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पठानकोट आतंकी हमलाः मसूद अजहर के खिलाफ गैर जमानती वारंट
ब्यूरो/अमर उजाला, मोहाली
Updated Sat, 09 Apr 2016 06:28 AM IST
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- फोटो : pti
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पठानकोट एयरफोर्स स्टेशन पर हुए आतंकी हमले के मामले में एनआईए ने कार्रवाई करते हुए मसूद अजहर के गैर जमानती वारंट जारी किए। एनआईए की स्पेशल कोर्ट ने पाकिस्तान में छिपे जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख मसूद अजहर समेत चार के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किए हैं। इनमें मसूद के अलावा उनके भाई अब्दुल रऊफ, काशिफ जान और शाहिद लतीफ के नाम शामिल हैं।
जानकारी के मुताबिक शुक्रवार को एनआईए की टीम मोहाली अदालत में पहुंची। पूरी प्रक्रिया काफी गुप्त तरीके से हुई। अदालत के अंदर किसी को भी जाने की अनुमति नहीं थी। एडिशनल डिस्ट्रिक्ट सेशन जज व एनआईए की अदालत के जज पीपी सिंह की अदालत द्वारा यह आदेश दिए गए हैं।
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जानकारी के मुताबिक शुक्रवार को एनआईए की टीम मोहाली अदालत में पहुंची। पूरी प्रक्रिया काफी गुप्त तरीके से हुई। अदालत के अंदर किसी को भी जाने की अनुमति नहीं थी। एडिशनल डिस्ट्रिक्ट सेशन जज व एनआईए की अदालत के जज पीपी सिंह की अदालत द्वारा यह आदेश दिए गए हैं।
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अब रेड कार्नर नोटिस जारी करवाने की तैयारी
आतंकी हमला
- फोटो : फाइल फोटो
वारंट जारी होने के साथ ही माना जा रहा है भारतीय सुरक्षा एजेंसियां आसानी से इस मामले में मसूद के खिलाफ रेड कार्नर नोटिस जारी करवाने के लिए इंटरपोल में जा सकेंगी। दूसरी तरफ भारत सरकार पहले से ही कह रही है कि मसूद अजहर पाकिस्तान में छिपा हुआ है।
सूत्रों के मुताबिक गैर जमानती वारंट को खुला वारंट भी कहा जाता है। इसके मुताबिक मसूद को गिरफ्तार करने के लिए एक निश्चित तय सीमा नहीं होगी। जब भी टीमें आरोपियों को गिरफ्तार करेंगी तो इस संबंधी अदालत में अपना जवाब दे पाएंगी। गौरतलब है कि पठानकोट आतंकी हमले के तार जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े मिले थे। इसके बाद पाकिस्तान की जेआईटी ने भारत का दौरा किया था।
सूत्रों के मुताबिक गैर जमानती वारंट को खुला वारंट भी कहा जाता है। इसके मुताबिक मसूद को गिरफ्तार करने के लिए एक निश्चित तय सीमा नहीं होगी। जब भी टीमें आरोपियों को गिरफ्तार करेंगी तो इस संबंधी अदालत में अपना जवाब दे पाएंगी। गौरतलब है कि पठानकोट आतंकी हमले के तार जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े मिले थे। इसके बाद पाकिस्तान की जेआईटी ने भारत का दौरा किया था।