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बड़ा बदलावः डीजल इंजन वाली डीएमयू के 25 साल पूरे होने पर नई शुरुआत, अब दौड़ेगी ईएमयू ट्रेन
Fri, 06 Dec 2019 11:18 AM IST
खुशबू गोयल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जालंधर(पंजाब)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जालंधर(पंजाब)
Published by: खुशबू गोयल
Updated Fri, 06 Dec 2019 11:18 AM IST
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अमृतसर रेलवे स्टेशन
- फोटो : File Photo
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डीएमयू सेवा के 25 साल पूरे होने पर नॉर्दर्न रेलवे ने एक नई शुरुआत की और ईएमयू (इलेक्ट्रिक मल्टीपल यूनिट) पैसेंजर रेल गाड़ी का उद्घाटन किया। नॉर्दर्न रेलवे के जीएम टीपी सिंह ने डीईएमयू शेड में नई ट्रेन की शुरुआत की। इसके अलावा उन्होंने एक नई रिलीफ मेडिकल वैन का भी उद्घाटन किया। नई चली ईएमयू ट्रेन में करीब 1400 यात्री सफर करेंगे।
जानकारी के अनुसार, पंजाब में पहली बार शुरू हुई रेलवे की डीएमयू सेवा के वीरवार को 25 साल पूरे हो गए हैं। डीएमयू की रजत जयंती पर रेलवे प्रशासन की तरफ से ईएमयू पैसेंजर रेल गाड़ी और रिलीफ मेडिकल वैन की शुरुआत की गई। वर्ष 1994 में पहली बार जालंधर से होशियारपुर के लिए डीएमयू चलाई गई थी।
जालंधर की डीईएमयू शेड भारतीय रेलवे की सबसे बड़ी और पुरानी शेड है। नई शुरू हुई ईएमयू ट्रेन अमृतसर अंबाला रूट पर चलाई जाएगी। इस रूट पर पहले डीएमयू ट्रेन चलती थी। ईएमयू इलेक्ट्रिक ट्रेन है जोकि बिजली से चलेगी जबकि डीएमयू को डीजल पर चलाया जाता है। नई ट्रेन की शुरुआत से डीजल की खपत बचेगी।
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इसके अलावा रेलवे ने एक मेमो ट्रेन को भी तैयार किया है। उसको भी किसी रूट पर चलाया जाएगा। मौके पर डीआरएम राजेश अग्रवाल, सीनियर डीएमई राकेश सैनी समेत तमाम रेलवे अधिकारी और कर्मचारी मौजूद थे। नई ट्रेनों का उद्घाटन करने के बाद जीएम टीपी सिंह ने जालंधर कैंट में स्थित ब्रिज वर्कशाप का भी दौरा किया। इसके बाद अमृतसर के लिए रवाना हो गए।
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जानकारी के अनुसार, पंजाब में पहली बार शुरू हुई रेलवे की डीएमयू सेवा के वीरवार को 25 साल पूरे हो गए हैं। डीएमयू की रजत जयंती पर रेलवे प्रशासन की तरफ से ईएमयू पैसेंजर रेल गाड़ी और रिलीफ मेडिकल वैन की शुरुआत की गई। वर्ष 1994 में पहली बार जालंधर से होशियारपुर के लिए डीएमयू चलाई गई थी।
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जालंधर की डीईएमयू शेड भारतीय रेलवे की सबसे बड़ी और पुरानी शेड है। नई शुरू हुई ईएमयू ट्रेन अमृतसर अंबाला रूट पर चलाई जाएगी। इस रूट पर पहले डीएमयू ट्रेन चलती थी। ईएमयू इलेक्ट्रिक ट्रेन है जोकि बिजली से चलेगी जबकि डीएमयू को डीजल पर चलाया जाता है। नई ट्रेन की शुरुआत से डीजल की खपत बचेगी।
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इसके अलावा रेलवे ने एक मेमो ट्रेन को भी तैयार किया है। उसको भी किसी रूट पर चलाया जाएगा। मौके पर डीआरएम राजेश अग्रवाल, सीनियर डीएमई राकेश सैनी समेत तमाम रेलवे अधिकारी और कर्मचारी मौजूद थे। नई ट्रेनों का उद्घाटन करने के बाद जीएम टीपी सिंह ने जालंधर कैंट में स्थित ब्रिज वर्कशाप का भी दौरा किया। इसके बाद अमृतसर के लिए रवाना हो गए।
फिरोजपुर मंडल में तैनात होगी मेडिकल बोगी
डीएमयू की रजत जंयती पर चलाई गई मेडिकल बोगी (रिलीफ मेडिकल वैन ) को फिरोजपुर मंडल में तैनात किया गया है। यह रेसक्यू मेडिकल वैन के तौर पर काम करेगी। इस बोगी को तैनात करने का मुख्य उद्देश्य रेल दुर्घटना के दौरान घायल यात्रियों को तुरंत मेडिकल सुविधा उपलब्ध करवाना है।
बोगी की विशेषता है कि स्वचालित होने के कारण घटनास्थल पर पहुंचने में समय की बचत होगी। इसके लिए इंजन की अलग से व्यवस्था नहीं करनी होगी। इसमें तीन डिब्बे होंगे जिनमें ऑपरेशन थियेटर सहित चिकित्सा सुविधाएं मुहैया करवाई जाएंगी। एक डिब्बा स्टाफ के लिए और एक उपकरणों के लिए होगा।
बोगी की विशेषता है कि स्वचालित होने के कारण घटनास्थल पर पहुंचने में समय की बचत होगी। इसके लिए इंजन की अलग से व्यवस्था नहीं करनी होगी। इसमें तीन डिब्बे होंगे जिनमें ऑपरेशन थियेटर सहित चिकित्सा सुविधाएं मुहैया करवाई जाएंगी। एक डिब्बा स्टाफ के लिए और एक उपकरणों के लिए होगा।