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यूटी पुलिस का कारनामा: करोड़ों की धोखाधड़ी के आरोपी की कर दी पासपोर्ट वेरिफिकेशन

Mon, 24 Jan 2022 02:18 AM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Mon, 24 Jan 2022 02:18 AM IST
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Passport verification done for the fraud accused of crores
चंडीगढ़। यूटी पुलिस का एक और कारनामा सामने आया है। पुुलिस अधिकारियों ने करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी करने वाले आरोपी सेक्टर-8 निवासी हिमांश की वेरिफिकेशन कर पासपोर्ट बना दिया। इसका खुलासा जालंधर क्राइम ब्रांच के निरीक्षक भगवंत सिंह की रिजनल पासपोर्ट ऑफिसर से की गई शिकायत के बाद हुआ। इसके बाद आरपीओ ने चंडीगढ़ के एसएसपी को शिकायत दी। सेक्टर-तीन थाना पुलिस ने आरोपी हिमांश के खिलाफ एक और धोखाधड़ी का केस दर्ज कर लिया है। जबकि, दो मामले पहले ही दर्ज हैं। जालंधर अपराध शाखा निरीक्षक भगवंत सिंह ने बताया कि आरोपी के खिलाफ लगभग एक हजार रुपये की धोखाधड़ी का केस दर्ज है।
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आरोपी ने पुलिस को यह जानकारी नहीं दी थी की उसके खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं। जिसके चलते उसका पासपोर्ट बन गया। आरोपी का 17 जून 2021 को पासपोर्ट बना था। पंजाब पुलिस ने आरोपी को भगौड़ा घोषित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। भगवत सिंह ने कहा की फरवरी तक आरोपी भगौड़ा घोषित हो जाएगा। अपराध शाखा जालंधर के प्रभारी भगवंत सिंह ने चंडीगढ़ आरपीओ को शिकायत में बताया की आरोपी हिमांश के खिलाफ सीबीआई और ईडी में भी मामले दर्ज हैं।
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21 अक्तूबर को हिमांश को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। आरोपी हिमांश वर्मा पर लोगों को विदेश भेजने के नाम पर 80 लाख रुपये की धोखाधड़ी का आरोप था। उसकी मां चंद्रकांता, साथी पृथ्वी सिंह और मनीमाजरा निवासी सौरव गाबा भी आरोपी हैं। इनके खिलाफ जालंधर के नई बारादरी थाने में केस दर्ज है। पुलिस पृथ्वी सिंह को भी पकड़ चुकी है, जबकि सौरव गाबा फरार है। इस मामले में अक्तूबर में गिरफ्तारी के बाद पंजाब पुलिस आरोपी को लेकर उसकी मां को गिरफ्तार करने सेक्टर-8 उसके घर आई थी। लेकिन, आरोपी पुलिस सिपाही को धक्का देकर फरार हो गया था।
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पहले से दर्ज हैं पांच केस, चार धोखाधड़ी
हिमांश पर लाखों की धोखाधड़ी के मामले में पहले से ही चार केस दर्ज हैं। जबकि, एक केस चंडीगढ़ में पुलिस हिरासत से भागने का दर्ज हुआ। भगवत सिंह ने बताया कि आरोपी ने जालंधर के लोगों से विदेश भेजने के नाम पर धोखाधड़ी की थी। पीड़ित रोबिन तलवार की शिकायत पर आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। रोबिन भी इमिग्रेशन का काम करता है। रोबिन ने कुछ युवकों का स्टूडेंट वीजा लगवाने के लिए हिमांश को रुपये दिए थे।
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