबेस के अंदर सात सुरक्षाकर्मी शहीद हुए थे। जबकि करीब 37 अन्य लोग घायल हो गए थे। इसके अलावा जिस रास्ते से आतंकी आए थे। वहां से एनआईए को पाकिस्तान में बने फूड पैकेट, एनर्जी ड्रिंक की खाली बोतलें व अन्य सामान बरामद हुआ था।