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हाईकोर्ट पहुंचा पठानकोट आतंकी हमला, कही गई बड़ी बात
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Wed, 13 Jan 2016 08:39 PM IST
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पूर्व डीजीपी जेल शशिकांत ने पठानकोट आतंकी हमले को पंजाब में नारको टेरोरिज्म का नतीजा करार दिया है। यह बात उन्होंने पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट की बेंच के समक्ष पंजाब से जुड़े ड्रग रैकेट केस की सुनवाई के दौरान उठाई।
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शशिकांत ने हाईकोर्ट में कहा कि वह कब से ड्रग्स तस्करी की आड़ में आतंक फैलने की बात कहते आ रहे हैं, लेकिन इस ओर कोई गौर नहीं किया गया। आखिरकार जिसका डर था, वही हुआ। बेंच ने केस की अगली सुनवाई 12 फरवरी तक केंद्रीय गृह सचिव से स्थिति रिपोर्ट तलब कर ली है। कहा है कि यदि सुरक्षा प्रबंधों के मामले में कोई कोताही सामने आई तो केंद्र के संबंधित अफसरों के खिलाफ अवमानना कार्रवाई भी की जा सकती है।
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ड्रग केस की पिछली सुनवाई पर बीएसएफ की ओर से पेश असिस्टेंट सॉलिसिटर जनरल चेतन मित्तल ने भी बेंच का ध्यान इस ओर आकर्षित किया था कि पंजाब का सीमांतर क्षेत्र सुरक्षा और तस्करी के नजरिये से काफी अहम है, लेकिन यहां तैनात बीएसएफ को सुविधाओं की दरकार है।
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बताया था कि पंजाब में आतंकवाद के वक्त सीमा पर 31 बटालियन थीं, लेकिन अब केवल 14 बटालियन रह गई हैं। जवानों की कमी के कारण तस्करी की ओर पूरा ध्यान नहीं दिया जा सकता, क्योंकि सुरक्षा भी जरूरी है। बेंच ने बीएसएफ के अफसरों से सुविधाओं और फोर्स की जरूरत पर लिखित में नोट मांगा था।
कहा था कि इसके बाद ही संबंधित मंत्रालय को जरूरतें पूरी करने को कहा जा सकेगा। वैसे बेंच ने यह भी कहा कि जो भी जरूरत हो, उसका सदुपयोग होना चाहिए। केंद्र सरकार के वकील ने बेंच को बताया कि पंजाब में सीमा पर बीएसएफ की 14 और बटालियन देने की प्रक्रिया जारी है। उपकरणों की खरीद की वित्तीय प्रक्रियाएं भी जारी हैं।