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हाईकोर्ट ने कहा: मंजिल के आधार पर नहीं बेच सकते संपत्ति का हिस्सा, विज्ञापन देने वालों पर करें कार्रवाई

Wed, 24 Nov 2021 04:10 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Wed, 24 Nov 2021 04:10 PM IST
सार

हाईकोर्ट ने प्रशासन को फटकार लगाते हुए कहा कि एक ओर प्रशासन यह कहकर कि फ्लोर के अनुसार रजिस्ट्री नहीं की जा रही है, संतुष्ट होकर बैठा रहा और दूसरी ओर अखबार मंजिल के आधार पर स्थान दिलाने के विज्ञापन से भरे हुए थे। प्रशासन की नाक के नीचे यह सब चलता रहा और प्रशासन आंखें मूंदे बैठा रहा। हाईकोर्ट ने कहा कि इस सब से यह स्पष्ट होता है कि प्रशासन अपने दायित्व के निर्वहन में नाकाम रहा।

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Part of the property can not be sold on the basis of floor says Punjab and Haryana high court
प्रतीकात्मक तस्वीर

विस्तार

पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने मंगलवार को अहम फैसला सुनाते हुए यह स्पष्ट कर दिया कि यदि कोई अपनी अचल संपत्ति का हिस्सा बेचना चाहता है तो वह उसे मंजिल के आधार पर नहीं बेच सकता। साथ ही हाईकोर्ट ने कहा कि अखबारों में विज्ञापन भरे पड़े हैं, जो मंजिल के आधार पर संपत्ति का हिस्सा बेचने के हैं। इस प्रकार का विज्ञापन जारी करने वालों के खिलाफ प्रशासन कानूनी कार्रवाई करे।

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बता दें कि हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन ने कहा था कि चंडीगढ़ में अपार्टमेंट का प्रावधान न होने के बावजूद लोग अपनी अचल संपत्ति का हिस्सा बेचने के बहाने पूरी मंजिल बेच रहे हैं। साथ ही नियम के अनुसार, एक प्लॉट एक परिवार के लिए है और ऐसे में परिवार के बाहर के किसी व्यक्ति को उसका हिस्सा नहीं बेचा जा सकता। वहीं, अपने जवाब में प्रशासन ने कहा था कि उन्होंने 2007 के बाद किसी भी इमारत में मंजिल के अनुसार रजिस्ट्री की अनुमति नहीं दी है। हाईकोर्ट ने सभी पक्षों को सुनने के बाद इस मामले में अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था।
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मंगलवार को हाईकोर्ट ने अपना फैसला सुनाते हुए याचिका को खारिज कर दिया। हाईकोर्ट ने कहा कि जो भी व्यक्ति किसी संपत्ति में हिस्सा खरीदता है तो वह उस प्रापर्टी में एक हिस्सेदार बन जाता है। मंजिल के अनुसार मकान बेचना नहीं है, यह उनकी आपसी सहमति है कि उसे उस संपत्ति के किस हिस्से में रहना है। प्रशासन इस प्रकार से उस हिस्से का स्वामित्व खरीददार को नहीं देता है। किसी भी विवाद की स्थिति में संपत्ति को बेचने पर हिस्सा दिया जा सकता है। हिस्सा खरीदने वाला संपत्ति में हिस्सेदार है लेकिन वह किसी स्थान के स्वामित्व पर दावा नहीं कर सकता। इसके साथ ही हाईकोर्ट ने कहा कि मास्टर प्लान को देखें तो यह स्पष्ट होता है कि एक प्लॉट एक परिवार के लिए नहीं है। प्रत्येक प्लॉट पर तीन मंजिल का निर्माण किया जा सकता है और हर मंजिल एक अलग यूनिट होगी।
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प्रशासन करे प्रचार, ताकि न हो कोई धोखाधड़ी का शिकार
हाईकोर्ट ने कहा कि बहुत पहले प्रशासन से कहा था कि वह विज्ञापन जारी कर इस बारे में लोगों को अवगत करवाए लेकिन आज की तारीख तक कुछ नहीं किया गया। हर बार कह दिया जाता है कि इस बारे में विचार-विमर्श किया जा रहा है। हाईकोर्ट ने अब प्रशासन को आदेश दिया कि संपत्ति में स्वामित्व व हिस्सा लेने की स्थिति पर प्रशासन लोगों को जागरूक करे ताकि वह धोखाधड़ी से बच सकें।

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