{"_id":"64482c6c93aabba0fe0afa27","slug":"parkash-singh-badal-had-established-maharaja-ranjit-singh-armed-forces-preparatory-institute-in-mohali-2023-04-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Parkash Singh Badal: दिल में बसते थे किसान और जवान, सेना में घटे अधिकारी तो मोहाली में खोल दिया था संस्थान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Parkash Singh Badal: दिल में बसते थे किसान और जवान, सेना में घटे अधिकारी तो मोहाली में खोल दिया था संस्थान
Wed, 26 Apr 2023 01:13 AM IST
ajay kumar
अमित शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़
अमित शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Wed, 26 Apr 2023 01:13 AM IST
सार
भाजपा नेता अरुण शर्मा बताते हैं कि जैसे ही यह पता चला कि सेना में पंजाबी अधिकारियों की कमी हो गई है तो मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने तुरंत सेवानिवृत्त अधिकारियों, विशेषज्ञों संग बैठक की और मोहाली में नया संस्थान खोला।
विज्ञापन
प्रकाश सिंह बादल।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के दिल में हमेशा किसान और जवान बसते थे। जब तक वह सत्ता में रहे, उन्होंने किसानों और जवानों के लिए हमेशा काम किया। उनकी बेहतरी के लिए योजनाएं बनाईं। सेना में जब पंजाबी अफसरों की कमी हो गई तो युवाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए मोहाली में इंस्टीट्यूट की स्थापना की, जो उन्हें कोचिंग देती है। इसी तरह उन्होंने सूबे में एग्रीकल्चर समिट करवाई।
विज्ञापन
साल 2010 तक सेना में मात्र दो फीसदी पंजाबी अधिकारी रह गए थे। पंजाब का युवा विदेश भाग रहा था। उस समय राज्य में अकाली-भाजपा की सरकार थी। भाजपा नेता अरुण शर्मा बताते हैं कि जैसे ही यह पता चला कि सेना में पंजाबी अधिकारियों की कमी हो गई है तो मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने तुरंत सेवानिवृत्त अधिकारियों, विशेषज्ञों संग बैठक की।
विज्ञापन
सेना में पंजाबी अधिकारियों की संख्या बढ़ाने पर मंथन हुआ। बैठक में लोगों ने सलाह दी कि युवाओं को सेना में चयन के लिए मुफ्त कोचिंग की व्यवस्था की जाए। इसके लिए एक इंस्टीट्यूट खोला जाए। इसके बाद बादल ने मोहाली में महाराजा रणजीत सिंह आर्म्ड फोर्सेज प्रिपेरटरी इंस्टीट्यूट स्थापित किया। यहां पर केवल पंजाब के मेरिट में आने वाले युवाओं को सेना में शामिल होने की फ्री कोचिंग दी जाती है। इसके बाद सेना में पंजाबी अफसरों का दबदबा बढ़ना शुरू हुआ। अब तक महाराजा रणजीत सिंह आर्म्ड फोर्सेज प्रिपेरटरी इंस्टीट्यूट से 169 युवा सेना में अधिकारी बन चुके हैं।
विज्ञापन
कांग्रेस नेता राजवंत राय शर्मा ने बताया कि शिरोमणि अकाली दल और भाजपा की सरकार थी तो उन्होंने इंटरनेशनल स्तर पर एग्रीकल्चर समिट करवाई। जिसमें 72 से अधिक देशों से कंपनियां मशीनरी लेकर पहुंचीं। कई बड़े माहिर आए लेकिन ऐन मौके पर मौसम खराब हो गया। ऐसे में फेज-11 की एसी मंडी में समागम करवाया गया। राजनीतिक माहिर जगदीप सिंह बताते हैं कि उन्होंने अपने जीवन में कई नेता देखे लेकिन बादल जैसा कोई दिग्गज नहीं सकता है। राजनीतिक दलों को किसानों के बारे में सोचना प्रकाश सिंह बादल ने सिखाया है।