पठानकोट हमले की चार्जशीट में खुलासा, पाक में इनसे था आतंकियों का संपर्क
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पठानकोट एयरबेस पर हुए आतंकी हमले के आरोपियों के खिलाफ सोमवार को नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) ने मोहाली की स्पेशल अदालत में चार्जशीट दाखिल की।
आरोपियों में जैश-ए-मोहम्मद प्रमुख मौलाना मसूद अजहर समेत चार लोगों के नाम शामिल हैं।
इनमें मसूद का भाई व जैश-ए-मोहम्मद के डिप्टी चीफ मुफ्ती अब्दुल राउफ अजगर, शाहिद लतीफ व काशिफ जैन शामिल हैं। सभी आरोपी पाकिस्तान के नागरिक हैं। आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 120बी, 121, 121ए, 302, 307, 364, 365, 367, 368, 397 और सेक्शन 16,18, 20, 23, 38 व सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने समेत कई धाराओं के तहत केस दर्ज किया है।
अदालत में एनआईए की तरफ से दलील दी गई कि पाकिस्तान में बैठे चार आरोपियों से हमले में मारे गए आतंकियों का संबंध था। वह उनसे फोन पर संपर्क में थे। उनके निर्देश पर ही वह सारी कार्रवाई कर रहे थे।
जांच एजेंसी एनआईए के पास डिजीटल, टेक्निकल, ओरल व डाक्यूमेंट्री रिकॉर्ड हैं। जो कि जांच के दौरान मिले हैं। इसके अलावा उनके पास कई अन्य तथ्य हैं जिससे उनके हमले में शामिल होने की पुष्टि होती है।
एयरफोर्स स्टेशन में सात लोग हुए थे शहीद
वहीं, एनआईए ने कहा कि हमले में मारे गए आतंकी नासिर हुसैन, हाफिज अबु बकार, उमर फारुख व अब्दुल कायम सभी मसूद अजहर व अब्दुल राउफ से प्रभावित थे। साथ ही उसने ही इन आतंकियों को पठानकोट एयरबेस पर हमले के लिए निर्देशित किया था। इस दौरान उन्होंने निर्दोष लोगों को मारा व घायल किया।
सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया। फॉरेंसिक रिपोर्ट और कॉल डाटा विश्लेषण व क्राइम सीन से साबित होता है कि आरोपी जैश-ए-मोहम्मद से संबंध रखते हैं। मामले की अगली सुनवाई नौ जनवरी को होगी।
गौरतलब है कि 2-3 जनवरी 2016 की रात पाकिस्तान से आए आतंकियों ने पठानकोट में एयरफोर्स के बेस पर हमला किया था। इस दौरान कई लोग शहीद हो गए थे। इसके अलावा सरकारी संपत्ति को भी नुकसान पहुंचा था।
एयरफोर्स स्टेशन में सात लोग हुए थे शहीद
जानकारी के मुताबिक, पठानकोट एयरबेस पर हुए आतंकी हमले में करीब 65 घंटे तक देश की विभिन्न फोर्सेज ने ऑपरेशन चलाया था। इस दौरान एयरपोर्ट स्टेशन के अंदर सात जवान शहीद हुए थे। जबकि 37 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे।