फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Panelty to UT Administration

यूटी प्रशासन को जुर्माना और फटकार

Sat, 12 Jul 2014 09:19 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Sat, 12 Jul 2014 09:19 AM IST
विज्ञापन
Panelty to UT Administration

महिलाओं से छेड़छाड़ के मामले में पिछले साल बने कानून को पूरी तरह लागू कराने के लिए दायर याचिका पर जवाब न देने पर पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने यूटी प्रशासन पर पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।

विज्ञापन


लॉयर्स फॉर ह्यूमन राइट्स इंटरनेशनल नामक संस्था के पदाधिकारी एडवोकेट नवकिरन सिंह ने याचिका दायर की थी कि इस कानून को सख्ती से लागू कराया जाए।

इस संबंध में पंजाब सरकार ने जवाब दायर किया कि पंजाब में विज्ञापन देकर लोगों को जागरूक किया जा रहा है। महिलाओं की सुरक्षा के मद्देनजर विशेष बसें भी चलाई गई हैं।
विज्ञापन


इसी प्रकार हरियाणा सरकार ने भी कहा कि विज्ञापन जारी करके लोगों को जागरूक किया जा रहा है। इसी संबंध में यूटी के जवाब न देने पर जुर्माना लगाया गया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

नाइट फूड स्ट्रीट पर सुरक्षा के निर्देश

Panelty to UT Administration

हाईकोर्ट ने पीजीआई के सामने पीयू के बाहर नाइट फूड पर सुरक्षा प्रबंध पुख्ता बनाने का निर्देश दिया है। यह निर्देश एमिकस क्युरे अतुल लखनपाल द्वारा सुरक्षा प्रबंध न होने की जानकारी हाईकोर्ट को देने पर जारी किए गए हैं।

लखनपाल ने कहा है कि नाइट फूड स्ट्रीट पर देर रात तक लोग आते रहते हैं, लेकिन प्रशासन सुरक्षा व्यवस्था कायम नहीं कर सका है। दूसरी ओर प्रशासन ने कहा कि पीसीआर दौरा करती है और सुरक्षा की महीने में एक बार समीक्षा भी की जाती है।

इस पर बेंच ने कहा कि सुरक्षा व्यवस्था में कोताही बर्दाश्त नहीं होगी। हाईकोर्ट इससे पहले नाइट फूड स्ट्रीट पर क्लोज सर्किट टीवी कैमरे लगाने का निर्देश जारी कर चुका है और साथ में महिला पुलिस की तैनाती सुनिश्चित बनाने को भी कहा था।

सेक्टर-39 मंडी पर हाईकोर्ट की फटकार

Panelty to UT Administration

पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस अजय तिवारी की विशेष बेंच ने सेक्टर-39 अनाज मंडी प्रोजेक्ट में देरी पर चंडीगढ़ प्रशासन और चंडीगढ़ नगर निगम को कड़ी फटकार लगाई है।

बेंच ने कहा कि पिछले साल अक्तूबर में तीन हफ्ते के भीतर कार्रवाई का आदेश दिया था, लेकिन अब तक कुछ नहीं हुआ। प्रोजेक्ट को जानबूझ कर लटकाया जा रहा है।

बेंच ने वित्त सचिव और सचिव मार्केटिंग बोर्ड को मामले की अगली सुनवाई से पहले कार्रवाई न होने पर निजी तौर पर पेश होकर जवाब देने का निर्देश दिया है।

दूसरी ओर, सेक्टर-26 सब्जी मंडी के मामले में बेंच को बताया गया कि मार्केट कमेटी चेयरमैन से टैक्स चोरी की वसूली नहीं हो पाई है। चेयरमैन पर वाइस चेयरमैन ने ही मार्केट फीस की चोरी और रेहड़ी-फड़ी वालों से हफ्ता वसूली का आरोप लगाया था।

चेयरमैन के खिलाफ एग्रिकल्चर सेक्रेटरी ने सात जनवरी को जांच शुरू की थी, लेकिन बाद में उसके खिलाफ कार्रवाई रोक दी गई थी और जांच दोबारा शुरू की गई थी।

मंडी की बदहाली पर हाईकोर्ट ने पिछली सुनवाई पर तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा था कि सुधार तभी संभव है, जब मार्केटिंग कमेटी से राजनेता बाहर होंगे, क्योंकि यहां माफिया राज चलता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed